नीदरलैंड्स की सेमीकंडक्टर दुनिया में उन्नत चिप निर्माण तकनीकों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। चिप फैब्रिकेशन संयंत्रों में सिलिकॉन वेफर्स पर महीन सर्किट डिजाइन उकेरने के मामले में डच क्षेत्र पहले से ही दुनिया का नेतृत्व करता रहा है। उसी डच तकनीकी परिवेश से जुड़ी एक अन्य इनोवेटिव कंपनी मॉर्फोटोनिक्स अब इसी क्षेत्र के एक खास हिस्से नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी यानी एनआईएल में नई क्रांति ला रही है। मॉर्फोटोनिक्स ने अपने उपकरणों और उत्पादन क्षमताओं का दायरा बढ़ाने के साथ ही डेटा सेंटरों के नए बाजार में कदम रखने के लिए 40 मिलियन यूरो का बड़ा फंड जुटाया है। यह पूंजी कंपनी के लंबे समय से चल रहे फंडिंग दौर का हिस्सा है और इससे वह स्मार्ट चश्मों के डिस्प्ले के साथ-साथ हाई-स्पीड ऑप्टिक्स का उत्पादन तेजी से कर सकेगी।
सप्लाई चेन की मजबूती और नए निवेशकों का साथ
मॉर्फोटोनिक्स पिछले बारह वर्षों से इस विशिष्ट तकनीक को बिना ज्यादा प्रचार के लगातार विकसित कर रही थी। लिथोग्राफी उद्योग की मौजूदा डच आपूर्ति श्रृंखला और साझा वेंडरों के बुनियादी ढांचे से कंपनी को तकनीकी रूप से काफी लाभ मिला है। अब जब वैश्विक बाजार में ऑगमेंटेड रियलिटी और स्मार्ट वियरेबल्स की मांग तेजी से उछल रही है, तब कंपनी ने इस विकास यात्रा को गति दी है। इस 40 मिलियन यूरो के दौर में 3एम वेंचर्स, इनोवेशन इंडस्ट्रीज, बीओएम और इन्वेस्ट-एनएल जैसे बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा यूरोपियन इनोवेशन काउंसिल फंड, डच फैमिली ऑफिस एर्निज नेक्स्ट तथा यूरोपियन इनवेस्टमेंट बैंक ने भी इस राउंड में निवेश किया है।
नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी और वेवगाइड डिस्प्ले का काम
कंपनी का पूरा तकनीकी काम नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी की कार्यप्रणाली पर निर्भर करता है। इस प्रक्रिया में एक खास किस्म की स्टैम्प यानी मोल्ड तैयार किया जाता है, जिसे रोशनी के प्रति संवेदनशील सामग्रियों पर दबाकर माइक्रोस्कोपिक पैटर्न तैयार किए जाते हैं। इस माध्यम से ऑगमेंटेड रियलिटी गॉगल्स से लेकर कारों की प्राइवेसी स्क्रीन तक विभिन्न प्रकार के डिस्प्ले बनाए जाते हैं। स्मार्ट चश्मों में यह प्रक्रिया वेवगाइड्स बनाने में बेहद कारगर साबित होती है। वेवगाइड्स असल में कांच या प्लास्टिक के बेहद पतले टुकड़े होते हैं, जो प्रकाश की किरणों को एक निश्चित दिशा में मोड़कर सीधे यूजर की आंखों के सामने स्पष्ट डिजिटल इमेज पेश करते हैं। इस तकनीक का उपयोग मेटा रे-बैन डिस्प्ले, इवन रियलिटी और मैजिक लीप जैसी डिवाइसों में भी किया जाता है।
ग्लोबल मांग में तेजी और तेजी से बढ़ता बाजार
स्मार्ट ग्लास की बढ़ती लोकप्रियता ने इस डिस्प्ले तकनीक की मांग को बहुत बड़ा धक्का दिया है। चीन में इस साल के पहले आठ महीनों के दौरान ही स्मार्ट ग्लास की बिक्री दोगुनी दर्ज की गई है। इसके अलावा मार्केट रिसर्च फर्म आईडीसी का अनुमान है कि डिस्प्ले वाले स्मार्ट ग्लास की वैश्विक शिपमेंट 2030 तक 12.2 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाएगी। इस बड़े विस्तार को देखते हुए हार्डवेयर निर्माता ऐसे उत्पादन उपकरणों की तलाश कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर इन जटिल डिस्प्ले को कुशलतापूर्वक बना सकें। मॉर्फोटोनिक्स का नया फंड इसी औद्योगिक मांग को पूरा करने में लगाया जा रहा है।
टीम का विस्तार और 6 मिलियन वेवगाइड बनाने की तैयारी
साल 2024 में शुरू हुए इस फंडिंग दौर के तहत कंपनी ने अपनी कार्यक्षमता में भारी इजाफा किया है। सितंबर 2024 में जब सीईओ ह्यूगो दा सिल्वा कंपनी से जुड़े थे, तब कंपनी के पास लगभग 30 कर्मचारी थे, जो अब बढ़कर 60 से अधिक हो चुके हैं। मॉर्फोटोनिक्स का लक्ष्य अपनी टीम को 70 से 75 कर्मचारियों तक स्थिर करने का है। कंपनी का उत्पादन मुख्य रूप से एशिया के बाजारों पर केंद्रित है, जहां चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका में स्थानीय टीमें काम कर रही हैं। दा सिल्वा के अनुसार कंपनी ग्राहकों को केवल मशीनें ही नहीं बेचती, बल्कि पूरी निर्माण प्रक्रिया सिखाती है और जरूरी केमिकल्स भी उपलब्ध कराती है ताकि डिस्प्ले निर्माता अपने प्लांट में आसानी से उत्पादन कर सकें। कंपनी द्वारा तैयार की जा रही अगली मशीन प्रति वर्ष 60 लाख से अधिक वेवगाइड्स का उत्पादन करने में सक्षम होगी और इसकी डिलीवरी अगले साल की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है।
डेटा सेंटरों के लिए को-पैकेजबल्ड ऑप्टिक्स की ओर कदम
डिस्प्ले निर्माण के अलावा कंपनी अपने पोर्टफोलियो को डेटा सेंटरों की नई जरूरत के अनुकूल ढाल रही है। इसके तहत को-पैकेज्ड ऑप्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस तकनीक में फोटोनिक इंटीग्रेटेड सर्किट्स का उपयोग होता है, जो बिजली के तारों के बजाय प्रकाश तरंगों का उपयोग करके कंप्यूटर सर्वरों और नेटवर्क हार्डवेयर के बीच डेटा ट्रांसफर करते हैं। कंपनी ने अभी तक इस सेगमेंट के लिए कमर्शियल मशीनें डिलीवर नहीं की हैं, लेकिन ग्राहकों ने उसकी तकनीक को जांचा और प्रमाणित कर दिया है। वर्तमान में कंपनी का 90 प्रतिशत रेवेन्यू हार्डवेयर बिक्री से आता है और दुनिया भर में उसके 10 से 15 सिस्टम काम कर रहे हैं। कंपनी अगले दो से तीन वर्षों में अपने इंस्टॉलेशन की संख्या 50 तक पहुंचाने की योजना बना रही है, जिससे सर्विस और लाइसेंसिंग से होने वाली कमाई में भी बड़ा उछाल आएगा।



















