सिनसिताटी ओपन के फाइनल मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी कोको गॉफ ने अपनी ही देश की जेसिका पेगुला को मात देकर वर्ष 2026 का अपना पहला खिताब अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी जीत के साथ ही उन्होंने आगामी यूएस ओपन से पहले अपनी जबरदस्त फॉर्म और मजबूत इरादों का स्पष्ट संदेश दे दिया है।
मैदान पर उतरीं 22 वर्षीय खिलाड़ी कोको गॉफ ने अपने अनुभव और कौशल का पूरा प्रदर्शन करते हुए केवल एक घंटे और 14 मिनट के भीतर ही जेसिका पेगुला को 6-2 और 6-4 के सीधे सेटों में शिकस्त दे दी। इस शानदार जीत के साथ ही वह इस प्रतिष्ठित डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट में दो बार चैंपियन बनने वाली इतिहास की मात्र तीसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस विशिष्ट सूची में उनके साथ सेरेना विलियम्स और विक्टोरिया अजारेंका जैसी दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं।
टेनिस प्रेमियों को अच्छी तरह याद होगा कि जब कोको गॉफ ने साल 2023 में सिनसिताटी की ट्रॉफी जीती थी, तो उसके ठीक तीन सप्ताह बाद उन्होंने यूएस ओपन में अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब भी जीत लिया था। पिछले साल अक्टूबर में वुहान में मिली खिताबी सफलता के बाद यह उनका पहला डब्ल्यूटीए खिताब है, जिसने दो बार की मेजर विजेता को एक बार फिर फ्लशिंग मीडोज का प्रबल दावेदार बना दिया है।
अपनी इस बड़ी जीत के बाद बातचीत करते हुए दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी कोको गॉफ ने कहा कि हर मैच के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्होंने अपनी मेहनत तथा अभ्यास पर पूरा भरोसा रखा। उन्होंने माना कि न्यूयॉर्क में मुकाबला कठिन होने वाला है, लेकिन इस हफ्ते के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें यह विश्वास दिला दिया है कि खराब खेल के बावजूद वे जीत हासिल करना जानती हैं।
दूसरी ओर, पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में आर्थर फिल्स ने भी इतिहास रचते हुए अपने करियर का पहला एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीत लिया। उन्होंने एक कड़े मुकाबले में फ्रांसिस टियाफो को 6-3, 1-6 और 6-0 से मात दी। इस जीत के साथ ही आर्थर फिल्स साल 2014 में टोरंटो में जो-विलफ्रिड त्सोंगा के बाद यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बन गए हैं।
महज 22 वर्ष की आयु वाले आर्थर फिल्स लंबे समय से टूर के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में उनके करियर में चोटों के कारण कई बाधाएं आईं। पीठ की गंभीर समस्या के कारण नौ महीने तक खेल से दूर रहने के बाद उन्होंने इस साल फरवरी में वापसी की थी और उसके बाद से यह उनका दूसरा एटीपी टूर खिताब है। इस खिताबी जीत के बाद उनकी विश्व रैंकिंग में भी बड़ा उछाल आया है और वे करियर की सर्वश्रेष्ठ 11वीं रैंक पर पहुंच गए हैं। अपनी इस लंबी और कठिन यात्रा के बारे में बात करते हुए उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और बलिदान को याद किया।



















