Re-NEET UG Result 2026 में बिहार के नवादा जिले के लिए बेहद गर्व का पल आया है। जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के रहने वाले छात्र आयुष भलोटिया ने इस कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा में पूरे देश में चौथा स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया है। इतना ही नहीं, आयुष ने री-नीट परीक्षा में बिहार में भी टॉप किया है। उनकी इस कामयाबी ने सिर्फ उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे नवादा और बिहार का नाम रोशन कर दिया है।
व्यवसायी परिवार से आते हैं आयुष, घर पर लगा बधाइयों का तांता
आयुष भलोटिया वारिसलीगंज के जाने-माने व्यवसायी सुनील कुमार भलोटिया के बेटे हैं। उनका परिवार एक साधारण लेकिन इलाके में प्रतिष्ठित कारोबारी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है। जैसे ही आयुष की इस देशभर में चर्चित सफलता की खबर फैली, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय लोग, करीबी रिश्तेदार और व्यापारी वर्ग परिवार से मिलने पहुंचे और माता-पिता का मुंह मीठा कराकर बेटे की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर खुशी जताई। परिजनों का कहना है कि आयुष बचपन से ही पढ़ाई में बेहद तेज-तर्रार और अनुशासित रहा है, और यही आदत आज उसे देश के मेधावी छात्रों की सूची में सबसे ऊपर ले आई है।
वारिसलीगंज के स्कूल से मिली मजबूत नींव, 10वीं-12वीं में भी रहे अव्वल
आयुष की इस बड़ी सफलता की नींव उनके अपने प्रखंड वारिसलीगंज में ही रखी गई थी। उन्होंने पूरी स्कूली पढ़ाई वहीं स्थित विवेकानंद पब्लिक स्कूल से की। इसी स्कूल से उन्होंने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में भी बेहतरीन अंक हासिल किए थे। स्कूल के शिक्षकों ने आयुष को हमेशा से एक अत्यंत होनहार, मेहनती और एकाग्रचित्त छात्र बताया है। इस मौके पर विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आयुष ने यह साबित कर दिया है कि अगर संकल्प मजबूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से निकलकर भी देश के सबसे ऊंचे मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। स्कूल के लिए भी यह पल किसी उपलब्धि से कम नहीं है, क्योंकि उनके यहां पढ़े एक छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है।
अब देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से करेंगे एमबीबीएस
ऑल इंडिया चौथी रैंक और बिहार में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद आयुष अब देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में दाखिला लेकर अपनी डॉक्टरी यानी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करेंगे। आयुष ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और अपनी निरंतर व लगातार मेहनत को दिया है। उनका कहना है कि इस मुकाम तक पहुंचने में परिवार के भरोसे और गुरुजनों की सीख का बड़ा योगदान रहा। आयुष की इस ऐतिहासिक कामयाबी से पूरे नवादा जिले में जश्न का माहौल है और वे इलाके के युवाओं तथा नीट की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए एक बड़े प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।




















