अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूत पेरोल आंकड़ों के सामने आने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें काफी तेज हो गई हैं, जिसके प्रभाव से डाउ जोंस फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की जा रही है। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों की चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है।
कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव
सप्ताहांत के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच हुए भू-राजनीतिक टकराव के बाद बाजार में सतर्कता का माहौल है। अमेरिका द्वारा अपने युद्धपोतों पर हुए मिसाइल हमलों का जवाब देते हुए तीन ईरानी टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद संघर्ष काफी बढ़ गया था। इसके जवाब में तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र स्थापित कर दिया है, जिसके चलते निवेशकों में महंगाई के दोबारा लौटने का डर सता रहा है।
टेक शेयरों का प्रदर्शन और नैस्डैक फ्यूचर्स
व्यापक बाजार में जहां एक तरफ कमजोरी का माहौल बना हुआ है, वहीं तकनीकी क्षेत्र के शेयरों ने कुछ हद तक संबल प्रदान किया है। सेमीकंडक्टर शेयरों में आई तेजी के दम पर नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में बढ़त देखने को मिली है। ओपनएआई के नए जीपीटी मॉडल को लेकर बढ़ती सकारात्मक उम्मीदों के बीच एनविया, माइक्रोन और इंटेल जैसी प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजारों की मिली-जुली स्थिति
डॉयचे बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर क्षेत्रीय प्रदर्शन काफी मिला-जुला रहा है। जापान का निक्केई सूचकांक शुक्रवार को 1.26 प्रतिशत के उछाल के बावजूद पूरे सप्ताह के दौरान 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके विपरीत, एमएससीआई ईएम इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई जिसमें शुक्रवार को 1.35 प्रतिशत का सुधार शामिल था। इसके मुकाबले अमेरिकी बाजारों ने अपनी स्थिति को अपेक्षाकृत बेहतर बनाए रखा, हालांकि एसएंडपी 500 सूचकांक पिछले सप्ताह मात्र 0.09 प्रतिशत की मामूली बढ़त ही हासिल कर पाया जबकि शुक्रवार को इसमें 0.38 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जो यह दर्शाता है कि प्रमुख बाजारों के लिए भी मजबूत बढ़त हासिल करना कितना कठिन रहा है।
डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज की रूपरेखा
दुनिया के सबसे पुराने शेयर बाजार सूचकांकों में शामिल डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज अमेरिका के 30 सबसे अधिक कारोबार वाले शेयरों को मिलाकर तैयार किया जाता है। यह सूचकांक बाजार पूंजीकरण के बजाय शेयरों की कीमतों के आधार पर भारित होता है। इसकी गणना घटक शेयरों के मूल्यों को जोड़कर एक निश्चित कारक से विभाजित करके की जाती है, जो वर्तमान में 0.152 है। इस सूचकांक की स्थापना चार्ल्स डाउ ने की थी, जिन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी स्थापना की थी। हालांकि, बाद में इस बात को लेकर इसकी आलोचना भी होती रही है कि यह केवल 30 चुनिंदा दिग्गज कंपनियों को ट्रैक करता है, इसलिए यह एसएंडपी 500 जैसे व्यापक सूचकांकों की तरह पर्याप्त रूप से प्रतिनिधि नहीं है।
संचालक कारक और डाउ सिद्धांत
डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज को प्रभावित करने वाले कई प्रमुख कारक होते हैं, जिनमें कंपनियों द्वारा जारी त्रैमासिक वित्तीय परिणाम सबसे अहम हैं। इसके अलावा अमेरिकी और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़े भी निवेशक की धारणा को सीधे प्रभावित करते हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरें इस सूचकांक की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाती हैं क्योंकि कई बड़ी कंपनियां ऋण लागत पर काफी हद तक निर्भर होती हैं। चार्ल्स डाउ द्वारा विकसित डाउ सिद्धांत शेयर बाजार के प्राथमिक रुझान की पहचान करने की एक स्थापित विधि है, जिसमें सूचकांकों की दिशा और वॉल्यूम को आधार बनाया जाता है।
व्यापारिक विकल्प और बाजार गतिविधियां
निवेशक डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में कारोबार करने के लिए कई अलग-अलग माध्यमों का उपयोग करते हैं। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ के जरिए निवेशक सभी 30 घटक कंपनियों के शेयर अलग-अलग खरीदने के बजाय इस सूचकांक में एक एकल सुरक्षा के रूप में व्यापार कर सकते हैं, जिसमें एसपीआरडी डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ एक प्रमुख उदाहरण है। इसके अलावा डीजेआईए फ्यूचर्स और ऑप्शंस के जरिए भी व्यापारी भविष्य के मूल्यों पर अपनी स्थिति बनाते हैं।
विदेशी मुद्रा बाजार और अन्य परिसंपत्तियां
विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान अपने हालिया उच्च स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से आक्रामक रुख की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन दे रही हैं, जबकि अमेरिकी पेरोल आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है। इसके विपरीत, जापानी येन में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है और अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है।
सोना और क्रिप्टोकरेंसी का हाल
सोने की कीमतों में शुरुआती गिरावट के बाद कुछ रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के इंतजार में कारोबारी अभी सतर्क रुख अपना रहे हैं। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिट्टोरेंट ने पिछले कुछ दिनों में मजबूत बढ़त दर्ज की है और इसके तकनीकी संकेतकों में सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है।
ऊर्जा बाजार और डीजल की कीमतें
कच्चे तेल बाजार भले ही कुछ समय पहले की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल के मोर्चे पर हालात अलग हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड में भारी उछाल दर्ज किया गया है और यह पहली बार प्रति बैरल 100 डॉलर के स्तर को पार करते हुए रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।


















