खेल जगत और हरियाणा के जींद जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले 27 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी मोहित दलाल उर्फ चेतन का बुधवार सुबह अचानक निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, सुबह के समय घर पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने मौत की प्राथमिक वजह हार्ट अटैक बताई है। मोहित के अचानक चले जाने से उनके परिवार, पैतृक गांव और देश विदेश के कबड्डी प्रेमियों में शोक की लहर फैल गई है।
10 साल की उम्र से शुरू हुआ खेल का सफर
जींद जिले के नंदगढ़ गांव के निवासी मोहित दलाल ने महज 10 वर्ष की अल्प आयु में ही कबड्डी के प्रति अपना लगाव दिखा दिया था। उन्होंने गांव के ही स्टेडियम में पूर्व पहलवान प्रकाश के कुशल मार्गदर्शन में अपनी शुरुआती ट्रेनिंग शुरू की थी। बचपन से ही खेल के प्रति उनका समर्पण इतना गहरा था कि पढ़ाई और दैनिक कामकाज के साथ कबड्डी का नियमित अभ्यास उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका था। कड़ी मेहनत और लगन के बल पर मोहित ने जल्द ही अपनी प्रतिभा की छाप स्थानीय टूर्नामेंटों में छोड़नी शुरू कर दी।
रेडिंग की अद्भुत शैली और मैदान पर जबरदस्त दबदबा
कबड्डी के मैदान पर मोहित की मुख्य पहचान एक बेहद तेज तर्रार और समझदार रेडर के रूप में थी। विपक्षी टीम पर दबाव बनाने और मैच के निर्णायक पलों में सही फैसले लेने की उनकी क्षमता की तारीफ उनके साथी खिलाड़ी और विरोधी दोनों ही करते थे। अपने शानदार खेल के प्रदर्शन के चलते उन्हें दर्जनों बार बेस्ट रेडर के खिताब से नवाजा गया। उन्होंने हरियाणा और पंजाब में आयोजित कई प्रतिष्ठित सर्कल कबड्डी टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया और बड़े नगद इनाम व ट्रॉफियां अपने नाम कीं। इस दौरान उन्होंने शीलू बल्हारा जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ भी मैदान साझा किया और कई यादगार मुकाबले खेले।
दुबई से लेकर कनाडा और इंग्लैंड तक लहराया परचम
मोहित दलाल की बेहतरीन खेल प्रतिभा जल्द ही स्थानीय और राज्य स्तरीय दायरों को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई। उन्होंने भारत के बाहर दुबई, कनाडा और इंग्लैंड जैसे देशों में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। विदेशों में खेलते हुए उन्होंने न केवल बेहतरीन प्रदर्शन किया बल्कि कई प्रतिष्ठित ट्रॉफियां जीतकर देश का नाम भी ऊंचा किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का यह अनुभव उनके खेल करियर की सबसे बड़ी और गौरवशाली उपलब्धियों में शामिल रहा।
सर्जरी के बाद वापसी की तैयारी और अचानक छाया सन्नाटा
पिछले कुछ समय से मोहित दलाल चोट की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके इलाज के लिए उनका ऑपरेशन हुआ था। सर्जरी के बाद वह तेजी से स्वस्थ हो रहे थे और खेल के मैदान में दोबारा वापसी करने के इरादे से नियमित अभ्यास भी शुरू कर चुके थे। उनके परिवार, दोस्तों और साथी खिलाड़ियों को पूरा भरोसा था कि वह जल्द ही प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों में अपनी चमक बिखेरते नजर आएंगे। हालांकि, बुधवार सुबह आए दिल के दौरे ने इस होनहार खिलाड़ी की जीवन यात्रा को असमय समाप्त कर दिया। मोहित अविवाहित थे और अपने परिवार में पहलवानी या खेल क्षेत्र में कदम रखने वाले पहले खिलाड़ी थे।



















