गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत की दोनों राष्ट्रीय टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए दोहरे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। 31 अक्टूबर को वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए खिताबी मुकाबलों में भारतीय महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने अपने लाजवाब खेल कौशल से विपक्षी टीमों को एकतरफा अंदाज में परास्त किया। महिला फाइनल मुकाबले में भारत का सामना युगांडा से हुआ, जहाँ भारतीय दल ने 35-15 के भारी अंतर से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम कर लिया। इसी तरह पुरुष वर्ग के फाइनल में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 54-20 के विशाल अंतर से शिकस्त देकर ट्रॉफी हासिल की। टूर्नामेंट के महिला वर्ग में कुल 10 टीमों ने भाग लिया था।
युगांडा की रक्षापंक्ति पर भारी पड़े भारतीय रेडर
फाइनल में पहुँची युगांडा की महिला टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में अपनी मजबूत रक्षात्मक रणनीति के बल पर जीत दर्ज करके खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया था। हालांकि, फाइनल मैच की शुरुआत से ही भारतीय रेडर्स की तेजतर्रार गतिविधियों के आगे युगांडा का यह मजबूत डिफेंस पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। भारत की ओर से रेडर साक्षी ने सबसे प्रभावी खेल दिखाते हुए कुल 9 अंक अपनी झोली में डाले, जिनमें 7 टच प्वाइंट और 2 बोनस प्वाइंट शामिल रहे। उनके साथ आक्रमण को गति देते हुए अनु सेन ने 6 महत्वपूर्ण अंक बटोरे, जबकि भारतीय कप्तान निधि शर्मा ने टीम के स्कोरबोर्ड में 5 अंकों का योगदान दिया।
प्रतिद्वंद्वी युगांडा की ओर से नकायोंगो शिरात ने सर्वाधिक संघर्ष दिखाया और वह अकेले 11 अंक बनाकर अपनी टीम की सर्वोच्च स्कोरर रहीं। इसके बावजूद, मुकाबले के शुरुआती हिस्से से ही भारतीय खिलाड़ियों ने अपना शिकंजा कस लिया था। पहले हाफ की समाप्ति पर भारतीय महिला टीम ने 22-7 के विशाल अंतर की मजबूत बढ़त स्थापित कर ली थी, जिसने मैच के अंतिम नतीजे की दिशा तय कर दी थी। महिला टीम का पूरा टूर्नामेंट अभियान शानदार रहा, जहाँ उन्होंने पहले ग्रुप चरण में अपने सारे मुकाबले जीते और उसके बाद नॉकआउट चरण में श्रीलंका और युगांडा को मात देकर स्वर्ण पदक पर मुहर लगाई। सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए विवरण में भी इस खिताबी जीत के प्रमुख क्षणों को रेखांकित किया गया।
श्रीलंका के खिलाफ भारतीय पुरुष टीम की एकतरफा जीत
पुरुष वर्ग में भी भारतीय कबड्डी टीम का अजेय सफर ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक पूरी तरह हावी रहा। खिताबी भिड़ंत में श्रीलंका की टीम भारतीय आक्रमण के सामने टिक नहीं पाई। भारतीय टीम ने मैच के पहले मिनट से ही आक्रामक रणनीति अपनाई और मध्यांतर तक 30-10 का मजबूत अंतर बना लिया था।
दूसरे हाफ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय बरकरार रखी और विरोधी दल को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। अंततः भारतीय पुरुषों ने यह खिताबी मुकाबला 54-20 के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपने दबदबे को पुन: स्थापित किया।



















