जीवन में संतुलन और शांति बनाए रखने के लिए जिस तरह ज्योतिषीय गणनाओं को आवश्यक समझा जाता है, उसी तरह वास्तु शास्त्र के निर्देशों का पालन भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसी भी नए निर्मित अथवा क्रय किए गए भवन में पहला कदम रखने से पूर्व यदि वास्तु सम्मत विधियों का ध्यान रखा जाए, तो परिवार में खुशहाली और निरंतर उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसके विपरीत, इन स्थापित मर्यादाओं की अनदेखी करने पर नकारात्मक प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। नए आशियाने में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हर परिवार के लिए जरूरी है कि वे गृह प्रवेश से जुड़ी बुनियादी सावधानियों और अनुष्ठानों की भलीभांति जानकारी रखें।
सकारात्मक ऊर्जा के लिए साफ सफाई और झाड़ू रखने की मर्यादा
अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम के अनुसार, नए घर की चौखट लांघने से पहले पूरे परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य है। घर के हर कोने की भलीभांति सफाई करने के बाद झाड़ू को रखने के स्थान को लेकर भी खास सतर्कता बरतनी चाहिए। वास्तु विधान बताता है कि झाड़ू को सदैव ऐसे गुप्त स्थान पर छिपाकर रखना चाहिए जहां किसी भी बाहरी आगंतुक अथवा सामान्य व्यक्ति की सीधी नजर न पड़े। इस प्रकार की व्यवस्था करने से घर में मां लक्ष्मी का स्थाई आशीर्वाद बना रहता है और आर्थिक स्थिरता आती है।
खाली हाथ भीतर जाने से बचें और मांगलिक सामग्री साथ रखें
जब भी कोई परिवार नए घर में पहली बार प्रवेश करे, तो कभी भी रीते अथवा खाली हाथ कदम नहीं रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, गृह प्रवेश के समय परिवार के प्रत्येक सदस्य के हाथों में अक्षत, पुष्प और कुछ दक्षिणा अथवा धन होना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। हाथों में इन पावन सामग्रियों को लेकर चौखट पार करने से नव निर्मित भवन के भीतर सकारात्मक तरंगों का संचार तीव्र गति से होता है और घर का वातावरण पवित्र बनता है।
कन्या पूजन और पहले कदम का सही विधान
गृह प्रवेश वाले पावन दिवस पर कन्या पूजन का विधान सर्वोत्तम माना गया है। नए घर में प्रवेश संपन्न होते ही छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक आमंत्रित करके उनका विधिवत पूजन करें तथा उन्हें आदर सहित भोजन करवाएं। ऐसा करने से गृहस्थ जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की देवी का साक्षात आशीष प्राप्त होता है। इसके अलावा मुख्य द्वार से भीतर जाते समय सदैव अपने दाहिने पैर को ही आगे बढ़ाना चाहिए। चौखट पर पड़ने वाला परिवार का पहला कदम दाहिना होना चाहिए, जो समस्त मांगलिक कार्यों की शुभ शुरुआत का प्रतीक है।
पोशाक के रंगों को लेकर जरूरी सावधानी
वास्तु शास्त्र के नियमों में गृह प्रवेश के दौरान पहने जाने वाले वस्त्रों के रंगों का भी विशेष उल्लेख किया गया है। नए घर में प्रवेश उत्सव के समय भूलकर भी काले या नीले रंग के परिधान धारण नहीं करने चाहिए। ये गहरे रंग नकारात्मक ऊर्जा और उदासी का संचार करते हैं, जिससे गृह प्रवेश के शुभ प्रभाव बाधित हो सकते हैं। इसलिए प्रवेश पूजा के अवसर पर शुभ और सात्विक रंगों के वस्त्र पहनना ही फलदायी रहता है।



















