केरल के लॉटरी खरीदारों की नजर आज सोमवार को होने वाले भाग्यथारा बीटी-70 ड्रॉ के नतीजों पर टिकी है। यह राज्य के साप्ताहिक ड्रॉ में से एक है, जिसे केरल राज्य लॉटरी विभाग हर सोमवार आयोजित करता है।
ड्रॉ का समय और मौजूदा स्थिति
भाग्यथारा बीटी-70 का ड्रॉ तिरुवनंतपुरम में दोपहर 3 बजे शुरू होता है। ताजा जानकारी के मुताबिक ड्रॉ अभी चल रहा है, यानी आधिकारिक नतीजे अभी जारी नहीं हुए हैं। टिकटधारकों को सलाह दी जाती है कि वे विभाग की आधिकारिक सूची आने का इंतजार करें, क्योंकि इनाम का दावा करते वक्त सिर्फ पुष्ट सूची ही मान्य होगी।
नतीजों में क्या-क्या शामिल होगा
ड्रॉ पूरा होने के बाद भाग्यथारा बीटी-70 के नतीजों में पहला इनाम, दूसरा इनाम, तीसरा इनाम, सांत्वना इनाम और बाकी कई श्रेणियों के नंबर शामिल होंगे। टिकटधारकों को अपने नंबर का हर श्रेणी से मिलान करना होगा, तभी पता चलेगा कि उनकी किस्मत खुली है या नहीं।
पूरी इनाम राशि संरचना
भाग्यथारा बीटी-70 की इनाम राशि नौ श्रेणियों और एक अलग सांत्वना इनाम में बंटी है। पहला इनाम 1,00,00,000 रुपए का है, दूसरा इनाम 30,00,000 रुपए और तीसरा इनाम 5,00,000 रुपए का है। इसके बाद चौथा इनाम 5,000 रुपए, पांचवां 2,000 रुपए, छठा 1,000 रुपए, सातवां 500 रुपए, आठवां 200 रुपए और नौवां इनाम 100 रुपए का है। इनसे अलग सांत्वना इनाम 5,000 रुपए तय है।
इनाम का दावा कैसे करें
विजेताओं को सबसे पहले अपने टिकट नंबर का मिलान केरल राज्य लॉटरी विभाग की आधिकारिक सूची से करना चाहिए, क्योंकि इंटरनेट पर घूम रही अनौपचारिक सूचियों की सटीकता की कोई गारंटी नहीं होती। मिलान सही होने पर विजेताओं के पास ड्रॉ की तारीख से 30 दिन के भीतर अपना टिकट जमा कर इनाम का दावा करने का समय होता है, तय समय में दावा न करने पर इनाम राशि से हाथ धोना पड़ सकता है।
दावे का तरीका इनाम की रकम पर निर्भर करता है। 5,000 रुपए से कम के इनाम के लिए विजेता सीधे अधिकृत लॉटरी एजेंट या दुकान से संपर्क कर सकते हैं, बशर्ते तय नियमों का पालन हो। इससे ज्यादा रकम वाले इनाम के लिए टिकट किसी अधिकृत बैंक या सरकारी लॉटरी कार्यालय में वैध पहचान पत्र के साथ जमा कराना जरूरी है, तभी इनाम राशि जारी होती है।
टैक्स और कमीशन की कटौती
केरल में लॉटरी की इनाम राशि पूरी नहीं मिलती। लागू नियमों के तहत इनाम राशि पर 30% टैक्स कटौती होती है, और टिकट खरीद के तरीके के आधार पर 10% तक एजेंट कमीशन भी काटा जा सकता है। विजेताओं को इनाम की पुष्टि और प्रोसेसिंग के बाद असल में हाथ में आने वाली रकम का हिसाब लगाते वक्त दोनों कटौतियों का ध्यान रखना चाहिए।



















