भारतीय एथलेटिक्स में एक नया सितारा तेजी से उभरा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर अपनी खास पहचान बनाई है। एशियन गेम्स 2026 की 200 मीटर दौड़ स्पर्धा में भारतीय स्प्रिंटर हरिता भद्रा ने तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। इस कड़े मुकाबले में उन्होंने फिनिश लाइन तक पहुंचने के लिए 23.20 सेकंड का समय लिया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक सिंगापुर की शांति परेरा के नाम रहा, जिन्होंने 22.78 सेकंड का समय निकाला। वहीं, चीन की धावक चेन युजी ने 22.93 सेकंड का समय दर्ज कर रजत पदक पर कब्जा जमाया।
खेल के साथ पढ़ाई और कारोबार का अनोखा संतुलन
ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन करने वाली हरिता भद्रा की पहचान केवल खेल तक सीमित नहीं है। उन्होंने इंग्लैंड की लाफबोरो यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स साइंस विषय में ग्रेजुएशन पूरा किया है। उच्च शिक्षा हासिल करने के साथ ही वह भारत में अपना खुद का ज्वैलरी ब्रांड भी संचालित करती हैं। शिक्षा, उद्यमिता और खेल के बीच संतुलन साधते हुए उन्होंने एथलेटिक्स की दुनिया में अपनी अलग राह बनाई है।
घरेलू ट्रैक से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
महाराष्ट्र की रहने वाली हरिता भद्रा 200 मीटर दौड़ की विशेषज्ञ महिला स्प्रिंटर मानी जाती हैं। घरेलू प्रतियोगिताओं में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाली हरिता ने नेशनल स्प्रिंट प्रोग्राम से जुड़कर अपने हुनर को मांझा और गति में निरंतर सुधार किया। साल 2026 में उन्होंने 23.14 सेकंड का पर्सनल बेस्ट समय निकाला था, जिसकी बदौलत उन्हें एशियन गेम्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल हुआ। 200 मीटर व्यक्तिगत रेस के अलावा वह 4×100 मीटर रिले स्पर्धा में भी भाग लेती हैं, जहां उनकी साथी धावक उन्नति बोलैंडा हैं।



















