फेडरल रिजर्व की सख्ती और पश्चिम एशिया में खिंचाव के बीच अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के शीर्ष पर, वैश्विक बाजारों में हलचलकांवर यात्रा के कड़े नियम जानकर कांप जाएगी रूह, कोई छोड़ देता है अन्न-पानी तो कोई नहीं बैठता पूरी यात्रा मेंढाबा स्टाइल सोंधा आलू-बैंगन चोखा घर पर बनाने की आसान रेसिपी और सीक्रेट तरीकाकच्चे तेल में तेजी से बैंक ऑफ कनाडा पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव, दिसंबर में भी कदम उठाने की संभावनाचक्रवाती तूफान अर्नब की आहट से सहमा रेल यातायात, 6 राज्यों में दर्जनों एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें रद्ददक्षिण कोरियाई सीमा पर उत्तर कोरिया की हलचल, तोपों की तैनाती से बढ़ा तनावरणबीर कपूर की 'रामायण' के खौफ से टली अंशुमान झा की 'लकड़बग्घा 2', जानिए अब कब आएगी फिल्मसावन पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त को, संतान प्राप्ति के लिए इस शुभ योग में करें पूजाशरद पूर्णिमा पर सुई-धागे का अचूक उपाय और ज्योतिषीय टोटके, दिवाली से पहले घर में बरसेंगी खुशियांमैक्सिकन पेसो में हालिया तेज गिरावट अब सीमित रहने के आसार, कमर्जबैंक का आकलन
शाहगंज के पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में एक ही पत्थर में विराजमान है पूरा शिव परिवार, जानें मान्यताधर्म
12 सित॰ 2026, 4:32 pm (46 दिन पहले)· 2

शाहगंज के पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में एक ही पत्थर में विराजमान है पूरा शिव परिवार, जानें मान्यता

आगरा के शाहगंज स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर अपने अनोखे स्वयंभू शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें एक ही पत्थर पर पूरा शिव परिवार विराजमान होने का दावा किया जाता है।

उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक नगर आगरा के शाहगंज इलाके में स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर क्षेत्रवासियों सहित दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस स्थान का इतिहास सदियों पुराना है और यहां साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है। विशेषकर सावन के पवित्र महीने और महाशिवरात्रि के पर्व पर मंदिर प्रांगण में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु यहां आकर भगवान भोलेनाथ का पूजन करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

एक ही पत्थर में पूरा शिव परिवार

पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर की सबसे मुख्य विशेषता यहां स्थापित अनोखा शिवलिंग है। मंदिर के मुख्य पुजारी महंत पंडित अजय राजोरिया बताते हैं कि इस शिवलिंग का स्वरूप पूरे देश में अद्वितीय है। उनका दावा है कि भारत भर में यह एकमात्र ऐसा शिवलिंग है जिसमें एक ही पत्थर के भीतर पूरा शिव परिवार उकेरा हुआ या विराजमान है। इस प्राकृतिक रचना में भगवान शिव के साथ देवी पार्वती, भगवान गणेश और स्वामी कार्तिकेय का स्वरूप देखा जा सकता है, जो श्रद्धालुओं को अत्यधिक आकर्षित करता है। इसी विलक्षणता के कारण केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों से आने वाले तीर्थयात्री भी इसके दर्शन के लिए आगरा पहुँचते हैं।

ये भी पढ़ें

स्वयंभू शिवलिंग और पाताल तक गहराई की मान्यता

धार्मिक परंपराओं के अनुसार मंदिर में विराजमान यह शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है। स्वयंभू का अर्थ है कि इसे किसी मानव या मूर्तिकार द्वारा तराशा या स्थापित नहीं किया गया है, बल्कि यह स्वयं धरती से प्रकट हुआ है। महंत पंडित अजय राजोरिया के अनुसार प्राचीन काल में जब इस शिवलिंग की गहराई जानने के लिए खुदाई कराई गई थी, तो काफी गहराई तक जाने के बाद भी इसका कोई अंतिम छोर या आधार प्राप्त नहीं हो सका। खुदाई करने वाले कारीगर इसके धरातल तक पहुंचने में असमर्थ रहे। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों के मन में इस शिवलिंग के प्रति अलौकिक श्रद्धा और अधिक प्रगाढ़ हो गई, जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

श्रीकृष्ण की रासलीला काल से जुड़ा इतिहास

मंदिर से जुड़ा एक अन्य पौराणिक प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और रासलीला से संबंधित है। मान्यताओं के अनुसार जब द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ब्रजभूमि में अपनी दिव्य रासलीला रचा रहे थे, उसी समय भगवान शिव उनकी लीलाओं का साक्षी बनने के लिए इस स्थान पर स्वयं प्रकट हुए थे। उसी कालखंड से यह स्थान पूजनीय बन गया और कालांतर में यहां शिवलिंग की स्थापना और पूजा आरंभ हुई। आगरा का यह क्षेत्र ब्रज मंडल की सांस्कृतिक और धार्मिक सीमा से निकटता रखता है, जिस कारण इस कथा को श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से स्वीकार करते हैं।

सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ती है अपार भीड़

प्रत्येक वर्ष सावन मास के सोमवार और महाशिवरात्रि के दिन मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है। तड़के से ही श्रद्धालु कतारों में लगकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित करने के लिए आतुर रहते हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों की यह दृढ़ मान्यता है कि जो भी व्यक्ति यहां निर्मल मन और सच्चे भाव से प्रार्थना करता है, महादेव उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। परिवार में खुशहाली, रोगमुक्ति और मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां नियमित रूप से जलाभिषेक करने आते हैं।

सवाल-जवाब

पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के शाहगंज क्षेत्र में स्थित है।
इस मंदिर के शिवलिंग की क्या मुख्य विशेषता है?
मान्यता और दावे के अनुसार, इस शिवलिंग में एक ही पत्थर के भीतर भगवान शिव के साथ पूरा शिव परिवार विराजमान है।
इस शिवलिंग की उत्पत्ति के बारे में क्या मान्यता है?
यह एक स्वयंभू शिवलिंग माना जाता है, जो किसी व्यक्ति द्वारा स्थापित नहीं हुआ बल्कि स्वयं धरती से प्रकट हुआ था।
इस मंदिर का भगवान श्रीकृष्ण से क्या पौराणिक संबंध बताया जाता है?
पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण अपनी रासलीला रचा रहे थे, तब उसी समय भगवान शिव यहां प्रकट हुए थे।
मंदिर में मुख्य पुजारी कौन हैं?
मंदिर के मुख्य पुजारी महंत पंडित अजय राजोरिया हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp