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रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय लगाएं 3 या 5 गांठें, जानें इसके धार्मिक और आध्यात्मिक मायनेधर्म
24 अग॰ 2026, 10:56 am (2 घंटे पहले)· 2

रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय लगाएं 3 या 5 गांठें, जानें इसके धार्मिक और आध्यात्मिक मायने

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय गांठ लगाने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तीन या पांच गांठें लगाना बेहद शुभ माना जाता है, जो त्रिदेवों और पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

भाई और बहन के बीच स्नेह और अटूट विश्वास का पर्व रक्षाबंधन हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है, और इस बार यह पावन अवसर 28 अगस्त दिन शुक्रवार को पड़ रहा है। त्योहार के नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है और घरों में भी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। खास बात यह है कि इस रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है, लेकिन यह भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए देश में इस दौरान किसी भी प्रकार के सूतक काल या बाधा का असर नहीं होगा और बहनें बिना किसी झिझक या परेशानी के अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र सजा सकेंगी। इस खूबसूरत पर्व पर कई तरह की परंपराओं का पालन किया जाता है, जिनमें से एक अहम नियम राखी में गांठ लगाना भी है। क्या आपने कभी सोचा है कि भाई के हाथ में राखी बांधते वक्त आखिर कितनी गांठें लगानी चाहिए और इन गांठों का हमारे देवी-देवताओं से क्या संबंध है?

रक्षाबंधन पर राखी की गांठ का महत्व

भाई-बहन के इस पावन रिश्ते में जब बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं, तो यह केवल एक धागा नहीं बल्कि एक मजबूत और भावनात्मक बंधन होता है जो जीवनभर साथ निभाता है। इस दौरान बहनें भाइयों की लंबी उम्र, अच्छी सेहत, सुख, तरक्की और समृद्धि की कामना करती हैं, जिसके बदले भाई उन्हें जीवनभर रक्षा करने का वचन देते हैं और उपहार भेंट करते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि राखी बांधते समय आखिर कितनी गांठें लगानी चाहिए। इस विषय को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अपनी-अपनी परंपराएं चली आ रही हैं। कुछ जगहों पर तीन गांठें बांधने का नियम है, तो कई परिवारों में पांच गांठें लगाने की प्रथा है, और दोनों ही तरीकों को बहुत शुभ माना जाता है।

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राखी की तीन गांठें और त्रिदेवों का आशीर्वाद

कई परंपराओं के अनुसार भाई की कलाई पर राखी बांधते वक्त तीन गांठें लगाने का विधान है। इन तीनों गांठों को हिंदू धर्म के प्रमुख त्रिदेव यानी भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। ऐसी गहरी मान्यता है कि इन तीनों महान देवताओं की कृपा से भाई के जीवन में हमेशा सुख-शांति, समृद्धि और सुरक्षा बनी रहती है। पहली गांठ को सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा को समर्पित माना जाता है, जो भाई के जीवन में नई खुशियों, रचनात्मकता और अच्छे विचारों को जन्म देती है, जिससे उसकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। दूसरी गांठ जगत के पालनहार भगवान विष्णु का प्रतीक है, जो भाई को सभी प्रकार के संकटों और परेशानियों से सुरक्षित रखती है और जीवन में स्थिरता लाती है। तीसरी गांठ संहारक भगवान शिव को समर्पित होती है, जो जीवन से हर तरह की नकारात्मकता, बाधाओं और बुराइयों को दूर कर भाई को हर मोड़ पर मजबूत और अडिग बनाती है.

राखी की पांच गांठें और पंचतत्वों का प्रभाव

दूसरी तरफ, कई अन्य परंपराओं और परिवारों में भाई को राखी बांधते समय पांच गांठें लगाना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। ये पांचों गांठें प्रकृति के पांच मूल आधार यानी पंचतत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु का प्रतिनिधित्व करती हैं। पहली गांठ पृथ्वी का प्रतीक है, जो भाई के स्वभाव में धैर्य और स्थिरता लाती है। दूसरी गांठ जल को समर्पित है, जो जीवन में शीतलता, सरलता और कोमलता प्रदान करती है। तीसरी गांठ अग्नि का प्रतीक मानी जाती है, जिससे भाई के भीतर साहस, पराक्रम, ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। चौथी गांठ वायु का प्रतीक है, जो स्वतंत्र विचारों, सकारात्मकता और निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देती है। वहीं, पांचवीं और अंतिम गांठ आकाश को समर्पित होती है, जो भाई के जीवन में अपार सफलता, नई संभावनाएं और एक विशाल हृदय का आशीर्वाद लेकर आती है।

तीन या पांच गांठ: कौन सा नियम है सही

अगर आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि भाई की कलाई पर कितनी गांठें लगानी चाहिए, तो आपको बता दें कि आप अपनी पारिवारिक परंपरा और मान्यता के अनुसार तीन या पांच दोनों में से कोई भी विकल्प चुन सकती हैं। तीन गांठें जहां त्रिदेवों का आशीर्वाद दिलाती हैं, वहीं पांच गांठें पंचतत्वों के जरिए जीवन को संतुलित करती हैं। आप अपने परिवार में चली आ रही रीति-रिवाजों के आधार पर सही संख्या का चुनाव कर सकती हैं।

सवाल-जवाब

इस साल रक्षाबंधन किस दिन मनाया जाएगा?
इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
क्या इस रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का कोई प्रभाव पड़ेगा?
इस रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण लगने वाला है, लेकिन वह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए देश में इसका कोई असर नहीं होगा।
राखी बांधते समय कितनी गांठें लगानी चाहिए?
राखी बांधते समय अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार 3 या 5 गांठें लगाई जा सकती हैं।
राखी की तीन गांठें किसका प्रतीक होती हैं?
राखी की तीन गांठें त्रिदेव यानी भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का प्रतीक मानी जाती हैं।
राखी की पांच गांठें किन तत्वों को दर्शाती हैं?
राखी की पांच गांठें पंचतत्वों यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु का प्रतिनिधित्व करती हैं।
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