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महज 700 रुपए से शुरू किया था काम, आज रोजाना कमा रहे 2000 रुपए मुनाफासक्सेस स्टोरी
24 अग॰ 2026, 5:49 am (57 दिन पहले)· 2

महज 700 रुपए से शुरू किया था काम, आज रोजाना कमा रहे 2000 रुपए मुनाफा

छत्तीसगढ़ के बालोद में रहने वाले बालमुकुंद ने सिर्फ 700 रुपए की पूंजी से चना भेल का बिजनेस शुरू किया था और आज वे रोजाना 2000 रुपए तक का मुनाफा कमा रहे हैं।

बालोद जिले के संजय नगर के रहने वाले बालमुकुंद ने अपनी कड़ी मेहनत और स्वाद के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। शहर में लोग उन्हें प्यार से 'खतरा भैया चना वाले' के नाम से पुकारते हैं। उन्होंने बेहद मामूली पूंजी से इस कारोबार की शुरुआत की थी और आज यह एक बेहद सफल छोटा व्यवसाय बन चुका है, जिससे उन्हें हर दिन शानदार कमाई हो रही है। उनके बनाए गए चना चरपटी भेल के स्वाद के चर्चे पूरे शहर में फैले हुए हैं और आम लोगों के साथ कई बड़े राजनेता भी उनकी दुकान के मुरीद हैं।

होटल की नौकरी छोड़कर शुरू किया खुद का काम

कारोबार शुरू करने से पहले बालमुकुंद एक होटल में डोसा बनाने का काम किया करते थे। उस समय उन्हें इस काम के बदले रोजाना लगभग 200 रुपए की मजदूरी मिलती थी। उनके मन में हमेशा से अपना खुद का काम शुरू करने की इच्छा थी, जिसके चलते उन्होंने होटल की नौकरी को अलविदा कह दिया। इसके बाद उन्होंने मात्र 700 रुपए की शुरुआती लागत के साथ चना चरपटी भेल बेचने का काम शुरू किया। शुरुआती दौर में वे बालोद शहर के दल्ली चौक पर अपनी दुकान लगाया करते थे, लेकिन समय के साथ कारोबार आगे बढ़ा और अब वे बिजली ऑफिस के पास अपनी दुकान का संचालन करते हैं।

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स्वाद का जादू और सीक्रेट मसाले की खासियत

इस चना भेल की सबसे बड़ी खासियत इसका अनूठा स्वाद है, जो शहर में अन्यत्र कहीं नहीं मिलता है। बालमुकुंद के अनुसार, उनके हाथ की बनी इस चना भेल को खाने के लिए बालोद शहर के सभी 20 वार्डों से लोग चलकर आते हैं। इस खास स्वाद को तैयार करने के लिए वे मुख्य रूप से काबुली चना का उपयोग करते हैं। इसमें काजू, बादाम, खजूर की चटनी और इमली की चटनी मिलाई जाती है। इसके अलावा इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, ताजा हरा धनिया और हरी मिर्च डाली जाती है। इस रेसिपी में इस्तेमाल होने वाला उनका सीक्रेट मसाला ही इस भेल को सबसे अलग और स्वादिष्ट बनाता है।

राजनेताओं और मंत्रियों को भी पसंद है चना चाट

बालमुकुंद की दुकान पर आम ग्राहकों के साथ-साथ इलाके के कई जाने-माने नेता और मंत्री भी चना भेल का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। दुकान के ठीक पास ही रेस्ट हाउस स्थित होने के कारण वहां वीआईपी लोगों और नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा भी यहां की चना चाट के खासे शौकीन माने जाते हैं। स्थानीय लोगों का भरोसा और राजनेताओं का समर्थन इस दुकान की लोकप्रियता को और अधिक बढ़ा देता है।

रोजाना की बिक्री और मुनाफा

बालमुकुंद की दुकान शाम को 4 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक खुली रहती है। ग्राहकों को केवल 20 रुपए में एक प्लेट स्वादिष्ट चना भेल मिल जाती है। उनकी दुकान पर रोजाना लगभग 9 किलो चना खपत हो जाता है, जिससे उनकी बिक्री बहुत अच्छी होती है। कम निवेश के साथ शुरू हुआ यह व्यवसाय अब उनके लिए कमाई का एक बेहतरीन और स्थिर जरिया बन चुका है। बालमुकुंद का मानना है कि उनकी सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, ग्राहकों को मिलने वाला बेहतरीन स्वाद और लोगों का अटूट भरोसा है।

सवाल-जवाब

बालमुकुंद की दुकान कहां स्थित है?
बालमुकुंद की चना भेल की दुकान छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में बिजली ऑफिस के पास लगती है।
बालमुकुंद को किस नाम से जाना जाता है?
उन्हें शहर में प्यार से 'खतरा भैया चना वाले' के नाम से पुकारा जाता है।
इस बिजनेस की शुरुआत कितने रुपए से हुई थी?
उन्होंने इस कारोबार की शुरुआत महज 700 रुपए की लागत से की थी।
एक प्लेट चना भेल की कीमत कितनी है?
ग्राहकों को मात्र 20 रुपए में एक प्लेट चना भेल मिलती है।
रोजाना कितना मुनाफा हो जाता है?
उन्हें इस कारोबार से रोजाना औसतन 2000 रुपए तक का शुद्ध मुनाफा होता है।
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