मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटल वेंचर जियो प्लेटफॉर्म्स का आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग भारतीय शेयर बाजार का परिदृश्य बदलने की तैयारी में है। कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक के अनुसार शेयर बाजारों में इस नई लिस्टिंग के पूरा होते ही रिलायंस समूह अपनी सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण के पैमाने पर देश का सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन जाएगा। लगभग दो दशकों के अंतराल के बाद रिलायंस समूह की ओर से आ रहा यह सार्वजनिक निर्गम पूंजी जुटाने के लिहाज से देश के इतिहास का सबसे विशाल निर्गम बनने जा रहा है।
30,213 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक निर्गम और महत्वपूर्ण तिथियां
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को आम निवेशकों और संस्थागत खरीदारों के सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए कुल 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बनाई है। शेयरों के लिए 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है। यदि बोलियां प्राइस बैंड के सबसे ऊपरी स्तर 1,119 रुपये पर पूरी तरह सफल रहती हैं, तो इस पेशकश का कुल आकार लगभग 30,213 करोड़ रुपये बैठता है। इतनी भारी भरकम राशि के साथ यह निर्गम भारतीय पूंजी बाजार में अब तक दर्ज हुए सबसे बड़े आईपीओ का नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले आकर्षक वैल्यूएशन का गणित
शेयर बाजार के जानकारों और उदय कोटक के विश्लेषण के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स की कीमत इसके निकटतम शीर्ष प्रतिद्वंद्वी की तुलना में अधिक आकर्षक नजर आ रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की अनुमानित कमाई को पैमाना बनाया जाए, तो जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन लगभग 34 गुना आंका गया है। इसके विपरीत क्षेत्र की प्रमुख प्रतिस्पर्धी कंपनी करीब 41 गुना के मूल्यांकन पर कारोबार कर रही है। मूल्यांकन का यह सात गुना का अंतर खुदरा और बड़े संस्थागत निवेशकों दोनों के लिए इस निर्गम को बेहद आकर्षक और फायदेमंद अवसर बना सकता है।
वैश्विक स्तर पर संस्थागत निवेशकों की भारी दिलचस्पी
पब्लिक इश्यू के औपचारिक रूप से खुलने से पहले ही वैश्विक वित्तीय जगत और संस्थागत निवेशकों की ओर से जबरदस्त रुझान देखा जा रहा है। इसी सिलसिले में जियो के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने दुनिया भर के 50 प्रमुख निवेशकों के साथ व्यक्तिगत तौर पर बैठकें की हैं। वैश्विक स्तर पर हुए इस संवाद से निर्गम को अंतरराष्ट्रीय फंडों का मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
53 करोड़ उपभोक्ताओं का विशाल आधार और डिजिटल क्रांति
टेलीकॉम क्षेत्र में कदम रखने के बाद से जियो ने पूरे भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी और मोबाइल डेटा के इस्तेमाल को पूरी तरह बदल दिया। अत्यंत किफायती दरों पर डेटा उपलब्ध कराने और डिजिटल सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति के दम पर आज कंपनी का सक्रिय उपभोक्ता आधार 53 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। इतनी बड़ी ग्राहक संख्या के सहारे कंपनी का नकदी प्रवाह और भविष्य की विकास संभावनाएं काफी मजबूत बनी हुई हैं। अब शेयर बाजार में आधिकारिक प्रवेश के साथ ही रिलायंस समूह की कुल बाजार हैसियत को एक नई ऊंचाई और अभूतपूर्व मजबूती मिलने की पूरी संभावना है।

















