भारत के दिग्गज एथलीट और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा अपनी टखने की चोट से तेजी से उबर रहे हैं। ट्रेनिंग के दौरान लगी इस चोट के कारण उन्हें अपना मौजूदा सत्र जल्दी समाप्त करना पड़ा था। हालांकि, अब उन्होंने संकेत दिया है कि उनका स्वास्थ्य काफी बेहतर है और उनका पूरा ध्यान मैदान पर वापसी करने पर टिका हुआ है।
चोट से उबरने पर नीरज चोपड़ा का बयान
पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक और तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा के लिए अगस्त का महीना निराशाजनक रहा था। अभ्यास सत्र के दौरान उनके टखने में गंभीर चोट आ गई थी। इस वजह से वे आइची-नागोया एशियाई खेलों और प्रतिष्ठित डायमंड लीग के फाइनल में हिस्सा नहीं ले सके थे। हाल ही में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने प्रशंसकों को राहत की खबर दी। नीरज ने स्पष्ट किया कि 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अभी लंबा वक्त बचा है, इसलिए उनका तात्कालिक लक्ष्य अपनी फिटनेस को पूरी तरह हासिल करना है। उन्होंने कहा कि उनका टखना अब काफी हद तक ठीक हो चुका है और वे खुद को काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं।
आगामी सत्र पर टिकी हैं निगाहें
इस सत्र में अपनी चोट के कारण प्रतियोगिताओं से दूर रहने का मलाल नीरज को भी है। हालांकि, वे इसे पीछे छोड़कर अब भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। स्टार एथलीट ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य अगले साल बेहतरीन प्रदर्शन के साथ मैदान पर वापसी करना है। जो प्रदर्शन वे चोटिल होने की वजह से इस सीजन में नहीं दे पाए, वे उसे अगले सत्र में दुनिया के सामने पेश करना चाहते हैं। खेल प्रेमियों को भी उम्मीद है कि अपने इस नए लक्ष्य के साथ वे मैदान पर दोबारा वही पुराना दबदबा कायम करेंगे।
युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना
बातचीत के दौरान नीरज चोपड़ा ने देश के उभरते हुए भाला फेंक खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए यशवीर सिंह ने रजत पदक जीता, जबकि रोहित यादव ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। नीरज ने इन दोनों एथलीटों के प्रदर्शन को देश के लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले एशियाई खेलों में भारत ने दो पदक जीते थे, जिनमें एक स्वर्ण और एक रजत शामिल था। इस बार जब वे खुद और किशोर जेना प्रतियोगिता से बाहर थे, तब भी नए खिलाड़ियों ने दो पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
भारतीय एथलेटिक्स का उज्ज्वल भविष्य
नीरज का मानना है कि युवा खिलाड़ियों की यह सफलता दर्शाती है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। नए एथलीटों का आगे आना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करना भारतीय खेल जगत के लिए बेहद सकारात्मक संदेश है। उन्होंने उभरती हुई इस नई पीढ़ी को एक खास सलाह भी दी। नीरज ने युवा खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपनी फिटनेस का विशेष ध्यान रखें, खुद को चोटों से बचाएं और बिना किसी दबाव के अपने खेल का पूरा आनंद लें।



















