डिजिटल दुनिया में जीवनसाथी या साथी की तलाश कर रहे लोगों का भरोसा ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स से लगातार उठता जा रहा है। स्वाइप कल्चर और ऑनलाइन बातचीत की सीमाओं से परेशान होकर बड़ी संख्या में सिंगल्स अब आमने-सामने की मुलाकातों का विकल्प चुन रहे हैं। लंदन जैसे वैश्विक महानगरों में इन-पर्सन यानी रूबरू कराने वाले सिंगल्स इवेंट्स का चलन तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इन आयोजनों में हिस्सा लेने वाले कई लोगों के लिए यह नया अनुभव भी किसी सुखद अनुभव के बजाय मानसिक और आर्थिक परेशानी का सबब साबित हो रहा है। हाल ही में लंदन के सोहो इलाके में आयोजित एक ऐसे ही सिंगल्स नाइट में शामिल हुई 26 वर्षीय युवती और उनकी सहेली का अनुभव यह उजागर करता है कि कैसे महंगे प्रवेश शुल्क के बावजूद इन इवेंट्स में मूलभूत सुविधाओं, संतुलन और सामाजिक मर्यादा का भारी अभाव बना हुआ है।
डेटिंग ऐप्स से बढ़ता मोहभंग और आंकड़ों की जुबानी
स्मार्टफोन के दौर में डेटिंग ऐप्स लंबे समय तक लोगों को जोड़ने का प्राथमिक जरिया रहे, लेकिन अब इनकी लोकप्रियता में बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। ऑफकॉम की वार्षिक ऑनलाइन नेशंस रिपोर्ट के अनुसार, 2024 से 2025 के बीच लोकप्रिय डेटिंग ऐप टिंडर ने करीब 4,00,000 यूज़र्स खो दिए। वहीं दूसरी ओर, बंबल ऐप के यूज़र्स की संख्या 2023 में 1.4 मिलियन थी, जो 2025 तक घटकर 1.1 मिलियन पर आ गई। इस गिरावट में सबसे बड़ा योगदान महिला यूज़र्स का रहा है, जो ऑनलाइन मंचों पर अनुचित व्यवहार और थकान के कारण इन्हें छोड़ रही हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, टिंडर पर महिलाओं की संख्या केवल एक साल के भीतर 7,35,000 से घटकर मात्र 3,84,000 रह गई। नतीजतन, इस ऐप पर अब पुरुषों की संख्या महिलाओं के मुकाबले तीन गुना अधिक हो चुकी है। ब्रिटेन के वयस्कों में से लगभग 11 प्रतिशत लोग ऑनलाइन डेटिंग साइट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पुरुषों की संख्या 3.6 मिलियन प्रति माह है, जबकि महिलाओं की संख्या घटकर मात्र 1.7 मिलियन रह गई है। इसी ट्रेंड को देखते हुए थर्सडे जैसे इन-पर्सन डेटिंग स्टार्टअप्स लोकप्रिय हुए हैं, जो 180 से अधिक शहरों में आयोजन करते हैं और ऐप्स के बजाय सीधे मिलने पर जोर देते हैं।
सोहो के इवेंट में क्या हुआ?
लंदन के महंगे सोहो क्षेत्र में आयोजित इस इवेंट को परफेक्ट पेयरिंग्स वाइन मिक्सर का नाम दिया गया था। इसके लिए प्रति व्यक्ति £20 यानी लगभग दो हजार रुपये से अधिक का प्रवेश टिकट रखा गया था। प्रतिभागियों को उम्मीद थी कि इस कीमत में कम से कम स्वागत के रूप में एक ड्रिंक या वाइन का ग्लास शामिल होगा और माहौल भी किसी उच्चस्तरीय रेस्तरां जैसा होगा। हालांकि, मौके पर पहुंचने पर स्थिति बिल्कुल अलग पाई गई।
आयोजकों ने मुख्य रेस्तरां के बजाय प्रतिभागियों को इमारत के बगल में स्थित एक अंधेरी और गीली गली की तरफ भेज दिया। वहां कलाई पर मार्कर से स्टार का निशान बनाकर उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया, जो किसी सस्ते क्लब जैसा लग रहा था। अंदर का माहौल बेहद घुटन भरा था, जहां न तो कोई खिड़की थी और न ही एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था थी। जब प्रतिभागियों ने बार का रुख किया, तो उन्हें पता चला कि £20 का टिकट खरीदने के बाद भी कोई मुफ़्त ड्रिंक नहीं दी जा रही थी। एक छोटे वाइन ग्लास के लिए अलग से £8 का भुगतान करना पड़ा, जिससे कुल खर्च £28 हो गया। इसके अलावा, हाथ में एक साधारण पर्चा थमा दिया गया, जिसमें वाइन के प्रकार लिखे थे और उन्हें चखने के लिए भी पूरी कीमत चुकानी थी।
डेमोग्राफिक असंतुलन और अजीबोगरीब व्यवहार
भीड़भाड़ वाले इस बेसमेंट में सामाजिक संतुलन का भारी अभाव देखने को मिला। पूरे हॉल में लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं थीं, जबकि मौजूद पुरुषों में से अधिकांश की उम्र इन युवतियों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक थी। 26 वर्षीय पीड़िता के पास सफेद बालों वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति आए और अनुचित तरीके से बातें करने लगे। जब उन्होंने टिकट की कीमत के मुकाबले मुफ़्त वाइन न मिलने पर नाराजगी जताई, तो उस व्यक्ति ने उनके चेहरे के बेहद करीब आकर उन्हें आक्रामक करार दे दिया।
इवेंट में मौजूद अन्य पुरुषों का व्यवहार भी बेहद अजीब था। जब कुछ महिलाएं थककर कुर्सी पर बैठीं, तो पोलो नेक टी-शर्ट पहने एक पुरुष ने आकर उनसे कहा कि अगर वे चाहती हैं कि कोई उनमें रुचि ले, तो उन्हें खड़े रहना चाहिए। अपनी सहेली फ्लोरेंस के साथ आई इस युवती का कहना है कि फ्लोरेंस जैसी सफल महिला—जो कानून की डिग्री धारक है, एक उच्च पद पर कार्यरत है और अपना घर भी रखती है—को ऐसे आयोजनों में बेहद निराशाजनक और अमर्यादित परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन डेटिंग का कड़वा सच
यह पहला मौका नहीं था जब फ्लोरेंस को डेटिंग की दुनिया में ऐसे कड़वे अनुभवों से गुजरना पड़ा हो। ऑनलाइन ऐप्स पर भी उन्हें कई बार आपत्तिजनक और भद्दे संदेश मिले थे। एक मौके पर किसी यूज़र ने उनकी तस्वीर देखकर अशोभनीय टिप्पणी की थी, जबकि एक अन्य यूज़र ने डोनाल्ड ट्रंप और हिटलर का जिक्र करते हुए एक अनुचित गेम खेलने का संदेश भेजा था। ऐसे ऑनलाइन अनुभवों से तंग आकर ही उन्होंने इन-पर्सन आयोजनों का रुख किया था।
हालांकि, थर्सडे के कुल 5 इवेंट्स में शामिल हो चुकीं फ्लोरेंस का अनुभव यह बताता है कि आमने-सामने की मुलाकातों में भी स्थितियां बेहतर नहीं हैं। एक पिछले इवेंट में एक व्यक्ति ने अचानक उनके कंधे पर थपथपाकर उनसे पूछा कि वे इतनी उदास क्यों दिख रही हैं, जबकि उससे ठीक पहले एक अन्य व्यक्ति ने उनसे कहा था कि महिलाएं बच्चे पैदा करने की अपनी भूमिका के प्रति पर्याप्त रूप से आभारी नहीं होती हैं। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि आधुनिक डेटिंग संस्कृति में मर्यादा और सामाजिक समझ की कितनी भारी कमी आ चुकी है।
आयोजकों का पक्ष और बचाव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब इवेंट का संचालन करने वाली कंपनी थर्सडे से संपर्क किया गया, तो उनके प्रवक्ता ने इस असुविधा के लिए गहरा खेद व्यक्त किया। प्रवक्ता का कहना था कि वे पुरुष और महिला टिकटों की संख्या को संतुलित रखने के लिए बिक्री पर लगातार नजर रखते हैं और यदि एक तरफ संतुलन बिगड़ने लगता है, तो टिकटों की उपलब्धता में बदलाव किया जाता है।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ आयोजनों में 35 या 45 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा तय की जाती है, हालांकि अधिकांश इवेंट्स सभी आयु वर्गों के लिए खुले रहते हैं। कंपनी का तर्क था कि वे अपने इवेंट्स को समावेशी बनाना चाहते हैं, लेकिन वे यह भी समझते हैं कि उम्र के बड़े अंतर से इवेंट का अनुभव प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा टिकट की कीमतें शहर, स्थान और मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग तय की जाती हैं। इसके बावजूद, हकीकत यही है कि अपनी इच्छा से जीवनसाथी की तलाश कर रहे युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मंचों पर निराशा ही हाथ लग रही है।



















