पंजाब में लॉटरी टिकट खरीदने वालों की नजरें 6 सितंबर 2026, रविवार को लुधियाना पर टिकी थीं, जहां राज्य की साप्ताहिक डियर 50 रेंजर संडे लॉटरी का ड्रॉ निकाला गया। 50 रुपये में बिकने वाली इस बंपर लॉटरी का टॉप इनाम 21 लाख रुपये रखा गया था और शाम 6:30 बजे से लुधियाना के आधिकारिक कैंप ऑफिस से लाइव ड्रॉ शुरू हुआ।
ड्रॉ में क्या हुआ
डियर 50 रेंजर संडे लॉटरी पंजाब सरकार की उसी पुरानी साप्ताहिक व्यवस्था का हिस्सा है, जिसमें कम कीमत की टिकट पर बड़ा इनाम रखकर राज्यभर से खरीदारों को जोड़ा जाता है। इस बार भी टॉप इनाम 21 लाख रुपये का था, जिसका फैसला रविवार शाम लुधियाना के कैंप ऑफिस में हुए लाइव ड्रॉ में हुआ। चूंकि ड्रॉ तय समय और तय जगह पर सबके सामने निकाला जाता है, इसलिए टिकट खरीदने वाले उसी शाम अपना नतीजा जान पाते हैं।
10 हजार रुपये से कम के इनाम का दावा
जिन खरीदारों की टिकट पर 10 हजार रुपये से कम का इनाम निकलता है, उनके लिए प्रक्रिया सबसे आसान रखी गई है। ऐसे विजेताओं को किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है, वे पंजाब में किसी भी अधिकृत लॉटरी रिटेलर या लॉटरी की दुकान पर जीती हुई टिकट दिखाकर सीधे अपनी रकम ले सकते हैं।
बड़ी रकम के लिए अलग दफ्तर, अलग नियम
जैसे-जैसे इनाम की रकम बढ़ती है, प्रक्रिया भी उतनी ही औपचारिक होती जाती है। जिनकी टिकट पर 10 हजार से 1 लाख रुपये के बीच का इनाम निकला है, उन्हें अपनी टिकट लेकर पंजाब स्टेट लॉटरी ऑफिस जाना होगा, ताकि रकम देने से पहले उसकी पूरी जांच हो सके। वहीं 1 लाख रुपये से ऊपर के हर इनाम के लिए, जिसमें इस बार का 21 लाख रुपये का टॉप प्राइज भी शामिल है, विजेता को अपनी टिकट सीधे डायरेक्टरेट ऑफ लॉटरीज़ (पंजाब सरकार) में जमा करानी होगी। बड़ी रकम पर ज्यादा सख्त जांच का यही कारण है कि इतना बड़ा भुगतान करने से पहले सरकार पूरी पुष्टि करना चाहती है।
टिकट के साथ कौन-कौन से कागज चाहिए
सबसे छोटी इनाम श्रेणी को छोड़कर बाकी सभी विजेताओं को टिकट के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इनमें असली जीती हुई टिकट शामिल है, जिस पर पीछे की तरफ हस्ताक्षर होना जरूरी है, इसके अलावा आधार कार्ड या किसी और सरकारी पहचान पत्र की फोटोकॉपी, और बैंक खाते की जानकारी, यानी पासबुक की कॉपी या कैंसिल किया हुआ चेक, ताकि जांच पूरी होने के बाद इनाम की रकम सीधे खाते में भेजी जा सके।
दावा करने के लिए तय है समय सीमा
विजेताओं के पास दावा करने के लिए अनगिनत समय नहीं है। स्कीम के नियमों के मुताबिक, इनाम की श्रेणी के आधार पर टिकट को जीत के 30 से 90 दिन के भीतर जमा कराना जरूरी है। तय समय में दावा न करने पर इनाम की रकम हाथ से भी निकल सकती है, इसलिए लॉटरी अधिकारी बार-बार कहते हैं कि विजेता टिकट जीतते ही जरूरी कागज तैयार करें और सही दफ्तर में जल्द से जल्द पहुंचें।


















