सावन मास की पूर्णिमा तिथि धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पावन मानी जाती है। इस विशेष रात्रि में धन की अधिष्ठात्री देवी माता लक्ष्मी का पूजन करने का विधान है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में लौंग को पूजा-पाठ के दौरान अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली सामग्री माना गया है। यदि सावन पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा के समय लौंग से जुड़े विशेष अनुष्ठान किए जाएं, तो साधक पर देवी की विशेष कृपा बरसती है। इन आसान और अचूक धार्मिक उपायों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन से आर्थिक तंगी को दूर कर सकता है तथा सुख-समृद्धि एवं धन-धान्य की प्राप्ति कर सकता है।
तिजोरी में रखें कौड़ी, लौंग और सुपारी की पोटली
आर्थिक तंगी से मुक्ति पाने और आय के नए स्रोत तैयार करने के लिए सावन पूर्णिमा की रात एक विशेष पूजा की जाती है। इस रात्रि में घर के पूजा घर या मंदिर में सबसे पहले स्वच्छ लाल रंग का रेशमी कपड़ा बिछाएं। इसके पश्चात उस कपड़े पर साबुत लौंग, पांच कौड़ियां और एक साबुत सुपारी रखें। इसके बाद माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए विधि-विधान से पूजन संपन्न करें। पूजा संपन्न होने के बाद उस लाल कपड़े को मोड़कर उसमें रखी लौंग, कौड़ियों और सुपारी की एक सुरक्षित पोटली तैयार कर लें।
इस तैयार की गई पोटली को अपने घर की तिजोरी, अलमारी या धन रखने वाले मुख्य स्थान पर रख देना चाहिए। सनातन मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय को श्रद्धापूर्वक करने से घर में धन का आगमन बढ़ता है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। इसके अलावा, नौकरी, करियर और व्यापार में चल रही बाधाएं समाप्त होती हैं तथा शुभ परिणाम मिलने लगते हैं।
घर में फैलाएं कपूर और लौंग का धुआं
पारिवारिक जीवन में शांति, खुशहाली और धन-धान्य का भंडार बनाए रखने के लिए पूर्णिमा की रात का यह उपाय बेहद फलदायी माना गया है। देवी लक्ष्मी की मुख्य पूजा संपन्न करने के उपरांत एक स्वच्छ पात्र या बर्तन लें। उस बर्तन में एक टुकड़ा कपूर और दो लौंग रखकर प्रज्वलित करें। जब लौंग और कपूर पूरी तरह से जलने लगें, तब उस पात्र से निकलने वाले पवित्र धुएं को घर के प्रत्येक कमरे और कोने में अच्छी तरह फैलाएं।
पूरे घर में धुआं फैलाने के पश्चात उस बर्तन को पुनः अपने पूजा स्थल पर लाकर रख दें। इसके बाद हाथ जोड़कर माता लक्ष्मी से पूरे परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें। धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, इस प्रक्रिया से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आती है और घर में कभी भी अन्न व धन की कमी नहीं होती है।
पान के पत्ते और लौंग के साथ करें इस सिद्ध मंत्र का जाप
यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना लंबे समय से अधूरी है, तो सावन पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी को प्रसन्न करके उसे पूरा किया जा सकता है। इसके लिए पूजन के समय एक स्वच्छ पान का पत्ता लें और उस पर दो साबुत लौंग रखें। इस पान के पत्ते और लौंग को पूरी श्रद्धा के साथ माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित कर दें।
सामग्री अर्पित करने के उपरांत देवी लक्ष्मी का ध्यान करते हुए उनके विशेष मंत्र का जाप करें। यह पावन मंत्र है: 'ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये नमः'। शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा की सिद्ध रात्रि में इस मंत्र का सच्चे मन से जाप करने और लौंग-पान अर्पित करने से देवी लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्त की हर जायज मनोकामना पूर्ण करती हैं।



















