बेडरूम के अंदर शोरगुल की बात की जाए तो अक्सर महिलाओं को ही ज्यादा मुखर माना जाता है। सेक्स टॉय ब्रांड लवहनी के एक पुराने सर्वेक्षण में यह बात सामने आई थी कि 94 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि वे अपने साथियों की तुलना में ज्यादा आवाज करती हैं, जबकि 70 प्रतिशत पुरुषों ने इस बात पर सहमति जताई थी।
महिलाओं की क्या है राय
रेडिट पर कई महिलाओं ने इस विषय पर खुलकर अपने विचार साझा किए हैं। एक यूजर ने लिखा कि उन्हें अपने पार्टनर का आनंद लेते हुए देखना और उसकी गहरी आवाज सुनना बहुत अच्छा लगता है, जिससे उनका उत्साह और बढ़ जाता है। एक अन्य यूजर ने कहा कि खामोश रहकर सेक्स करना काफी अजीब लगता है और वे चाहती हैं कि उनके साथी भी इस मामले में खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करें।
कई महिलाओं का मानना है कि पुरुष जब बेडरूम में आवाज करते हैं, तो यह पल और भी ज्यादा खास और अंतरंग बन जाता है। कुछ महिलाओं ने तो यहां तक कहा कि यह देखना बहुत आकर्षक होता है कि उनका पार्टनर बिना किसी झिझक के अपनी खुशी जाहिर कर रहा है।
पुरुष क्यों रहते हैं खामोश
दूसरी तरफ, इस मामले में पुरुषों की राय काफी अलग है। कई पुरुषों का मानना है कि वे एडल्ट फिल्मों को देखकर बड़े हुए हैं और उन्हें लगता है कि बेवजह आवाज करना अजीब लग सकता है। कुछ लोगों ने यह भी स्वीकार किया कि वे अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान केंद्रित करने और लंबे समय तक टिकने के लिए पूरी तरह शांत रहते हैं।
रेडिट पर अपने विचार रखते हुए एक यूजर ने बताया कि उनका पूरा ध्यान शारीरिक प्रक्रिया पर होता है ताकि वे प्रक्रिया को सुचारू रूप से चला सकें। उनके अनुसार, अंतरंग पलों में जो चीजें उन्हें सबसे ज्यादा आनंद देती हैं, वे अक्सर मुख्य गतिविधि से अलग होती हैं।
विशेषज्ञों की राय
ऑडियो इरोटिक साइट ब्लूम स्टोरीज के शोध से पता चलता है कि बेडरूम में पार्टनर का आवाज करना उत्तेजना को बढ़ाने का एक अचूक तरीका है, और 25 से 34 वर्ष की आयु के 94 प्रतिशत लोगों ने इस बात को माना है। थेरेपिस्ट टिफ हडसन का कहना है कि महिलाओं को अपने पार्टनर की आवाज सुनना इसलिए पसंद है क्योंकि यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण होता है कि उन्हें आनंद मिल रहा है।
विशेषज्ञ का मानना है कि बिना शब्दों के होने वाले ये संकेत अनुमान लगाने की जरूरत को कम करते हैं और आपसी भरोसे को मजबूत बनाते हैं। जब लोग अपनी झिझक छोड़कर खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं, तो रिश्ते में और अधिक गहराई आती है। पुरुषों के लिए सलाह दी जाती है कि वे अचानक बहुत नाटकीय होने के बजाय अपनी स्वाभाविक सांसों की गति से शुरुआत कर सकते हैं और छोटे शब्दों या आहों के जरिए अपनी खुशी जाहिर कर सकते हैं।



















