राजस्थान के पाली जिले में स्थित छोटे से गांव पातावा के एक युवा ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर प्रदेश स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। गांव के रहने वाले लकराम चौधरी ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल में वैज्ञानिक अधिकारी के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धी परीक्षा में पूरे प्रदेश में 12वीं रैंक हासिल करने वाले लकराम की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच पाई 12वीं रैंक
लकराम चौधरी, घीसाराम जणवा चौधरी के पुत्र हैं। उन्होंने राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा आयोजित कराई गई कठिन भर्ती परीक्षा में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राज्य भर से शामिल हुए हजारों परीक्षार्थियों के बीच 12वीं रैंक प्राप्त करना उनके असाधारण ज्ञान और अध्ययन के प्रति समर्पण को दिखाता है। एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना उनके संकल्प और वर्षों के कड़े परिश्रम का परिणाम माना जा रहा है।
गांव पातावा में उत्सव जैसा माहौल
जैसे ही लकराम के पदभार ग्रहण करने और राज्य में 12वीं रैंक लाने की जानकारी पैतृक गांव पातावा पहुंची, ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस बड़ी कामयाबी की बधाई दी। इस दौरान परिवार के लोगों की आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं। गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया और बधाई देने वालों का तांता लग गया।
बचपन की लगन और मेहनत का मिला फल
लकराम की इस सफलता के पीछे उनकी शुरुआती दिनों से ही शिक्षा के प्रति गहरी रुचि रही है। वे बचपन से ही एक होनहार छात्र के रूप में जाने जाते थे और हमेशा समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने का सपना देखते थे। सीमित संसाधनों और ग्रामीण वातावरण में पढ़ाई करते हुए भी उन्होंने कभी चुनौतियों से हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार मेहनत को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया और आखिरकार अपने सपने को साकार कर दिखाया।
क्षेत्रीय युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
पाली उपखंड के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों का कहना है कि लकराम चौधरी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पाली जिले के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा मार्गदर्शक बनेगी। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और काम के प्रति सच्ची निष्ठा हो, तो दूरदराज के गांवों से निकलकर भी राज्य स्तर की उच्च सेवाओं में स्थान प्राप्त किया जा सकता है। यह सफलता स्थानीय युवाओं को बड़ी प्रशासनिक और वैज्ञानिक परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित करेगी।



















