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जापान में भारतीय तीरंदाजों का जलवा, महिला कंपाउंड टीम ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर जीता स्वर्ण पदकखेल
1 अक्तू॰ 2026, 12:01 am (2 घंटे पहले)· 0

जापान में भारतीय तीरंदाजों का जलवा, महिला कंपाउंड टीम ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर जीता स्वर्ण पदक

आईची-नागोया एशियन गेम्स में भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी की तिकड़ी ने 238 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए इतिहास रचा।

आईची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स से भारत के लिए बेहद शानदार खबर सामने आई है। बुधवार की सुबह भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन को मात देकर देश की झोली में सातवां स्वर्ण पदक डाल दिया। इस खिताबी मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने 238 अंकों का बेहतरीन स्कोर खड़ा किया और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए सोने पर सटीक निशाना साधा। अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने वाली इस ऐतिहासिक टीम में अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम, युवा सनसनी पृथिका प्रदीप और प्रतिभाशाली चिकिता तनिपार्थी शामिल रहीं।

अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम का शानदार सफर

टीम की अगुवाई कर रहीं ज्योति सुरेखा वेन्नम भारतीय तीरंदाजी की सबसे स्थापित और अनुभवी खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के दबाव में शांत रहकर सटीक प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता अद्वितीय है। आंध्र प्रदेश के चल्लापल्ली में 3 जुलाई 1996 को जन्मीं ज्योति ने अपने खेल जीवन की शुरुआत तैराकी से की थी और राष्ट्रीय स्तर पर तैराकी में हिस्सा लिया था। हालांकि, बहुत कम उम्र में ही उन्होंने तीरंदाजी की बारीकियां सीखीं और धीरे-धीरे दुनिया की शीर्ष कंपाउंड तीरंदाजों की कतार में शामिल हो गईं।

साल 2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में ज्योति ने महिला व्यक्तिगत, महिला टीम और मिक्स्ड टीम तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर एक ही संस्करण में तीन गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। उनके खाते में वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप के कई स्वर्ण पदक दर्ज हैं। खेल जगत में उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए साल 2017 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

महाराष्ट्र की 18 वर्षीय पृथिका प्रदीप की तेज तरक्की

इस स्वर्ण पदक विजेता टीम की दूसरी अहम सदस्य महाराष्ट्र की रहने वाली पृथिका प्रदीप हैं। 27 सितंबर 2008 को जन्मीं महज 18 साल की पृथिका भारतीय तीरंदाजी में तेजी से उभरता हुआ नाम हैं। उन्होंने कक्षा पांचवीं में सिर्फ एक शौक के तौर पर तीर-धनुष थामा था, लेकिन उनकी लगन ने इस शौक को जल्द ही पेशेवर करियर में बदल दिया।

पृथिका के लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें साल 2025 में पहली बार भारतीय महिला कंपाउंड टीम में शामिल किया गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम समय में ही उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी है और अब तक कुल सात अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम कर चुकी हैं। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अपने शांत स्वभाव और सटीक निशानों से टीम को मजबूत बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

किसान परिवार से निकलीं तेलंगाना की चिकिता तनिपार्थी

तीकड़ी की तीसरी सदस्य 21 वर्षीय चिकिता तनिपार्थी हैं, जिन्होंने एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। तेलंगाना के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली चिकिता का जन्म साल 2005 में हुआ था। जब वह दूसरी कक्षा में पढ़ती थीं, तब उनके पिता के मार्गदर्शन में उन्होंने तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया था। शुरुआत में समय बिताने के लिए शुरू हुआ यह खेल धीरे-धीरे उनके जीवन का सबसे बड़ा जुनून बन गया।

चिकिता ने साल 2021 में औपचारिक रूप से पेशेवर तीरंदाजी शुरू की और अपनी कड़ी मेहनत के बल पर साल 2025 तक राष्ट्रीय सीनियर टीम में जगह बना ली। साल 2025 में ही उन्होंने वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप के अंडर-21 महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचाया था। कई वैश्विक पदक जीत चुकीं चिकिता ने महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतने के बाद मिक्स्ड कंपाउंड इवेंट के फाइनल में भी अपनी जगह पक्की की है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने X पर लिखा कि महिला कंपाउंड टीम ने सटीकता और कौशल का बेमिसाल प्रदर्शन करते हुए विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और देश को गौरवान्वित किया।

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सवाल-जवाब

भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने कौन सा पदक जीता?
भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
इस फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का कुल स्कोर कितना था?
भारतीय टीम ने 238 अंकों का स्कोर बनाया और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
स्वर्ण पदक विजेता टीम में कौन-कौन सी खिलाड़ी शामिल थीं?
टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी शामिल थीं।
ज्योति सुरेखा वेन्नम ने 2022 एशियन गेम्स में क्या कारनामा किया था?
ज्योति ने 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत, महिला टीम और मिक्स्ड टीम तीनों में तीन स्वर्ण पदक जीते थे।
पृथिका प्रदीप की उम्र कितनी है और उन्होंने कब तीरंदाजी शुरू की थी?
पृथिका की उम्र 18 साल है और उन्होंने कक्षा पांचवीं में एक हॉबी के तौर पर तीरंदाजी शुरू की थी।
चिकिता तनिपार्थी किस राज्य से संबंध रखती हैं?
चिकिता तनिपार्थी तेलंगाना के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं।
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