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राजस्थान के बुटाटी धाम में रोज़ तीन हजार लोगों की मुफ्त सेवा, आस्था और सहयोग की अनूठी मिसालधर्म
25 जून 2026, 6:05 am (45 दिन पहले)· 3

राजस्थान के बुटाटी धाम में रोज़ तीन हजार लोगों की मुफ्त सेवा, आस्था और सहयोग की अनूठी मिसाल

नागौर का बुटाटी धाम लकवा के मरीजों की आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां श्रद्धालु खुद रसोई से लेकर सफाई तक हर इंतजाम संभालते हैं और रोज़ करीब तीन हजार लोगों को निशुल्क भोजन मिलता है।

नागौर जिले में बसा श्री चतुरदास महाराज मंदिर, जिसे लोग बुटाटी धाम के नाम से जानते हैं, आज देशभर में आस्था और सेवा की एक बड़ी पहचान बन चुका है। मान्यता है कि यहां लकवे से पीड़ित मरीज अगर सात दिन तक पूरी श्रद्धा के साथ मंदिर की आरती में शामिल हों, तो वे पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। यही गहरा विश्वास हर रोज़ यहां मरीजों और उनके परिजनों की बड़ी भीड़ खींच लाता है। राजस्थान ही नहीं, देश के कोने-कोने से लोग अपने मरीजों को लेकर इसी उम्मीद के साथ बुटाटी धाम पहुंचते हैं।

सिर्फ आस्था नहीं, सेवा की मिसाल भी

यह जगह चमत्कारिक इलाज की मान्यता के साथ-साथ अपनी अनोखी सेवा व्यवस्था के लिए भी जानी जाती है। मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों के रहने और भोजन का पूरा इंतजाम मंदिर समिति की ओर से बिल्कुल निशुल्क किया जाता है। सबसे खास बात यह है कि इतनी बड़ी व्यवस्था को चलाने में खुद श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। हर दिन करीब 500 से ज्यादा श्रद्धालु अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हैं। सात दिन की परिक्रमा पूरी करके लौटने वाले भक्तों की जगह नए श्रद्धालु तुरंत सेवा में जुट जाते हैं, और इस तरह सेवा का यह सिलसिला बिना रुके चलता रहता है।

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आधुनिक मशीनों और श्रमदान का मेल है रसोई

मंदिर की भोजनशाला में सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोलियां भोजन बनाने में जुट जाती हैं। कोई सब्जियां काट रहा होता है तो कोई बड़े-बड़े बर्तनों में खाना पकाता है। यहां आधुनिक सुविधाओं और भक्तों के श्रमदान का अनूठा संगम देखने को मिलता है। रोटी बनाने के लिए मंदिर में तीन मशीनें लगाई गई हैं, जिन पर श्रद्धालु खुद रोटियां सेकते और व्यवस्थित करते हैं। दूसरी ओर सब्जियां पकाने के लिए लकड़ी की भट्टियों का इस्तेमाल होता है। परिसर में लगी आटा पीसने की चक्की पर भी श्रद्धालु अपनी सेवाएं देते हैं, ताकि रोज़ ताजा और शुद्ध आटा भोजन के लिए तैयार रहे।

जहां अनजान भी बन जाते हैं अपने

सेवा में जुटे श्रद्धालु बताते हैं कि बुटाटी धाम में आकर किसी पराए स्थान का एहसास ही नहीं होता। यहां सभी लोग एक परिवार की तरह मिल-जुलकर काम करते हैं। उनके लिए भोजन बनाना, परोसना और दूसरी व्यवस्थाओं में हाथ बंटाना सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक संतोष पाने का जरिया है। उनका मानना है कि निःस्वार्थ भाव से की गई इस सेवा से उन्हें बहुत मानसिक शांति और आत्मिक आनंद मिलता है।

स्वच्छता और अनुशासन की पहचान

श्रद्धालुओं का योगदान सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं रहता। सात दिन की परिक्रमा के दौरान आने वाले भक्त मंदिर परिसर की साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखते हैं। झाड़ू लगाना, कचरा इकट्ठा करना और पूरे परिसर को साफ-सुथरा रखना जैसे काम भी भक्त अपनी मर्जी से करते हैं। यही वजह है कि यहां स्वच्छता और अनुशासन की बेहतरीन मिसाल देखने को मिलती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि बुटाटी धाम में हर दिन करीब तीन हजार श्रद्धालुओं और मरीजों के लिए सुबह की चाय-नाश्ते से लेकर दोनों समय के भोजन तक का इंतजाम किया जाता है। सीमित कर्मचारियों के बावजूद श्रद्धालुओं के भरपूर सहयोग से यह विशाल काम आसानी से चलता रहता है। बुटाटी धाम आज सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामूहिक सेवा, सहयोग और मानवता की एक बड़ी मिसाल बनकर उभर रहा है।

सवाल-जवाब

बुटाटी धाम कहां स्थित है?
यह राजस्थान के नागौर जिले में स्थित है और इसे श्री चतुरदास महाराज मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
यहां किस बीमारी के इलाज की मान्यता है?
मान्यता के अनुसार यहां लकवे से पीड़ित मरीजों का इलाज होता है।
मान्यता के अनुसार मरीज को कितने दिन रुकना होता है?
माना जाता है कि अगर मरीज सात दिन तक पूरी श्रद्धा से आरती में शामिल हो, तो वह पूरी तरह ठीक हो जाता है।
क्या यहां रहने और खाने का पैसा लगता है?
नहीं, मरीजों और उनके परिजनों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था मंदिर समिति की ओर से पूरी तरह निशुल्क है।
रोज़ कितने लोगों के भोजन की व्यवस्था होती है?
हर दिन करीब तीन हजार श्रद्धालुओं और मरीजों के लिए चाय-नाश्ते से लेकर दोनों समय के भोजन का इंतजाम किया जाता है।
सेवा का काम कौन संभालता है?
हर दिन करीब 500 से ज्यादा श्रद्धालु खुद भोजन बनाने, परोसने और सफाई जैसे कामों की जिम्मेदारी संभालते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष कौन हैं?
मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह हैं, जिन्होंने यहां की भोजन व्यवस्था की जानकारी दी।
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