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6 करोड़ के कर्ज से 3,000 करोड़ के साम्राज्य तक: अमित कुमत की अविश्वसनीय यात्रासक्सेस स्टोरी
19 जून 2026, 5:47 am (45 दिन पहले)· 3

6 करोड़ के कर्ज से 3,000 करोड़ के साम्राज्य तक: अमित कुमत की अविश्वसनीय यात्रा

प्रताप स्नैक्स और येलो डायमंड ब्रांड के सह-संस्थापक अमित कुमत ने एक बड़े वित्तीय झटके के बाद 6 करोड़ रुपये के कर्ज से निकलकर एक मल्टी-करोड़ रुपये का स्नैक साम्राज्य खड़ा किया, जो उनकी असाधारण दृढ़ता औ

व्यापार की दुनिया में सफलता की राह अक्सर अनिश्चितताओं और चुनौतियों से भरी होती है. लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो दर्शाती हैं कि वित्तीय संकट किसी उद्यमी के भविष्य को तय नहीं करते. अमित कुमत की कहानी ऐसी ही एक प्रेरणादायक मिसाल है, जिन्होंने 6 करोड़ रुपये के भारी कर्ज से उबरकर भारत के सबसे पसंदीदा स्नैक ब्रांड्स में से एक, Yellow Diamond, को जन्म दिया. उनका यह सफर स्टार्टअप संस्थापकों और व्यावसायिक पेशेवरों के लिए कई महत्वपूर्ण सबक सिखाता है.

एक जोखिम भरा उद्यम और बड़ा झटका

अमित कुमत ने अपने शुरुआती करियर में स्नैक सेक्टर में कुछ समय बिताने के बाद केमिकल मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा. यह फैसला जल्द ही एक बड़ी वित्तीय गलती साबित हुआ. केवल एक साल के भीतर, इस व्यवसाय ने उन्हें 6 करोड़ रुपये के भारी कर्ज में डाल दिया. अधिकांश लोगों के लिए इतने बड़े पैमाने की विफलता उनके उद्यमशीलता के सपनों का अंत हो सकती थी. लेकिन अमित कुमत हार मानने वालों में से नहीं थे. जहाँ दूसरे एक बंद रास्ता देखते थे, वहीं उन्होंने फिर से शुरुआत करने का एक अवसर देखा, इस बार एक ऐसे क्षेत्र में जिसे वे वास्तव में समझते थे.

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बाजार में एक अनदेखे अवसर की पहचान

वर्ष 2002 की शुरुआत में, अमित ने एक महत्वपूर्ण बात पर गौर किया जिसे बड़े खिलाड़ी नज़रअंदाज़ कर रहे थे. बड़े, स्थापित स्नैक ब्रांड्स की पहुँच इंदौर जैसे छोटे शहरों में सीमित थी. उन्होंने महसूस किया कि प्रमुख ब्रांडों की छोटे शहरों में पैठ मजबूत नहीं थी, और यह वही खाली जगह थी जहाँ से उनके नए विचार ने जन्म लिया. उन्हें हमेशा से पता था कि वे एक उद्यमी बने रहना चाहते हैं, और स्नैक्स बाजार में उनकी गहरी समझ ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर खींचा.

प्रताप स्नैक्स का उदय: विनम्र शुरुआत से राष्ट्रीय ब्रांड तक

अपने विचार को साकार करने के लिए, अमित कुमत ने अपने भाई अपूर्व कुमत और दोस्त अरविंद मेहता से संपर्क किया. शुरुआत में, उन्हें अपने परिवार को 15 लाख रुपये का निवेश करने के लिए मनाना पड़ा, जिसमें उन्होंने वादा किया कि यदि व्यवसाय विफल रहा, तो वे एक-एक रुपया वापस कर देंगे. इस समर्थन और वादे के साथ, तीनों ने 2003 में अपनी पहली प्रोडक्ट, पनीर बॉल्स, लॉन्च की. इंदौर के एक छोटे से साधारण ऑफिस से संचालित होते हुए, इन तीनों संस्थापकों ने इस उद्यम में अपनी पूरी लगन लगा दी.

धीरे-धीरे, बिक्री बढ़ने लगी. इसी मामूली शुरुआत से प्रताप स्नैक्स का जन्म हुआ और इसकी नींव पर संस्थापकों ने नमकीन और आलू चिप्स का लोकप्रिय ब्रांड Yellow Diamond खड़ा किया. एक साधारण पृष्ठभूमि से स्नैक बाजार में एक प्रमुख शक्ति के रूप में इसका उभार उनकी प्रतिबद्धता और उद्यमशीलता की भावना का प्रमाण था. जैसे-जैसे व्यवसाय बढ़ता गया, ब्रांड की दृश्यता आसमान छूने लगी. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ब्रांड एंबेसडर के रूप में जुड़े, जिससे Yellow Diamond को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. जो एक विफलता के बाद एक हताश दूसरे प्रयास के रूप में शुरू हुआ था, वह देश के सबसे पहचान योग्य स्नैकिंग नामों में से एक में बदल गया.

आज प्रताप स्नैक्स की स्थिति

प्रताप स्नैक्स एक महत्वपूर्ण FMCG कंपनी के रूप में विकसित हुई, जिसकी वार्षिक परिचालन आय बाद के वर्षों में कई सौ करोड़ रुपये तक पहुँच गई. 2024 में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, कंपनी के प्रमोटर बदल गए, जब Authum Investment & Infrastructure ने, Mahi Madhusudan Kela के साथ मिलकर, इसके शुरुआती प्राइवेट-इक्विटी निवेशकों से 46.85% हिस्सेदारी 846.6 करोड़ रुपये में खरीदने पर सहमति व्यक्त की. प्रताप स्नैक्स बाद में 2025 की शुरुआत में Authum की एक सहयोगी कंपनी बन गई, जबकि अमित कुमत मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के रूप में कंपनी का नेतृत्व करना जारी रखे हुए हैं. वह व्यक्ति जो कभी 6 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा था, अब एक ऐसे ब्रांड का नेतृत्व कर रहा है जिसे लाखों भारतीय हर दिन पसंद करते हैं.

सवाल-जवाब

अमित कुमत कौन हैं?
वे प्रताप स्नैक्स के सह-संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जो लोकप्रिय येलो डायमंड स्नैक ब्रांड के पीछे की कंपनी है.
अमित कुमत को 6 करोड़ रुपये का कर्ज कैसे हुआ?
स्नैक्स सेक्टर में काम करने के बाद उन्होंने केमिकल मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा, जो एक साल के भीतर वित्तीय रूप से विफल रहा और उन्हें 6 करोड़ रुपये के कर्ज में डाल दिया.
प्रताप स्नैक्स की स्थापना कब और किसने की थी?
प्रताप स्नैक्स की स्थापना 2003 में भाइयों अमित और अपूर्व कुमत ने अपने दोस्त अरविंद मेहता के साथ मिलकर की थी, जबकि स्नैक का विचार 2002 के आसपास आकार लेने लगा था.
येलो डायमंड का पहला प्रोडक्ट क्या था और कितनी प्रारंभिक पूंजी लगी?
कंपनी ने इंदौर के एक छोटे ऑफिस से पनीर बॉल्स बेचकर शुरुआत की, जिसके लिए अमित कुमत के परिवार से 15 लाख रुपये का प्रारंभिक निवेश मिला था.
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