विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के मुकाबले भारत के लिए निराशा और खुशी दोनों लेकर आए। टूर्नामेंट में जहां महिला और पुरुष एकल वर्ग में भारतीय अभियान थम गया, वहीं महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने सनसनीखेज प्रदर्शन करते हुए अंतिम आठ में अपनी जगह सुरक्षित कर ली। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी को अपने-अपने मुकाबलों में शिकस्त का सामना करना पड़ा। हालांकि, अर्जुन पुरस्कार विजेता महिला युगल जोड़ी ने दुनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त जापानी खिलाड़ियों को सीधे गेमों में हराकर भारतीय उम्मीदों को जीवंत बनाए रखा है।
जापानी जोड़ी को हराकर त्रीसा और गायत्री का क्वार्टर फाइनल में प्रवेश
महिला युगल वर्ग में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की गैर-वरीय भारतीय जोड़ी ने कोर्ट पर अपनी रणनीति और बेहतरीन समन्वय का शानदार नमूना पेश किया। प्री-क्वार्टर फाइनल के इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का सामना जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज रिन इवानागा और की नाकानिशी की जोड़ी से था। त्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और नेट पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। जापानी जोड़ी को पूरे मैच के दौरान वापसी का एक भी अवसर न देते हुए भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला सीधे गेमों में 21-16, 21-12 से अपने नाम किया। इस शानदार जीत के साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली।
त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी क्षमता को एक बार फिर साबित करता है। इससे पूर्व यह जोड़ी साल 2022 और 2023 में लगातार दो बार प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थी। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 में बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। पिछले वर्ष के शुरुआती महीनों में विश्व रैंकिंग के शीर्ष 10 में स्थान बनाने वाली इस जोड़ी के लिए चालू वर्ष की शुरुआत चुनौतियों से भरी रही। त्रीसा के टखने में लगी गंभीर चोट के कारण उन्हें कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं से दूर रहना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने इंडोनेशिया ओपन से प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की और हाल ही में इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज का खिताब जीतकर अपनी पुरानी लय हासिल की। हाल ही में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित इस जोड़ी से अब विश्व चैंपियनशिप में पदक की मजबूत उम्मीदें बंधी हैं।
तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में वांग झी यी से हारीं पीवी सिंधू
महिला एकल वर्ग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधू का सफर समाप्त हो गया। एक कड़े और थका देने वाले मुकाबले में सिंधू को चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी के खिलाफ 11-21, 21-15, 17-21 से हार स्वीकार करनी पड़ी। मैच के पहले गेम में चीनी शटलर ने काफी आक्रामक खेल दिखाया और सिंधू पर दबाव बनाते हुए 21-11 से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय दिग्गज ने अपने अनुभव का परिचय दिया। सिंधू ने शानदार कोर्ट कवरेज और अपने तेजतर्रार स्मैश के जरिए दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और इसे 21-15 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे और अंतिम गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक हासिल करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई। सिंधू ने कई बार चीनी खिलाड़ी को दबाव में लाने का प्रयास किया, लेकिन वांग झी यी ने निर्णायक मौकों पर बेहतरीन धैर्य और सटीक शॉट्स का प्रदर्शन करते हुए 21-17 से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया। सिंधू विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के इतिहास में भारत की सबसे सफल शटलर रही हैं। उन्होंने साल 2019 में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले 2017 और 2018 में वे रजत पदक तथा 2013 एवं 2014 के संस्करणों में कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी हैं। सिंधू के बाहर होने के साथ ही महिला एकल वर्ग में भारत का अभियान पूरी तरह समाप्त हो गया।
पुरुष एकल में आयुष शेट्टी की हार के साथ भारतीय चुनौती समाप्त
पुरुष एकल वर्ग में भी भारत को झटका लगा जब 21 वर्षीय उभरते हुए खिलाड़ी आयुष शेट्टी प्री-क्वार्टर फाइनल में पराजित होकर बाहर हो गए। आयुष को इंडोनेशिया के 11वीं वरीयता प्राप्त तथा दुनिया के 12वें नंबर के शटलर अल्वी फरहान ने सीधे गेमों में 21-19, 21-11 से हरा दिया। प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन चीन के शी यू कि को हराकर हलचल मचाने वाले आयुष से इस मैच में भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। पहले गेम में आयुष ने फरहान को कड़ी टक्कर दी और दोनों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला, परंतु अंतिम समय में इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने बढ़त बनाते हुए 21-19 से गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में अल्वी फरहान ने पूरी तरह से मैच पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया। उन्होंने आयुष को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और 21-11 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में आठ आमने-सामने के मुकाबलों में आयुष के खिलाफ फरहान की यह पांचवीं जीत साबित हुई। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन भी टूर्नामेंट से बाहर हो चुके थे। ऐसे में आयुष शेट्टी की इस पराजय के साथ ही विश्व चैंपियनशिप के पुरुष एकल वर्ग में भी भारतीय चुनौती का पूर्ण विराम लग गया।



















