भारत की स्टार एथलीट और 2018 एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। 29 वर्षीय हेप्टाथलीट हाल ही में कराए गए एक डोप टेस्ट में प्रतिबंधित स्टेरॉयड बोल्डेनॉन के सेवन के लिए पॉजिटिव पाई गई हैं। हाल के दिनों में प्रतिस्पर्धी खेल से संन्यास की घोषणा करने के बावजूद नाडा उनके खिलाफ नियम के तहत अनुशासनात्मक जांच और कार्रवाई जारी रखेगा।
स्टेरॉयड सेवन के आरोप और एडवांस्ड टेस्ट तकनीक
जांच के दौरान स्वप्ना बर्मन के सैंपल में बोल्डेनॉन नामक एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड की पुष्टि हुई है। यह प्रतिबंधित पदार्थ मानव शरीर के लिए किसी भी चिकित्सीय उपयोग में नहीं लाया जाता और यह शरीर में प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रभावित करने के लिए जाना जाता है। स्वप्ना के मामले में इस पदार्थ की मौजूदगी का पता 'गैस क्रोमैटोग्राफी कम्बशचन आइसोटोप रेशो मास स्पेक्ट्रोमेट्री' (GC-C-IRMS) तकनीक के माध्यम से लगाया गया। यह एक अत्यंत उन्नत विश्लेषणात्मक प्रणाली है जो शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हार्मोन और बाहर से लिए गए कृत्रिम स्टेरॉयड के बीच सटीक अंतर स्पष्ट करती है।
संन्यास की घोषणा के बाद भी चलेगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
स्वप्ना बर्मन ने इसी महीने की शुरुआत में खेल से संन्यास लेने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि कई पुरानी चोटों और शारीरिक समस्याओं के कारण उनका शरीर अब उच्च स्तर की खेल स्पर्धाओं का दबाव झेलने में सक्षम नहीं है। हालांकि नाडा के आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि संन्यास लेने से कोई भी खिलाड़ी डोपिंग नियमों के उल्लंघन की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं होता। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वप्ना को सुनवाई समिति के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा और उनके पास अपने 'बी' सैंपल की जांच कराने का विकल्प भी मौजूद है। यदि वह भविष्य में कभी संन्यास वापस लेकर मैदान पर लौटती हैं, तो दोषी साबित होने की स्थिति में तय किया गया प्रतिबंध उन पर पूरी तरह लागू रहेगा।
एशियन गेम्स के ऐतिहासिक स्वर्ण से लेकर कठिन संघर्ष
स्वप्ना बर्मन ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में हेप्टाथलन स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह एशियाई खेलों में इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनी थीं। पूर्व एशियाई चैंपियन स्वप्ना ने 2016 के रियो ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी स्थित घोसपाड़ा गांव के एक बेहद गरीब परिवार में पली-बढ़ीं स्वप्ना के दोनों पैरों में जन्म से छह-छह उंगलियां थीं। सामान्य पांच उंगलियों वाले जूते पहनने के कारण उनके पैरों में गंभीर छाले पड़ जाते थे, जिसके बाद विशेष स्पोर्ट्सवियर ब्रांड्स ने उनके लिए अनुकूलित जूते तैयार किए थे। स्वप्ना ने हाल ही में राजनीति के क्षेत्र में भी कदम रखा था और तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव लड़ा था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था।
नाडा की ताजा निलंबन सूची में अन्य खिलाड़ियों पर कार्रवाई
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी की ओर से जारी नवीनतम निलंबन सूची में स्वप्ना बर्मन सबसे चर्चित नाम हैं। इसी कार्रवाई के तहत पिछले साल प्रतियोगिता से इतर कराए गए डोप टेस्ट में विफल रहने वाले हॉकी खिलाड़ी मयंक शर्मा पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा पिछले वर्ष आयोजित सैफ सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 1500 मीटर और 5000 मीटर दौड़ में दोहरे स्वर्ण पदक जीतने वाली 19 वर्षीय धाविका संजना सिंह को प्रतिबंधित स्टेरॉयड के प्रयोग का दोषी पाए जाने पर पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। ये दोनों खिलाड़ी पहले से ही नाडा के अस्थायी निलंबन का सामना कर रहे थे।



















