पंजाब में 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों ने राज्य की 117 विधानसभा सीटों पर अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने अपने 20 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर अन्य दलों के मुकाबले बढ़त बनाने की कोशिश की है। पार्टी के संसदीय बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद इन नामों को अंतिम मंजूरी दी गई। अकाली दल (अमृतसर) के इस कदम से राज्य में चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है और राजनीतिक समीकरणों पर चर्चाएं गर्म हैं।
संसदीय बोर्ड की मंजूरी और प्रमुख प्रत्याशियों के नाम
पार्टी के संसदीय बोर्ड के सचिव गुरजंत सिंह कट्टू ने पहली सूची के प्रत्याशियों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पार्टी ने श्री फतेहगढ़ साहिब विधानसभा सीट से अपने कार्यकारी अध्यक्ष ईमान सिंह मान को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अतिरिक्त पटियाला ग्रामीण से महिंदरपाल सिंह, रूपनगर से कुलदीप सिंह भगोवाल, खरड़ सीट से कुशलपाल सिंह मान और गढ़शंकर से गुरनाम सिंह सिंगड़ीवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। पार्टी ने संगरूर क्षेत्र से गुरनैब सिंह रामपुरा, निहाल सिंह वाला सीट से बलदेव सिंह गागरा, भदौड़ से हरजिंदर सिंह जाखू तथा मौर विधानसभा क्षेत्र से परमिंदर सिंह बलियांवाली पर अपना भरोसा जताया है।
117 विधानसभा सीटों पर शेष उम्मीदवारों के ऐलान का खाका
संसदीय बोर्ड के सचिव गुरजंत सिंह कट्टू ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआती सूची है और आने वाले दिनों में राज्य की शेष सीटों के लिए भी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा जल्द की जाएगी। पंजाब में कुल 117 विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां 2027 के शुरुआती महीनों में मतदान होना संभावित है। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जमीनी पैठ को मजबूत करने में जुटे हैं। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान की अगुवाई में पार्टी अपने आधार को विस्तार देने और सभी क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से रणनीति बना रही है।
केन्द्रीय नेतृत्व और भाजपा का पंजाब पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने भी पंजाब के आगामी चुनावों के लिए अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। केन्द्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा देकर पंजाब की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने का फैसला किया है। भाजपा का मानना है कि रवनीत सिंह बिट्टू चुनावी राज्य पंजाब में पार्टी के प्रचार और संगठन को नया आधार देंगे। सूत्रों के मुताबिक बिट्टू आगामी विधानसभा चुनाव में लुधियाना सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने विधानसभा स्तर पर काम करने की इच्छा जताई थी और उन्होंने जालंधर में आयोजित रैली के दौरान और फिर सोमवार को सीधे प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपना इस्तीफा स्वीकार करने तथा उनका आशीर्वाद प्रदान करने का अनुरोध किया था।
आप सरकार का भरोसा और मुख्यमंत्री भगवंत मान का दावा
दूसरी ओर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी भी 2027 के चुनाव मैदान में अपनी पकड़ बनाए रखने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त दिख रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई जन कल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यों को राज्य की जनता से भारी समर्थन मिल रहा है। भगवंत मान का कहना है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य में पारदर्शी शासन और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर काम किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता ने 2027 के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सौंपने का मन पूरी तरह बना लिया है।



















