एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने अभियान का आगाज एक ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ मुकाबले के साथ किया है। पूल बी के तहत खेले गए पहले मैच में भारत ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैदान पर पूरी तरह दबदबा बनाते हुए 19-0 के विशाल अंतर से जीत अपने नाम की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों के बीच खेला गया यह पहला मुकाबला था, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी रक्षापंक्ति को पूरी तरह से बिखेर दिया। मैच के शुरुआती पलों से लेकर अंतिम सीटी बजने तक भारतीय फॉरवर्ड्स और मिडफील्डर्स ने ऐसा शिकंजा कसा कि उज्बेकिस्तान की टीम मुकाबले में कहीं भी संघर्ष करती नजर नहीं आई। यह धमाकेदार नतीजा एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय टीम की सबसे बड़ी जीतों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है।
शुरुआती 18 मिनट में 5-0 की आक्रामक बढ़त
कोच सोर्ड मारिने के दिशा-निर्देशों में मैदान पर उतरी भारतीय टीम पहले मिनट से ही आक्रामक रुख अपनाकर खेलती दिखी। टीम की रणनीति विपक्षी टीम को अपनी लय पकड़ने का कोई मौका न देने की थी। मुकाबले का पहला गोल छठे मिनट में देखने को मिला। नवनीत कौर ने शानदार शॉट जमाया, जिसे उज्बेकिस्तान की गोलकीपर रुशाना चोरिएवा ने रोकने की पूरी कोशिश की। हालांकि, चोरिएवा गेंद को पूरी तरह दूर नहीं धकेल सकीं और छिटककर आई गेंद पर लालरेमसियामी ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए उसे गोलपोस्ट के भीतर भेज दिया। इस शुरुआती सफलता ने भारतीय खेमे के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।
इसके बाद भारतीय आक्रमण पंक्ति ने उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा। अगले 12 मिनट के खेल में भारत ने ताबड़तोड़ चार मैदानी गोल दाग दिए। मुकाबले के महज 18 मिनट बीतने तक पांच अलग-अलग भारतीय खिलाड़ी गोल दागने में सफल हो चुकी थीं और स्कोरबोर्ड पर भारत 5-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर चुका था। उज्बेकिस्तान की टीम इस दौरान रक्षात्मक तौर पर पूरी तरह असहाय नजर आई और उनके पास भारतीय आक्रमण को थामने की कोई रणनीति नहीं दिख रही थी।
दीपिका कुमारी का जलवा और गोलों की बरसात
इस एकतरफा मुकाबले की सबसे चमकदार खिलाड़ी 22 वर्षीय युवा स्टार दीपिका कुमारी रहीं। दीपिका ने मैदान पर अपनी ड्रैगफ्लिक की अचूक कला का ऐसा नजारा पेश किया कि उज्बेकिस्तान के डिफेंडर और गोलकीपर सिर्फ गेंद को जाल में समाते देखते रह गए। पूरे मुकाबले में अकेले दीपिका के बल्ले से आठ गोल निकले। तीसरे क्वार्टर में उनका प्रदर्शन विशेष रूप से विस्फोटक रहा, जहां उन्होंने विपक्षी टीम के डिफेंस को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
तीसरे क्वार्टर के दौरान भारत को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले और दीपिका ने लगभग हर अवसर को भुनाते हुए केवल इसी क्वार्टर में चार दनदनाते हुए गोल दागे। उन्होंने अपने कुल आठ गोलों में से छह गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए किए, जबकि दो गोल मैदानी हमलों के जरिए आए। दीपिका की इस शानदार हैट्रिक और लगातार गोल करने की भूख ने उज्बेकिस्तान के किसी भी संभावित प्रतिरोध को पूरी तरह समाप्त कर दिया।
पूरी टीम का एकजुट प्रदर्शन और गोलों की झड़ी
दीपिका कुमारी के व्यक्तिगत प्रदर्शन के अलावा बाकी भारतीय टीम ने भी आक्रामकता में कोई कसर नहीं छोड़ी। इशिका ने बेहतरीन फिनिशिंग का परिचय देते हुए मुकाबले में तीन गोल दागकर अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की। इसके साथ ही नवनीत कौर ने भी विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदते हुए दो अहम गोल किए। मिडफील्ड की कमान संभालने वाली लालथंतलुआंगी ने अपने शानदार खेल के दम पर दो गोल अपने खाते में जोड़े।
मैच का पहला गोल करने वाली लालरेमसियामी के अलावा बालजीत कौर, नेहा और साक्षी राणा ने भी उज्बेकिस्तान की गोलपोस्ट पर सफल प्रहार किए। इन चारों खिलाड़ियों ने एक-एक गोल दागा। नौ अलग-अलग खिलाड़ियों के इस संयुक्त प्रयास की बदौलत भारतीय टीम निर्धारित समय समाप्त होने तक स्कोर को 19-0 तक पहुंचाने में सफल रही। इस पूरे मैच में उज्बेकिस्तान की टीम भारतीय रणनीति के आगे बेबस नजर आई।
सविता पुनिया का बचाव और चौथे क्वार्टर की रणनीति
पूरे साठ मिनट के खेल में उज्बेकिस्तान की टीम आक्रमण के मामले में लगभग निष्प्रभावी साबित हुई। उन्हें मैच का एकमात्र मौका दूसरे क्वार्टर के आखिरी पलों में मिला, जब शाहजोदा ज़रीपोवा ने एक बेहद मुश्किल कोण से भारतीय गोलपोस्ट पर निशाना साधा। हालांकि, भारत की अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने अपनी सतर्कता और अनुभव का परिचय देते हुए उस शॉट को आसानी से ब्लॉक कर दिया और उज्बेकिस्तान को खाता खोलने से रोक दिया।
तीन क्वार्टर के भीतर 16 गोल दागने के बाद चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया। आगे के कड़े मैचों को ध्यान में रखते हुए कोच सोर्ड मारिने की रणनीति के तहत टीम ने अत्यधिक आक्रामकता के बजाय गेंद पर नियंत्रण यानी बॉल पजेशन बनाए रखने पर जोर दिया। इसके बावजूद भारतीय अग्रिम पंक्ति ने मिले मौकों को नहीं गंवाया और चौथे क्वार्टर में भी तीन और गोल दागते हुए 19-0 के अंतर से मुकाबला समाप्त किया। इस शानदार जीत से भारत को पूल बी की अंक तालिका में शीर्ष स्थान के साथ +19 का मजबूत गोल अंतर हासिल हुआ है।
अगला मुकाबला इंडोनेशिया के खिलाफ
इस जबरदस्त शुरुआत के बाद भारतीय महिला टीम का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। हालांकि, खिलाड़ियों को आराम करने के लिए लंबा समय नहीं मिलेगा क्योंकि उन्हें कल यानी 21 सितंबर (सोमवार) को उसी मैदान गिफू प्रेफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में अपने अगले मैच के लिए उतरना है। पूल बी के इस दूसरे मुकाबले में भारत की टक्कर इंडोनेशिया से होगी। उज्बेकिस्तान के खिलाफ दिखाए गए बेजोड़ तालमेल और आक्रामक खेल को देखते हुए इंडोनेशिया के खिलाफ भी भारतीय टीम की स्थिति बेहद मजबूत मानी जा रही है, जहां प्रशंसक एक और प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।



















