वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर के लिए चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कच्चे तेल की मजबूत कीमतों के बावजूद कनाडाई मुद्रा लगातार दूसरे हफ्ते नुकसान की ओर बढ़ रही है। अमेरिकी डॉलर के साप्ताहिक उछाल में थोड़ा ठहराव आने के बाद भी यूएसडी/सीएडी का भाव जुलाई के मध्य के स्तरों के करीब टिका हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं तथा दोनों देशों की मौद्रिक नीतियों के बीच बढ़ते फासले ने अमेरिकी डॉलर के पक्ष में यील्ड अंतर को काफी चौड़ा कर दिया है। ताजा बाजार आंकड़ों में यूएसडी/सीएडी 1.41 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 0.29 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
फेडरल रिजर्व का रुख और ट्रेजरी यील्ड में बड़ा अंतर
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक की स्थिति को मापता है, 101 के आसपास बना हुआ है। इससे पहले गुरुवार को यह 101.40 तक जा पहुंचा था, जो लगभग दो महीनों का इसका उच्चतम स्तर है। डॉलर की इस मजबूती को अमेरिकी बॉन्ड बाजार से जबरदस्त सहारा मिल रहा है। अमेरिका की दो वर्षीय ट्रेजरी यील्ड वर्तमान में 4.87 प्रतिशत के करीब है, जो बुधवार को 4.94 प्रतिशत के चरम पर पहुंच गई थी। उल्लेखनीय है कि 4.94 प्रतिशत का यह स्तर साल 2004 के बाद से अमेरिकी दो वर्षीय बॉन्ड का सर्वोच्च स्तर है।
दूसरी ओर, कनाडा के दो वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड 3.35 प्रतिशत के पास टिकी हुई है। दोनों देशों के बॉन्ड प्रतिफल में लगभग 150 आधार अंकों यानी 1.50 प्रतिशत का भारी अंतर बन चुका है। यह व्यापक अंतर निवेशकों को अमेरिकी डॉलर में पूंजी लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे कनाडाई डॉलर लगातार पिछड़ रहा है। तकनीकी विश्लेषण पर नजर डालें तो दैनिक चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 73 पर है, जो ओवरबॉट स्थिति की ओर इशारा कर रहा है। इसके साथ ही एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स यानी ADX 30 पर दर्ज हुआ है, जो मौजूदा अपट्रेंड की मजबूती को दर्शाता है। यूएसडी/सीएडी का 52-सप्ताह का दायरा 1.35 से 1.42 के बीच रहा है, जबकि तात्कालिक 20-दिवसीय सपोर्ट 1.38 और रेजिस्टेंस 1.42 के आसपास देखा जा रहा है।
मुद्राओं का आपसी प्रदर्शन और वैश्विक मैक्रो कारक
इस सप्ताह विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कनाडाई डॉलर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के सामने कनाडाई डॉलर ने सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई, लेकिन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह कमजोर साबित हुआ। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर गिरकर अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के संवेदनशील स्तर के करीब पहुंच गया। कच्चे तेल में लगातार दो दिनों की तेजी ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से हवा दी है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी डॉलर को समर्थन दिया, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों को दबा दिया।
जापानी येन के मोर्चे पर, यूएसडी/जेपीवाई शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान हल्का नरम पड़ा और 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर की अपनी तेजी से थोड़ा पीछे हटा। जापान के अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं के चलते व्यापारी सतर्क नजर आए। हालांकि, फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण के कारण डॉलर का रुख सकारात्मक बना हुआ है। बैंक ऑफ जापान ने पिछले सप्ताह अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किया था, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक अपेक्षित कदम था। इसके बावजूद यह नीतिगत कदम येन की कमजोरी को पूरी तरह थामने में असमर्थ दिखा।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर ब्याज दरों का साया
ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी का असर कीमती धातुओं और डिजिटल परिसंपत्तियों पर भी साफ देखा जा रहा है। सोना शुक्रवार को अपने कुछ नुकसान की भरपाई करते हुए 4,230 डॉलर के सपोर्ट क्षेत्र से सुधरकर 4,300 डॉलर के स्तर के ठीक नीचे कारोबार करता दिखा। हालांकि, लंबी अवधि की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 5 प्रतिशत के स्तर से ऊपर बने रहने और फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त फैसलों की आशंकाओं के चलते सोने में मंदी का व्यापक रुझान बरकरार है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में शुक्रवार को स्थिरता का माहौल रहा। सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन थोड़ा सुधरकर 84,000 डॉलर के स्तर से ऊपर टिकी रही, जबकि इथेरियम में भी बिटकॉइन के समानांतर नरमी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ रिपल यानी XRP का रुख बाकी बाजार से अलग दिखाई दिया। इन वित्तीय गतिविधियों के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल रही, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 24 सितंबर को वॉशिंगटन में द्विपक्षीय मुलाकात की। बीजिंग वार्ता के चार महीने बाद हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार युद्ध विराम को दो महीने और बढ़ाकर 10 जनवरी 2027 तक करने का फैसला किया और बातचीत जारी रखने के संकेत दिए।
आगामी आर्थिक आंकड़े तय करेंगे आगे की दिशा
फॉरेक्स बाजार में कारोबार करने वाले निवेशकों की नजरें अब अगले सप्ताह जारी होने वाले बड़े आर्थिक संकेतकों पर टिकी हैं। अमेरिका में व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी PCE मुद्रास्फीति रिपोर्ट, ISM मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI और नॉनफार्म पेरोल यानी NFP डेटा जारी किए जाएंगे। दूसरी ओर, कनाडा का जुलाई महीने का सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP आंकड़ा सामने आएगा। ये आंकड़े स्पष्ट करेंगे कि बैंक ऑफ कनाडा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बीच दरों का मौजूदा अंतर और कितना गहरा सकता है।

















