कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार देर रात भारत के युवा वेटलिफ्टर अजय बाबू वल्लुरी ने पुरुषों के 79 किलोग्राम भारवर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय बाबू ने प्रतियोगिता में कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर भारत के पदक तालिका का आंकड़ा 10 तक पहुंचा दिया। यह मुकाबला इतना रोमांचक रहा कि अजय बाबू गोल्ड मेडल जीतने से महज 1 किलोग्राम के अंतर से चूक गए। मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने कुल 331 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।
स्नैच दौर में अजय बाबू ने कायम किया दबदबा
मुकाबले की शुरुआत स्नैच राउंड से हुई, जहां अजय बाबू वल्लुरी ने बेहद मजबूत शुरुआत की। अपने पहले प्रयास में उन्होंने 145 किलोग्राम भार बहुत आसानी से उठा लिया। हालांकि दूसरे प्रयास में वह 149 किलोग्राम उठाने में असफल रहे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे और अंतिम प्रयास में अजय बाबू ने जबरदस्त वापसी करते हुए 149 किलोग्राम का भार सफलतापूर्वक उठा लिया। इस शानदार लिफ्ट के साथ उन्होंने स्नैच में नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया और स्नैच दौर की समाप्ति के बाद 149 किलोग्राम के स्कोर के साथ तालिका में पहले स्थान पर रहे। इस चरण में इंग्लैंड के क्रिस मरे 148 किलोग्राम के साथ दूसरे और मलेशिया के एरी हिदायत 147 किलोग्राम के साथ तीसरे स्थान पर थे।
क्लीन एंड जर्क में देखने को मिली कांटे की टक्कर
इसके बाद क्लीन एंड जर्क दौर में खिलाड़ियों के बीच खिताबी जंग बेहद थ्रिलर बन गई। मलेशिया के एरी हिदायत ने अपने प्रयास में 181 किलोग्राम भार उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। इसके तुरंत बाद अजय बाबू ने भी शानदार जुझारूपन दिखाते हुए 181 किलोग्राम का भार उठाकर रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इसके साथ ही अजय बाबू का कुल वजन बढ़कर 330 किलोग्राम हो गया। लेकिन प्रतिस्पर्धा के आखिरी क्षणों में मलेशियाई लिफ्टर हिदायत ने अपने अंतिम प्रयास में 184 किलोग्राम वजन उठाकर एक और नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। हिदायत ने स्नैच के 147 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क के 184 किलोग्राम को मिलाकर कुल 331 किलोग्राम का स्कोर हासिल किया और गोल्ड मेडल जीत लिया। इस तरह अजय बाबू को कुल 330 किलोग्राम के साथ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जबकि इंग्लैंड के क्रिस मरे ने कुल 325 किलोग्राम वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
वेटलिफ्टिंग में भारत को मिला छठा पदक
अजय बाबू वल्लुरी का यह पदक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए वेटलिफ्टिंग खेल में छठा मेडल है। सोमवार का दिन भारतीय भारोत्तोलन दल के लिए बेहद ऐतिहासिक साबित हुआ, क्योंकि एक ही दिन में देश ने तीन मेडल हासिल किए। इससे पहले भारत के लिए मीराबाई चानू ने गोल्ड मेडल जीतकर शुरुआत की थी। इसके अलावा ऋषिकांत सिंह, राजा मुथुपंडी और ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने-अपने भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीते हैं, जबकि बिंद्यारानी देवी ने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है।
विजयनगरम से ग्लास्गो तक का प्रेरणादायक सफर
आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले अजय बाबू वल्लुरी पिछले कुछ समय से भारतीय वेटलिफ्टिंग परिदृश्य में तेजी से उभरते हुए खिलाड़ी के रूप में सामने आए हैं। इससे पहले उन्होंने 2025 की कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के 79 किलोग्राम वर्ग में कुल 335 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने स्नैच में 152 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 183 किलोग्राम का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधी पात्रता हासिल की थी। अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतकर अजय बाबू ने यह साबित कर दिया है कि वह आने वाले समय में भारतीय खेल जगत के एक बड़े सितारे बनने की पूरी क्षमता रखते हैं।



















