जापान के आईची नागोया में आयोजित हो रहे पैरा एशियन गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारतीय एथलीटों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए खेल प्रेमियों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया है। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न इवेंट्स में बेहतरीन खेल दिखाते हुए पदक अपने नाम किए। सबसे खास पल पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट में आया, जहां भारत ने पोडियम पर पूरी तरह कब्जा जमाते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य तीनों पदक एक साथ अपनी झोली में डाल लिए।
सुमित अंतिल का शानदार प्रदर्शन और स्वर्ण पदक
पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल (F42–F44/F61–F64) में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सुमित अंतिल ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। टी64 श्रेणी में भाग ले रहे सुमित अंतिल, जिन्हें 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' यानी टीओपीएस के तहत सहायता मिलती है, ने बेहतरीन थ्रो फेंकते हुए 72.46 मीटर की दूरी तय की। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने कुल 1112 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा बरकरार रखा। इससे पहले उन्होंने पिछले संस्करण में भी स्वर्ण पदक जीता था और अपने उस प्रदर्शन को यहां दोहराने में पूरी तरह सफल रहे हैं। साल 2022 के एशियन पैरा गेम्स के दौरान सुमित अंतिल ने 73.29 मीटर का थ्रो करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया था।
गुर्जर और सरगर ने बनाए नए गेम्स रिकॉर्ड
इसी संयुक्त स्पर्धा में देश के अन्य एथलीटों ने भी पदकों का रंग और गहरा कर दिया। महेंद्र गुर्जर ने बेहतरीन थ्रो करते हुए 59.03 मीटर की दूरी नापी और 1066 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं दूसरी ओर, संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर का थ्रो फेंका और 1006 अंक जुटाकर कांस्य पदक अपने नाम किया, जिससे भारत का इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप पूरा हो गया। खास बात यह रही कि गुर्जर और सरगर दोनों ने अपनी-अपनी श्रेणियों में नए गेम्स रिकॉर्ड भी स्थापित किए। महेंद्र गुर्जर ने टी42 श्रेणी में यह कीर्तिमान रचा, जबकि संदीप सरगर ने टी44 श्रेणी में नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। पिछले पैरा एशियन गेम्स के उस संस्करण में पुष्पेंद्र ने 62.06 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता था और संदीप 61.84 मीटर की दूरी के साथ चौथे स्थान पर रहे थे, लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी।
भारत ने तोड़ा पिछला मेडल रिकॉर्ड
इस बार के मुकाबलों में भारतीय दल का प्रदर्शन इस बात से भी आंका जा सकता है कि टीम ने पिछली बार हांगझोऊ में बनाए गए अपने ही कुल 108 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। जापान में चल रहे इन खेलों में भारत के पदकों का कुल आंकड़ा अब 114 तक पहुंच चुका है। इन जीते गए पदकों में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं, जो देश के पैरा खेलों के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है।















