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एप्पल की गुमनाम ईमेल सुविधा में सेंध, साथ में इस हफ्ते की चार और बड़ी साइबर सिक्योरिटी खबरेंसाइबर सुरक्षा
4 जुल॰ 2026, 4:24 pm (26 दिन पहले)· 2

एप्पल की गुमनाम ईमेल सुविधा में सेंध, साथ में इस हफ्ते की चार और बड़ी साइबर सिक्योरिटी खबरें

एप्पल के हाइड माई ईमेल फीचर में एक साल पुरानी खामी से यूजर्स के असली ईमेल एड्रेस लीक हो रहे हैं, वहीं स्कैटर्ड स्पाइडर से जुड़े एक संदिग्ध का अमेरिका प्रत्यर्पण, व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर भारत का ऐतराज़ और नंबर प्लेट कैमरों की गलतियों ने बेकसूर लोगों को मुश्किल में डाला है।

साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी की दुनिया में इस हफ्ते कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। मेटा के लिए काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टर्स ने बच्चों और किशोरों के रूप में जेमिनी और चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स को टेस्ट किया, ताकि यह देखा जा सके कि ये सुसाइड, सेक्स और ड्रग्स जैसे संवेदनशील विषयों पर कैसे जवाब देते हैं। वहीं एक रिसर्चर ने एंथ्रोपिक के Claude Opus 4.7 का इस्तेमाल करके फ्रंट गेट की वेबसाइट में सेंध लगाई और लॉलापालूज़ा तथा बोनारू सहित अमेरिका के लगभग किसी भी बड़े म्यूजिक फेस्टिवल के टिकट जनरेट कर डाले। लेकिन इस हफ्ते की सबसे चिंताजनक खबर एप्पल के एक प्राइवेसी फीचर से जुड़ी है, जो पिछले करीब एक साल से यूजर्स के असली ईमेल एड्रेस लीक कर रहा है।

गुमनाम ईमेल का दावा, लेकिन सेंध किसी और की

एप्पल ने 2021 में हाइड माई ईमेल नाम का फीचर लॉन्च किया था। इसका मकसद यूजर्स को ऐसा रैंडम ईमेल एड्रेस देना था, जिससे वे बिना अपना असली ईमेल बताए किसी वेबसाइट या ऐप पर साइन अप कर सकें। इस नकली एड्रेस पर आने वाले सारे मैसेज अपने आप यूजर के असली इनबॉक्स में पहुंच जाते हैं, यानी कंपनी को कभी असली ईमेल पता चलता ही नहीं।

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लेकिन इस हफ्ते सामने आया कि सिस्टम में मौजूद एक खामी की वजह से लोगों के असली ईमेल एड्रेस उजागर हो सकते हैं, और यह गड़बड़ी कम से कम एक साल से बिना ठीक हुए चली आ रही है। सिक्योरिटी रिसर्चर टायलर मर्फी, जिन्होंने जून 2025 में यह खामी खोजी थी, ने साफ शब्दों में कहा, "एप्पल का हाइड माई ईमेल उन ईमेल एड्रेस को लीक कर रहा है जिन्हें छिपा हुआ होना चाहिए था।" उन्होंने आगे बताया, "हमारे सीमित टेस्ट में शामिल सभी वॉलंटियर्स के हाइड माई ईमेल एड्रेस को क्रैक किया जा सका, यानी सौ फीसदी मामलों में यह एड्रेस उजागर हो गया।"

इस खामी की तकनीकी बारीकियां अब तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं, क्योंकि यह अब तक ठीक नहीं हुई है। टेस्ट के दौरान पाया गया कि नए बनाए गए हाइड माई ईमेल एड्रेस, जो @icloud.com डोमेन पर बनते हैं, को उसे बनाने वाले व्यक्ति के असली ईमेल एड्रेस से जोड़ा जा सकता है। मर्फी का कहना है कि उन्होंने पिछली गर्मियों में ही यह समस्या एप्पल को बता दी थी और इस साल मार्च तक उन्हें बताया गया कि इसे "ठीक कर दिया गया है।" लेकिन जब उन्होंने दोबारा टेस्ट किया, तो खामी अब भी मौजूद थी, और कुछ महीने पहले एप्पल ने उन्हें बताया कि कंपनी अभी भी मामले की जांच कर रही है। एप्पल की ओर से इस पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है।

स्कैटर्ड स्पाइडर से जुड़े संदिग्ध हैकर का अमेरिका प्रत्यर्पण

अमेरिकी न्याय विभाग ने इस हफ्ते बताया कि 19 साल के एक युवक को स्कैटर्ड स्पाइडर हैकिंग नेटवर्क से जुड़े आरोपों में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया है। एस्टोनिया और अमेरिका, दोनों देशों की नागरिकता रखने वाले पीटर स्टोक्स को अप्रैल में फिनलैंड में गिरफ्तार किया गया था। उन पर कंप्यूटर में सेंधमारी, साजिश रचने और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि स्टोक्स और इस ढीले-ढाले हैकिंग गिरोह के अन्य सदस्यों ने मई 2025 में एक लग्ज़री ज्वेलरी रिटेलर की वेबसाइट हैक कर ली थी और 8 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फिरौती मांगी थी। कंपनी ने फिरौती नहीं चुकाई, लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक इस घटना से निपटने में उसे फिर भी 2 मिलियन डॉलर खर्च करने पड़े। माना जाता है कि स्कैटर्ड स्पाइडर गिरोह में ज्यादातर कम उम्र के, अंग्रेजी बोलने वाले किशोर शामिल हैं, और हाल के सालों में इस गिरोह के सदस्यों ने दुनियाभर की दर्जनों कंपनियों को हैक करके भारी नुकसान पहुंचाया है। स्टोक्स की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब हाल ही में गिरोह के दो ब्रिटिश सदस्यों, थाल्हा जुबैर और ओवेन फ्लावर्स ने 2024 में ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन को हैक करने का अपराध कबूल किया था, जिससे करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ था।

व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर भारत को ऐतराज़

एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल ने पिछले साल यह सुविधा शुरू की थी, और अब मेटा की मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप भी अपने अरबों यूजर्स के लिए यूजरनेम फीचर लाने की तैयारी में है। इस फीचर की मदद से लोग अपना फोन नंबर बताए बिना, सिर्फ अपने चुने हुए यूजरनेम से एक-दूसरे को मैसेज कर सकेंगे, जिससे प्राइवेसी बढ़ेगी।

लेकिन भारत सरकार, जो पहले भी मेटा की इस ऐप की एन्क्रिप्शन को कमजोर करने की कोशिश कर चुकी है, अब इस बदलाव का विरोध कर रही है। भारत सरकार की तरफ से भेजी गई एक चिट्ठी में व्हाट्सएप से भारत में यूजरनेम फीचर का रोलआउट रोकने के लिए कहा गया है। चिट्ठी में यह दलील दी गई है कि इससे ऑनलाइन गुमनामी बढ़ेगी, जिससे धोखाधड़ी और साइबर क्राइम के मामले बढ़ सकते हैं। इसी तरह के अलग-अलग पत्र सिग्नल और टेलीग्राम को भी उनके यूजरनेम फीचर को लेकर भेजे गए हैं।

जब नंबर प्लेट पढ़ने वाले कैमरे गलती कर बैठते हैं

अमेरिका में पिछले कुछ सालों में ऑटोमैटिक लाइसेंस प्लेट रीडर कैमरे यानी ALPR तेजी से फैले हैं। पुलिस विभाग, शहर प्रशासन और यहां तक कि निजी कंपनियां भी इन्हें लगाकर गुजरने वाली गाड़ियों की फोटो खींचती हैं और उनकी हरकतों का पूरा रिकॉर्ड रखती हैं, जिसमें नंबर प्लेट, फोटो खींचे जाने का समय और जगह, गाड़ी का मेक और मॉडल, यहां तक कि बंपर स्टिकर तक शामिल होते हैं। इस तरह अरबों तस्वीरों और गाड़ियों की आवाजाही का डेटा अलग-अलग डेटाबेस में जमा हो चुका है।

लेकिन बढ़ते सबूत बताते हैं कि जब ये सिस्टम गलती करते हैं, तो बेकसूर लोग हिरासत में ले लिए जाते हैं और उन पर झूठे आरोप लग जाते हैं। नॉनप्रॉफिट संस्था इंस्टिट्यूट फॉर जस्टिस ने कोर्ट रिकॉर्ड्स और मीडिया रिपोर्ट्स की समीक्षा करके पिछले आठ सालों में गलत पहचान के कम से कम 24 मामले खोजे हैं, और संस्था का मानना है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। इनमें एक मामला ऐसा भी है जिसमें गाड़ी में बच्चे के साथ मौजूद एक जोड़े को बंदूक की नोक पर हिरासत में लिया गया; एक मामले में कैमरे ने अक्षर 'O' को अंक '0' समझ लिया, जिसकी वजह से एक बुज़ुर्ग दंपती को रोक लिया गया; और एक शख्स को इसलिए रोका गया क्योंकि मामला सुलझने के बाद भी उसकी गाड़ी का नंबर वांटेड लिस्ट से हटाया नहीं गया था। ये सारी घटनाएं एआई से चलने वाले इन कैमरों की बढ़ती गलतियों की फेहरिस्त में शामिल हो गई हैं।

सवाल-जवाब

एप्पल का हाइड माई ईमेल फीचर क्या करता है?
यह यूजर्स को एक रैंडम ईमेल एड्रेस देता है ताकि वे बिना असली ईमेल बताए साइन अप कर सकें, और उस पते पर आने वाले मैसेज असली इनबॉक्स में फॉरवर्ड हो जाते हैं।
यह खामी कब से मौजूद है?
सिक्योरिटी रिसर्चर टायलर मर्फी ने इसे जून 2025 में खोजा था, लेकिन यह गड़बड़ी कम से कम एक साल से चली आ रही है।
क्या एप्पल ने इस खामी को ठीक कर दिया है?
नहीं, एप्पल ने कुछ महीने पहले कहा था कि वह अभी भी मामले की जांच कर रही है, और कंपनी ने इस पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
पीटर स्टोक्स कौन हैं?
पीटर स्टोक्स एस्टोनिया और अमेरिका की दोहरी नागरिकता रखने वाले 19 साल के व्यक्ति हैं, जिन्हें अप्रैल में फिनलैंड में गिरफ्तार कर स्कैटर्ड स्पाइडर हैकिंग गिरोह से जुड़े आरोपों में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया है।
स्कैटर्ड स्पाइडर गिरोह ने ज्वेलरी रिटेलर से कितनी फिरौती मांगी थी?
मई 2025 में गिरोह ने 8 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फिरौती मांगी थी; कंपनी ने पैसे नहीं दिए लेकिन घटना से निपटने में उसे 2 मिलियन डॉलर खर्च करने पड़े।
भारत व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर का विरोध क्यों कर रहा है?
भारत सरकार को डर है कि यूजरनेम से मिलने वाली ऑनलाइन गुमनामी धोखाधड़ी और साइबर क्राइम बढ़ा सकती है, इसलिए उसने व्हाट्सएप से रोलआउट रोकने को कहा है।
नंबर प्लेट रीडर कैमरों की गलतियों से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
इंस्टिट्यूट फॉर जस्टिस ने पिछले आठ सालों में गलत पहचान के कम से कम 24 मामले खोजे हैं, और असली आंकड़ा इससे ज्यादा भी हो सकता है।
ALPR कैमरों ने किस तरह की गलतियां की हैं?
एक मामले में बच्चे के साथ मौजूद जोड़े को बंदूक की नोक पर हिरासत में लिया गया, एक मामले में कैमरे ने 'O' को '0' समझ लिया और बुज़ुर्ग दंपती रोक लिए गए, और एक व्यक्ति को पुरानी वांटेड लिस्ट की वजह से रोका गया।
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