अमेरिका में नेवाडा-कैलिफोर्निया सीमा पर लगी भयंकर जंगल की आग, छह घायल और बयालीस हजार लोग विस्थापितनीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड आज होंगे जारी, परीक्षा हॉल में तकनीकी खराबी आने पर लागू हैं खास नियमदिल्ली में दिन में छाया अंधेरा और भारी बारिश, चार राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारीलंबी उम्र का राज: डॉक्टर प्रसून चटर्जी के ये 7 अचूक नियम, साठ की उम्र में भी रहेंगे एकदम फिट और जवानअमेरिकी डॉलर पर दबाव और अमेरिकी ट्रेजरी के फैसलों से क्या है इंडोनेशियाई रुपिया का हालजमशेदपुर की राधिका का कमाल, खाने की चीजों जैसी दिखने वाली मोमबत्तियां देख खा जाएंगे धोखापश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में पूर्व TMC पार्षद शशांक शेखर मंडल के घर पर फूटा लोगों का गुस्सा, जमकर तोड़फोड़ के बाद हुई गिरफ्तारीमहंगाई की मार: प्याज के दाम हुए 60 रुपये प्रति किलो, चीनी भी हुई महंगीप्रोटोकॉल 27 अपग्रेड के बीच पाई नेटवर्क की चाल सुस्त, कीमत 0.10 डॉलर से नीचे फिसलीऑपरेशन सिंदूर के बाद रुकी थीं शादियां, अब भारत पहुंचीं 150 पाकिस्तानी दुल्हनें
भीलवाड़ा का अनोखा शिव मंदिर: 21 हजार लीटर गंगाजल से हुआ सहस्त्रधारा महाअभिषेकधर्म
24 अग॰ 2026, 10:27 am (1 घंटे पहले)· 2

भीलवाड़ा का अनोखा शिव मंदिर: 21 हजार लीटर गंगाजल से हुआ सहस्त्रधारा महाअभिषेक

भीलवाड़ा के पेच एरिया हनुमान मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को 21 हजार लीटर गंगाजल से भगवान शिव का भव्य महाअभिषेक किया गया। इस अनूठी परंपरा में शामिल होने के लिए दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।

भीलवाड़ा में एक ऐसा धार्मिक स्थल है जहाँ की परंपरा और आस्था का रूप बेहद अनूठा और खास माना जाता है। यहाँ के प्रसिद्ध बालाजी मार्केट क्षेत्र में स्थित पेच एरिया हनुमान मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर भक्ति भाव का एक अद्भुत और भव्य नजारा देखने को मिला। इस धार्मिक स्थल पर भगवान भोलेनाथ का कुल 21 हजार लीटर पवित्र गंगाजल के जरिए सहस्त्रधारा महाअभिषेक पूरी विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। इस पूरे अनुष्ठान के दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गूंजते जयकारों से पूरी तरह सराबोर नजर आया।

हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से मंगाया गया था गंगाजल

मंदिर के मुख्य पुजारी आशुतोष शर्मा ने इस परंपरा के बारे में विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया कि हर साल सावन के पवित्र महीने में इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करने की पुरानी परंपरा चली आ रही है। इस विशेष महाअभिषेक को पूर्ण करने के उद्देश्य से हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर से बड़े-बड़े कंटेनरों की सहायता से कुल 21 हजार लीटर शुद्ध गंगाजल भीलवाड़ा तक पहुँचाया गया था। जैसे ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान के साथ गंगाजल की सहस्त्रधाराएं भगवान शिव के ऊपर अर्पित की जाने लगीं, वहाँ मौजूद सभी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम सीमा पर पहुँच गया और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

ये भी पढ़ें

महाआरती और फूलों से हुआ भव्य श्रृंगार

इस महाअभिषेक के मुख्य कार्यक्रम के शुरू होने से पहले मंदिर में विराजमान श्री हनुमान जी और भगवान शिव की बहुत ही भव्य महाआरती उतारी गई। इस विशेष अवसर पर ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक बैंड-बाजे की मधुर धुनों पर भक्त जन आनंद से झूमते हुए नजर आए। मंदिर के पूरे परिसर को देश-विदेश से मंगाए गए भांति-भांति के सुगंधित फूलों और रंग-बिरंगी आकर्षक रोशनी से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया था। सुबह तड़के से ही इस अलौकिक दर्शन को पाने और महाअभिषेक का पुण्य लाभ हासिल करने के लिए भीलवाड़ा शहर के साथ-साथ आसपास के तमाम इलाकों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुँचना शुरू हो गए थे।

प्रसाद के रूप में बांटा गया पवित्र गंगाजल

भगवान शिव का यह महाअभिषेक सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद मंदिर समिति की तरफ से वहाँ मौजूद सभी श्रद्धालुओं के बीच उस पवित्र गंगाजल को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। उपस्थित भक्तों ने बहुत ही श्रद्धा और भाव के साथ इस प्रसाद रूपी गंगाजल को ग्रहण किया और अपने-अपने घरों के लिए साथ लेकर गए। बरसों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा के दर्शन करने और इसमें अपनी सहभागिता निभाने के लिए भीलवाड़ा के इस पावन मंदिर में पूरे दिन भर आस्था का भारी सैलाब उमड़ता रहा।

सवाल-जवाब

यह महाअभिषेक भीलवाड़ा के किस मंदिर में आयोजित किया गया?
यह भव्य महाअभिषेक भीलवाड़ा के बालाजी मार्केट स्थित पेच एरिया हनुमान मंदिर में आयोजित किया गया।
महाअभिषेक के लिए कुल कितना गंगाजल मंगाया गया था?
इस विशेष अनुष्ठान के लिए 21 हजार लीटर पवित्र गंगाजल मंगाया गया था।
गंगाजल को किन स्थानों से भीलवाड़ा लाया गया था?
गंगाजल को हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर से बड़े कंटेनरों के माध्यम से लाया गया था।
मंदिर के मुख्य पुजारी कौन हैं?
मंदिर के मुख्य पुजारी आशुतोष शर्मा हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR