स्टॉकहोम स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में सोमवार को चिकित्सा के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। इस वर्ष विज्ञान जगत का यह शीर्ष सम्मान तीन अग्रणी शोधकर्ताओं कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है। इस घोषणा के साथ ही प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार सप्ताह की औपचारिक शुरुआत भी हो गई है। समिति ने उनके अभूतपूर्व वैज्ञानिक योगदान को मान्यता देते हुए इस वैश्विक सम्मान के लिए उनके नामों का चयन किया है।
ऑप्टोजेनेटिक्स और लाइट-गेटेड आयन चैनल पर अहम खोज
तीनों वैज्ञानिकों को लाइट-गेटेड आयन चैनल और ऑप्टोजेनेटिक्स के क्षेत्र में उनके विशिष्ट शोध के लिए चुना गया है। इस तकनीक ने प्रकाश की किरणों का इस्तेमाल करके जीवित कोशिकाओं और न्यूरॉन्स की गतिविधियों को नियंत्रित करने का रास्ता खोला है। पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल ने प्रकाश संवेदी प्रोटीनों की कार्यप्रणाली को समझने में बुनियादी भूमिका निभाई, जबकि कार्ल डाइसेरोथ ने तंत्रिका विज्ञान में इन तकनीकों को लागू कर मस्तिष्क के जटिल तंत्र को समझने में नई दिशा दी।
पुरस्कार राशि और आगामी कार्यक्रम
इस वर्ष नोबेल पुरस्कार विजेताओं के लिए कुल पुरस्कार राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर तय की गई है, जो लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर बैठती है। यह सम्मान राशि तीनों साझा विजेताओं के बीच उनके काम के आधार पर बांटी जाएगी। चिकित्सा वर्ग के विजेताओं के नाम सामने आने के बाद अब आने वाले दिनों में भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति जैसे अन्य प्रमुख क्षेत्रों के विजेताओं की घोषणाएं भी की जाएंगी।



















