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हवाई अड्डों पर सवारी कराने वाला स्मार्ट सूटकेस, अरिस्टा वॉल्ट का 100 करोड़ के कारोबार का लक्ष्यस्टार्टअप्स
21 अक्तू॰ 2026, 11:18 am (7 दिन पहले)· 5

हवाई अड्डों पर सवारी कराने वाला स्मार्ट सूटकेस, अरिस्टा वॉल्ट का 100 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य

अरिस्टा वॉल्ट कंपनी ने अल्ट्रासोनिक तकनीक से चलने वाला ऐसा राइड करने योग्य स्मार्ट लगेज तैयार किया है जिस पर बैठकर यात्रा की जा सकती है। 70 लाख रुपये की लागत से विकसित इस उत्पाद के दम पर कंपनी अब 100 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर की योजना पर काम कर रही है।

यात्रा के दौरान भारी सामान ढोना अक्सर थकावट भरा होता है, लेकिन आधुनिक तकनीक ने अब सूटकेस को ही आवागमन का साधन बना दिया है। स्मार्ट गैजेट्स की दुनिया में एक ऐसा अनूठा लगेज बैग पेश हुआ है जो जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक स्कूटर की तरह काम करता है। हवाई अड्डों और बड़े परिसरों में तेज आवाजाही के लिए तैयार किया गया यह सूटकेस मुसाफिरों को अपने ऊपर बैठाकर ले जाने में पूरी तरह सक्षम है।

अरिस्टा वॉल्ट का तकनीकी नवाचार

इस अनूठे राइड करने योग्य लगेज का निर्माण भारतीय तकनीकी स्टार्टअप अरिस्टा वॉल्ट करती है। इस कंपनी की स्थापना साल 2017-18 में हुई थी। कंपनी की फाउंडर पूर्वी राय और को-फाउंडर अतुल गुप्ता हैं। यह उद्यम आधुनिक तकनीक पर आधारित स्मार्ट लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स विकसित करने के क्षेत्र में काम कर रहा है। कंपनी ने दैनिक जीवन की यात्राओं और गैजेट्स को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।

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सवारी कराने वाले सूटकेस की खूबियां और गति

यह स्मार्ट लगेज पूरी तरह से अल्ट्रासोनिक साउंड और मोटर आधारित तकनीक पर काम करता है। जब किसी यात्री को इस पर सवार होना होता है, तो वह सूटकेस के निचले हिस्से में मौजूद फोल्डेबल फुट स्टेप्स को बाहर निकाल सकता है। पैरों को इन पैडल पर टिकाने के बाद इसे हाथ में पकड़े जाने वाले रिमोट कंट्रोल की मदद से आगे या पीछे संचालित किया जा सकता है। यात्रा के दौरान दिशा बदलने और गति को थामने का काम पैरों के सहारे भी आसानी से किया जा सकता है।

गति और भार क्षमता के लिहाज से यह लगेज काफी मजबूत बनाया गया है। यह 7 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की क्षमता रखता है। इस पर अधिकतम 120 किलोग्राम वजन का कोई भी व्यक्ति सुरक्षित बैठकर सफर कर सकता है। इसे मुख्य रूप से विशालकाय हवाई अड्डों के टर्मिनलों पर एक गेट से दूसरे गेट तक बिना थके तेजी से पहुंचने के लिए तैयार किया गया है।

बैटरी बैकअप और स्वचालित फीचर्स

सूटकेस को ऊर्जा देने के लिए इसमें एक रिमूवेबल यानी अलग की जा सकने वाली बैटरी लगाई गई है। इस बैटरी को पूरी तरह से चार्ज होने में केवल 2 घंटे का समय लगता है। बैटरी को आसानी से बाहर निकालकर भी प्लगइन किया जा सकता है, जो हवाई सुरक्षा और यात्रा नियमों के लिहाज से सुविधाजनक रहता है।

इसके अलावा इसमें कई खास सुरक्षा और सुविधा फीचर्स जोड़े गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख फॉलो मी फीचर है। इस मोड को चालू करते ही रिमोट के इशारे पर यह सूटकेस बिना किसी सहारे या रुकावट के अपने मालिक के ठीक पीछे अपने आप चलने लगता है। लगेज में संतुलन बनाए रखने के लिए सेल्फ बैलेंसिंग तकनीक और ढलानों पर चढ़ने के लिए हिल क्लाइंबिंग फीचर भी इनबिल्ट दिए गए हैं।

बाजार में कीमत और उपलब्धता

वर्तमान समय में इस राइड करने योग्य स्मार्ट लगेज की कीमत 50 हजार से 60 हजार रुपये के बीच रखी गई है। हालांकि कंपनी की फाउंडर पूर्वी राय और को-फाउंडर अतुल गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में बड़े पैमाने पर उत्पादन होने के साथ इसकी कीमतों में उल्लेखनीय कटौती की जाएगी। जो ग्राहक इस उत्पाद को खरीदना चाहते हैं, वे इसे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट aristavault.com से ऑर्डर कर सकते हैं। इसके अलावा यह अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध है।

70 लाख के निवेश से 100 करोड़ के टर्नओवर की योजना

कंपनी के को-फाउंडर ने इस उत्पाद के कारोबारी सफर की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पूरी स्मार्ट लगेज श्रृंखला को अनुसंधान और विकास के जरिए तैयार करने में शुरुआती लागत करीब 70 लाख रुपये आई थी। इस नवाचार के दम पर आज कंपनी सालाना 10 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर रही है। आगामी 2 वर्षों के भीतर कंपनी ने अपने इस कारोबार को 100 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर भी मजबूत समर्थन मिला है। हाल ही में सरकार ने अरिस्टा वॉल्ट में प्रत्यक्ष निवेश किया है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कंपनी को शोध और परीक्षण के लिए अत्याधुनिक लैब के साथ कई अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। यह कंपनी व्यावसायिक रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया के मंच पर भी अपनी प्रस्तुति दे चुकी है, जहां शादी डॉट कॉम के संस्थापक अनुपम मित्तल ने इस स्टार्टअप में अपना निवेश किया है।

सवाल-जवाब

इस स्मार्ट लगेज की गति और भार उठाने की क्षमता कितनी है?
यह स्मार्ट सूटकेस 7 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलता है और अधिकतम 120 किलोग्राम तक का भार वहन कर सकता है।
इस सूटकेस की बैटरी को पूरा चार्ज होने में कितना समय लगता है?
इसमें एक रिमूवेबल बैटरी लगी हुई है जो लगभग 2 घंटे में पूरी तरह से चार्ज हो जाती है।
अरिस्टा वॉल्ट के इस राइड करने योग्य बैग की बाजार में कीमत क्या है?
इस स्मार्ट लगेज की वर्तमान कीमत 50 हजार से 60 हजार रुपये के बीच है, जिसे आगे चलकर कम करने की योजना है।
इस बैग में क्या-क्या प्रमुख तकनीकी फीचर्स दिए गए हैं?
इसमें अल्ट्रासोनिक नियंत्रण, रिमोट द्वारा संचालन, फॉलो मी स्वचालित ट्रैकिंग, सेल्फ बैलेंसिंग और हिल क्लाइंबिंग जैसे फीचर्स मौजूद हैं।
अरिस्टा वॉल्ट कंपनी की स्थापना कब हुई थी और इसके संस्थापक कौन हैं?
कंपनी की शुरुआत 2017-18 में हुई थी। इसकी फाउंडर पूर्वी राय हैं और को-फाउंडर अतुल गुप्ता हैं।
इस कंपनी में किन प्रमुख निवेशकों और संस्थाओं ने निवेश किया है?
कंपनी में सरकार ने प्रत्यक्ष निवेश करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से लैब सुविधाएं दी हैं, जबकि शार्क टैंक इंडिया के जरिए अनुपम मित्तल ने भी इसमें निवेश किया है।
कंपनी का मौजूदा टर्नओवर और आगामी 2 साल का वित्तीय लक्ष्य क्या है?
कंपनी वर्तमान में सालाना 10 करोड़ रुपये का टर्नओवर कर रही है और आगामी 2 साल में इसे 100 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·6 दिन पहले

एयरपोर्ट पर इस पर बैठकर चलना कूल लग रहा है, पर भीड़ में खुद को संभाल पाना इतना आसान नहीं होगा।

Rohan Gupta@rohan-gupta·6 दिन पहले

पिछले महीने दिल्ली एयरपोर्ट पर टर्मिनल 3 के एक गेट से दूसरे गेट तक दौड़ते-दौड़ते मेरी हालत खराब हो गई थी। अगर तब मेरे पास यह राइड करने वाला सू́tकेस होता, तो सचमुच जान बच जाती। पचास-साठ हज़ार रुपये थोड़ा ज़्यादा लग रहे हैं, पर एयरपोर्ट के लंबे गलियारों में यह वाकई काम की चीज़ है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·6 दिन पहले

रोहन, टी-3 पर दौड़ना सच में सजा जैसा है! 50-60 हज़ार थोड़े ज़्यादा तो हैं, पर अगर सामान के साथ आराम से सवारी मिल जाए तो पैसा वसूल है।

Michael Anderson@michael-anderson·6 दिन पहले

बड़े एयरपोर्ट्स पर चलते-चलते पैर दुख जाते हैं, ऐसे में सूटकेस पर बैठकर चलने का आइडिया वाकई मजेदार है। बस भीड़भाड़ में थोड़ा संभालना पड़ेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

बिल्कुल माइकल, भीड़ में इसे चलाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, पर बैटरी और स्पीड का कॉम्बिनेशन बढ़िया है।

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