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27 अगस्त को लगेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, उत्तर और दक्षिण अमेरिका में दिखेगा लाल चांद का अद्भुत नजाराविज्ञान
27 अग॰ 2026, 7:32 am (2 घंटे पहले)· 2

27 अगस्त को लगेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, उत्तर और दक्षिण अमेरिका में दिखेगा लाल चांद का अद्भुत नजारा

27 अगस्त को लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण तीन घंटे से अधिक समय तक चलेगा, जिसमें पृथ्वी की छाया चंद्रमा के 93 फीसदी हिस्से को ढककर उसे गहरा लाल रंग प्रदान करेगी।

दुनिया भर के खगोल प्रेमियों के लिए 27 अगस्त का दिन बेहद खास होने वाला है, जब आसमान में आंशिक चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाएगी, जिससे पृथ्वी की विशाल छाया चंद्रमा की चमकदार सतह के अधिकांश हिस्से को ढक लेगी। हालांकि चंद्रमा पूरी तरह से अंधेरे में नहीं डूबेगा, बल्कि उसकी सतह पर गहरा लाल और नारंगी रंग बिखर जाएगा। ग्रहण का यह आंशिक चरण लगभग तीन घंटे और 18 मिनट तक चलेगा। अपने सबसे चरम क्षण पर यह चंद्र ग्रहण 0.93 के मैग्नेट्यूड स्तर को छू लेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि चंद्रमा के कुल व्यास का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की सबसे गहरी छाया, जिसे उम्ब्रा कहा जाता है, के भीतर प्रवेश कर जाएगा। चंद्रमा के इतने बड़े हिस्से के छाया में समाने से इसका दृश्य प्रभाव बेहद मजबूत और स्पष्ट होगा, जिससे आसमान में एक शानदार ब्लड मून का रूप देखने को मिलेगा।

चंद्रमा के लाल रंग और ब्लड मून के पीछे का विज्ञान

चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लाल दिखाई देना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है, जिसे खगोल विज्ञान की भाषा में ब्लड मून भी कहा जाता है। जब पृथ्वी सूर्य से आने वाले सीधे प्रकाश को चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है, तो सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के वायुमंडल के किनारों से गुजरकर चंद्रमा की ओर मुड़ जाती हैं। इस यात्रा के दौरान पृथ्वी का घना वायुमंडल प्रकाश की छोटी तरंगदैर्ध्य, जैसे नीले और बैंगनी रंग को चारों तरफ प्रकीर्णित कर देता है।

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इसके विपरीत, लाल और नारंगी रंग की लंबी तरंगदैर्ध्य पृथ्वी के वायुमंडल को आसानी से पार कर लेती हैं। वायुमंडल से होकर गुजरने के बाद ये लाल किरणें मुड़कर चंद्रमा की छायादार सतह पर पड़ती हैं। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह नजारा ऐसा प्रतीत होता है मानो दुनिया भर के सभी सूर्योदय और सूर्यास्त का प्रकाश एक साथ चंद्रमा पर प्रोजेक्ट कर दिया गया हो। चूंकि 27 अगस्त को ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का 93 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में रहेगा, इसलिए यह वायुमंडलीय प्रभाव चंद्रमा को गहरा तांबे जैसा लाल रंग प्रदान करेगा।

कहां और कब दिखाई देगा ग्रहण का सबसे बेहतरीन दृश्य

इस खगोलीय घटना को देखने के लिए भौगोलिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के क्षेत्र इस ग्रहण को देखने के लिए सबसे आदर्श स्थान होंगे। इन दोनों महाद्वीपों में ग्रहण का चरम चरण रात के समय घटित होगा, जब चंद्रमा आसमान में काफी ऊंचाई पर मौजूद रहेगा। इससे वहां के लोगों को बिना किसी बाधा के पूरा ग्रहण देखने का अवसर मिलेगा।

दूसरी ओर, यूरोप के दर्शकों के लिए स्थितियां थोड़ी कठिन रहेंगी। यूरोप में लोग केवल भोर के समय ग्रहण की हल्की सी झलक देख सकेंगे। स्पेन जैसे देशों में दिन निकलने और चंद्रमा के क्षितिज के काफी करीब होने के कारण ग्रहण को देखना काफी मुश्किल होगा। हालांकि, यूरोप के लोगों ने हाल ही में लगे पूर्ण सूर्य ग्रहण का शानदार नजारा देखा था। जो लोग उत्तर और दक्षिण अमेरिका में रहकर इस घटना का पूरा आनंद लेना चाहते हैं, उन्हें ग्रहण के चरम समय से पहले ही आसमान की ओर देखना शुरू कर देना चाहिए और ग्रहण समाप्त होने तक रुकना चाहिए ताकि वे पृथ्वी की छाया की पूरी गति को समझ सकें।

चंद्र ग्रहण देखने के आसान उपाय और जरूरी उपकरण

सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को देखना पूरी तरह से सुरक्षित होता है क्योंकि इसके लिए किसी विशेष सुरक्षात्मक चश्मे की आवश्यकता नहीं होती। लोग बिना किसी डर के नग्न आंखों से ग्रहण के हर चरण को सीधे देख सकते हैं। फिर भी कुछ आसान तैयारियों से देखने का अनुभव काफी बेहतर हो सकता है। शहर की तेज रोशनी और प्रकाश प्रदूषण से दूर किसी खुले स्थान पर जाना सबसे अच्छा रहता है। घर की छत या खुली बालकनी इसके लिए बेहतरीन अवलोकन स्थल साबित हो सकती है। यदि आप शहर से बाहर नहीं जा सकते, तो भी मौसम साफ रहने पर शहर के भीतर से इसे देखा जा सकता है।

ग्रहण के चरम पर पहुंचने से पहले ही अपनी जगह बना लेना बेहतर होता है ताकि पृथ्वी की छाया को चंद्रमा पर धीरे-धीरे आगे बढ़ते देखा जा सके। यदि आपके पास बाइनोक्युलर्स या टेलीस्कोप मौजूद हैं, तो उनका उपयोग जरूर करें। इन उपकरणों की मदद से चंद्रमा की सतह पर मौजूद क्रेटर, पहाड़ियों और छाया की सीमा रेखा को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। चमकदार सतह और छाया के बीच की रेखा पर ध्यान देने से खगोलीय पिंडों की गति का अद्भुत अनुभव मिलता है।

डिजिटल लाइवस्ट्रीम और आसपास के सितारों का नजारा

जिन लोगों के पास टेलीस्कोप या बाइनोक्युलर्स नहीं हैं, वे स्थानीय विज्ञान संग्रहालयों, वेधशालाओं या खगोल विज्ञान क्लबों द्वारा आयोजित ग्रहण कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। यदि आपके क्षेत्र में बादल छाए रहते हैं या मौसम खराब रहता है, तो आप इंटरनेट पर लाइवस्ट्रीम के जरिए भी ग्रहण की हर हलचल को देख सकते हैं। उदाहरण के लिए, टाइम एंड डेट जैसी वेबसाइटें इस पूरी घटना का सीधा प्रसारण करेंगी।

इसके अलावा, ग्रहण के दौरान केवल चंद्रमा पर ही ध्यान केंद्रित न रखें। जैसे-जैसे ग्रहण अपने चरम पर पहुंचेगा और चंद्रमा की चमक धीमी होगी, उसके आसपास के सितारे अधिक स्पष्ट और चमकदार दिखाई देने लगेंगे। चरम समय के दौरान कुछ मिनटों के लिए अपने उपकरणों को अलग रखकर पूरे आसमान को देखना एक अद्भुत खगोलीय अनुभव प्रदान करेगा।

सवाल-जवाब

आंशिक चंद्र ग्रहण कब लगेगा?
यह आंशिक चंद्र ग्रहण गुरुवार, 27 अगस्त को लगेगा, जिसका चरम चरण उत्तर और दक्षिण अमेरिका में रात के समय दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण का आंशिक चरण कितने समय तक चलेगा?
ग्रहण का आंशिक चरण लगभग तीन घंटे और 18 मिनट तक जारी रहेगा।
ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का कितना हिस्सा ढका रहेगा?
अपने चरम मैग्नेट्यूड 0.93 पर, चंद्रमा के व्यास का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाएगा।
क्या चंद्र ग्रहण देखने के लिए विशेष चश्मे की आवश्यकता होती है?
नहीं, चंद्र ग्रहण देखने के लिए किसी विशेष सुरक्षात्मक चश्मे की आवश्यकता नहीं होती है और इसे नग्न आंखों से सीधे देखा जा सकता है।
चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल क्यों दिखाई देता है?
पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते समय सूर्य के प्रकाश से नीली किरणें छन जाती हैं और केवल लाल रंग का प्रकाश मुड़कर चंद्रमा तक पहुंच पाता है।
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