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त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का कर रचा इतिहास, सात्विक और चिराग क्वार्टर फाइनल में हारेखेल
22 अग॰ 2026, 7:38 am (66 दिन पहले)· 1

त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का कर रचा इतिहास, सात्विक और चिराग क्वार्टर फाइनल में हारे

बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के क्वार्टर फाइनल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने इतिहास रचते हुए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया, जबकि पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को हार का सामना करना पड़ा।

बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का क्वार्टर फाइनल मुकाबला भारतीय खेल प्रेमियों के लिए मिलीजुला साबित हुआ। एक तरफ जहां महिला युगल स्पर्धा में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की प्रतिभावान जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा और पदक पक्का किया, वहीं दूसरी तरफ पुरुष युगल वर्ग में पदक की बड़ी दावेदार मानी जा रही सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी का सफर क्वार्टर फाइनल में ही थम गया।

त्रीसा और गायत्री का ऐतिहासिक प्रदर्शन: 15 साल बाद पदक पक्का

महिला युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की युवा जोड़ी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने अपनी रणनीतिक कुशलता से पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। भारतीय जोड़ी ने चीन की बेहद मजबूत जोड़ी जिया यी फान और झांग शू शियान के खिलाफ 1 घंटे 9 मिनट तक चले बेहद थका देने वाले और संघर्षपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज की। पहला गेम 16-21 से गंवाने के बाद त्रीसा और गायत्री ने जबरदस्त वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 21-15 और 21-13 से अपने नाम कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।

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पहले गेम में पिछड़ने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गजब की मानसिक मजबूती का परिचय दिया। दूसरे और तीसरे गेम के दौरान कोर्ट पर गायत्री गोपीचंद का नेट पर नियंत्रण बेहद सटीक रहा, जबकि त्रीसा जॉली ने बैककोर्ट से लगातार पावरफुल स्मैश लगाकर चीनी रक्षापंक्ति को ध्वस्त कर दिया। चीनी खिलाड़ी भारतीय आक्रमण का सही जवाब ढूंढने में नाकाम रहे और लगातार दबाव में नजर आए।

भारतीय महिला युगल के लिए ऐतिहासिक क्षण

सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ ही त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुरक्षित कर लिया है। भारतीय महिला युगल बैडमिंटन के इतिहास में यह एक असाधारण उपलब्धि है। इससे पहले साल 2011 में लंदन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप के दौरान ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की प्रसिद्ध जोड़ी ने कांस्य पदक जीता था। अब ठीक 15 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत को महिला युगल स्पर्धा में कोई विश्व पदक प्राप्त होने जा रहा है।

सात्विक और चिराग का थमा अभियान: चीनी जोड़ी का दबदबा

महिला वर्ग से मिली इस बड़ी खुशखबरी के कुछ ही देर बाद पुरुष युगल स्पर्धा से निराशाजनक खबर आई। दुनिया की 5वें नंबर की जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, जो 2022 और 2025 में विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक जीत चुके थे, चीनी चुनौती के आगे पस्त हो गए। चीन की जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग ने महज 36 मिनट तक चले एकतरफा मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 21-18, 21-9 से पराजित कर दिया।

पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीनी जोड़ी के खिलाफ सात्विक और चिराग का पिछला रिकॉर्ड बहुत उत्साहजनक नहीं रहा था। इस मुकाबले से पहले दोनों जोड़ियों के बीच खेले गए मैचों में भारतीयों को 4 जीत और 9 हार मिली थी। क्वार्टर फाइनल के इस मैच में भी चीनी खिलाड़ियों का वही दबदबा पूरी तरह कायम दिखाई दिया।

पहला गेम: कांटे की टक्कर के बाद दबाव में बिखराव

पुरुष युगल मुकाबले के शुरुआती गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। सात्विक और चिराग ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और स्कोर 4-4, 8-8 और 10-10 की बराबरी पर चलता रहा। मिडकोर्ट पर बेहतरीन तालमेल के दम पर भारतीय जोड़ी ने इंटरवल तक 11-10 की मामूली बढ़त बना ली थी। इसके बाद कोण बनाकर लगाए गए तेज शॉट्स की मदद से सात्विक और चिराग ने 15-12 और फिर 16-14 की बढ़त हासिल की।

हालांकि, खेल के अहम पड़ाव पर दबाव भारतीय खिलाड़ियों पर भारी पड़ने लगा। चिराग की नेट पर हुई एक गैर-जरूरी गलती और वांग चांग के कूदकर लगाए गए तेज तर्रार स्मैश के कारण चीनी जोड़ी ने 18-17 से बढ़त बना ली। इसके बाद सात्विक का एक शॉट कोर्ट की सीमा रेखा से बाहर चला गया और स्कोर 18-18 हो गया। यहां लियांग के शक्तिशाली शॉट और चिराग की अनफोर्स्ड एरर की वजह से चीन को दो गेम प्वाइंट मिले, जिसका लाभ उठाकर चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-18 से जीत लिया।

दूसरा गेम: चीनी खिलाड़ियों का एकतरफा नियंत्रण

पहला गेम गंवाने के बाद सात्विक और चिराग की लय पूरी तरह बिगड़ गई। दूसरे गेम में लियांग वेई केंग और वांग चांग ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए 9-4 की बड़ी बढ़त बना ली। भारतीय खेमे में चिराग की सर्विस संबंधी गलतियां और निरंतरता की कमी साफ झलक रही थी। इंटरवल के समय चीनी खिलाड़ी 11-5 से आगे चल रहे थे।

इंटरवल के बाद भी चीनी जोड़ी ने कोर्ट पर पूरी तरह अपना कब्जा बनाए रखा। उन्होंने शटल को सपाट रखते हुए ऐसे कोणों से रिटर्न दिए कि सात्विक और चिराग को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। लियांग ने भारतीय खिलाड़ियों के बीच के खाली स्थान को निशाना बनाते हुए सटीक विनर निकाले और स्कोर जल्द ही 15-7 और फिर 17-9 तक पहुंच गया। अंत में सात्विक का एक शॉट नेट से टकराते ही चीनी जोड़ी को 9 मैच प्वाइंट मिल गए और उन्होंने अपनी पहली ही सर्विस पर 21-9 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया। भले ही सात्विक और चिराग का अभियान खत्म हो गया हो, लेकिन त्रीसा और गायत्री की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की उम्मीदों को बनाए रखा है।

सवाल-जवाब

बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने क्या उपलब्धि हासिल की?
त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने क्वार्टर फाइनल में चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया।
भारत ने महिला युगल में पिछला विश्व चैंपियनशिप पदक कब जीता था?
भारत ने महिला युगल में पिछला पदक 2011 की लंदन विश्व चैंपियनशिप में जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने कांस्य पदक हासिल किया था।
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का क्वार्टर फाइनल मुकाबला किसके खिलाफ था?
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का मुकाबला चीन की जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग से था, जिसमें चीनी जोड़ी ने 21-18, 21-9 से जीत दर्ज की।
सात्विक और चिराग के खिलाफ चीनी जोड़ी लियांग और वांग का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड क्या है?
इस मुकाबले से पहले और बाद में चीनी जोड़ी का दबदबा रहा है, जिसमें चीनी जोड़ी के खिलाफ सात्विक और चिराग का रिकॉर्ड 4 जीत और 9 हार का था।
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