नाथू ला में चीनी सेना की घुसपैठ का दावा निकला गलत, भारतीय सेना ने बताई सच्चाईराहु के प्रभाव में आ रहे बुध, 3 नवंबर से 6 राशियों के जीवन में होगा बड़ा बदलावचंद्रमा का राशि परिवर्तन: इन तीन राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, बैंक बैलेंस पर आ सकता है संकटमिथुन राशि में चंद्रमा का बड़ा गोचर आज रात, जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए अपनाएं ये 5 अचूक उपायजमशेदपुर की केमिस्ट्री शिक्षिका ने त्वचा की एलर्जी से तंग आकर शुरू किया अपना ब्रांड, अब 12 लोगों को दे रही हैं रोजगारचंद्रमा का आर्द्रा नक्षत्र गोचर: 30 अक्टूबर 2026 से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मतसिंह राशि में देवगुरु बृहस्पति का गोचर: इन 6 राशियों पर बरसेगा धन, 4 राशियां बरतें विशेष सावधानीहम रूस को अमेरिका से बेहतर समझते हैं, वोलोदिमिर जेलेंस्की के बयान से मची हलचलरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस में गुरुद्वारा साहिब के किए दर्शन, प्रवासी भारतीयों से की खास बातचीतजालंधर में हरभजन सिंह के खिलाफ आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, घर की दीवार पर लिखा गया गद्दार
बिहार के मोहम्मद साजिद बने 'BBA बटेर वाले', नेपाल से दिल्ली तक फैलाया कारोबारसक्सेस स्टोरी
13 सित॰ 2026, 11:39 pm (46 दिन पहले)· 4

बिहार के मोहम्मद साजिद बने 'BBA बटेर वाले', नेपाल से दिल्ली तक फैलाया कारोबार

मुजफ्फरपुर के युवा मोहम्मद साजिद ने बीबीए की पढ़ाई के बाद बटेर पालन को अपना व्यवसाय बनाया और आज वह नेपाल से लेकर दिल्ली तक अपने कारोबार का विस्तार कर चुके हैं।

मुजफ्फरपुर में यदि किसी व्यक्ति के भीतर कुछ अलग करने की तीव्र इच्छा हो, तो वह अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटकने के बजाय अपना खुद का कारोबार सफलतापूर्वक खड़ा कर सकता है। मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद साजिद ने इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। बेचलर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी बीबीए की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने पारंपरिक नौकरी के रास्ते को छोड़कर बटेर फार्मिंग को अपना मुख्य करियर चुना। आज वह हर महीने लगभग 1 लाख बटेर के उत्पादन के मुकाम को सफलतापूर्वक हासिल कर चुके हैं।

भाई से मिली प्रेरणा और वर्ष 2018 में रखी गई नींव

मोहम्मद साजिद बताते हैं कि उन्हें बटेर पालन के इस व्यवसाय की प्रेरणा अपने बड़े भाई अब्दुल बारी उर्फ गुड्डू से प्राप्त हुई थी, जो पहले से ही इस प्रकार का फार्म चलाते थे। अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान ही साजिद ने अपने भाई के साथ रहकर बटेर पालन की बारीकी से समझ हासिल करना शुरू कर दिया था। हालांकि, कोविड महामारी के दौर में इस व्यवसाय को एक बड़ा नुकसान भी सहन करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने इस मुश्किल परिस्थिति में भी अपनी हिम्मत नहीं खोई। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वर्ष 2018 में उन्होंने औपचारिक रूप से अपना खुद का नया फार्म स्थापित किया।

ये भी पढ़ें

एक छोटे से कमरे से लेकर 3 बीघा के विशाल सेटअप तक का सफर

इस पूरे व्यवसाय की शुरुआत महज 2 हजार बटेर के चूजों और 20×20 फीट आकार के एक छोटे से कमरे के साथ हुई थी। समय के साथ अनुभव बढ़ने और बाजार की मांग को बेहतर ढंग से समझने के बाद साजिद ने अपने इस कारोबार का दायरा लगातार बढ़ाया। वर्तमान समय में करीब 3 बीघा भूमि के क्षेत्रफल पर उनका एक बहुत बड़ा फार्मिंग सेटअप संचालित हो रहा है। इस परिसर के भीतर ही बटेर की हैचिंग यानी अंडे से चूजा निकालने की प्रक्रिया और फार्मिंग दोनों की अत्याधुनिक व्यवस्थाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराई गई हैं।

नेपाल और दिल्ली तक पहुंच चुका है कारोबार का दायरा

मोहम्मद साजिद के इस फार्म से तैयार होने वाले बटेर की सप्लाई केवल बिहार राज्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर भारत के तमाम अन्य राज्यों में भी इसकी काफी अधिक मांग बनी हुई है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी उन्हें नियमित रूप से आर्डर प्राप्त होते हैं। जो नए लोग इस कारोबार में कदम रखना चाहते हैं, उन्हें साजिद के फार्म से 1 दिन के छोटे चूजे, 7 दिन के तैयार चूजे और पूरी तरह तैयार बटेर यानी रेडी बर्ड आसानी से उपलब्ध करा दिए जाते हैं।

50 लोगों को मिला रोजगार और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

बटेर पालन के इस व्यवसाय के जरिए साजिद ने न केवल खुद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर कई लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए हैं। उनके इस फार्म में लगभग 30 से 40 लोग प्रत्यक्ष रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर कुल मिलाकर लगभग 50 परिवारों की आजीविका इसी कारोबार से चल रही है। इनमें स्थानीय महिलाओं की भी अच्छी खासी भागीदारी देखने को मिलती है। मोहम्मद साजिद का मानना है कि होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर में बटेर के मांस तथा अंडों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। यदि सही जानकारी, साफ-सफाई, बेहतर प्रबंधन और बाजार की अच्छी समझ हो, तो बटेर फार्मिंग आज के दौर के युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी व्यवसाय साबित हो सकता है।

सवाल-जवाब

मोहम्मद साजिद ने अपनी शिक्षा कहां से पूरी की?
उन्होंने बेचलर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी बीबीए की डिग्री पूरी की है।
उन्होंने बटेर फार्मिंग का व्यवसाय कब शुरू किया?
उन्होंने वर्ष 2018 में औपचारिक रूप से अपना खुद का फार्म शुरू किया था।
इस व्यवसाय की शुरुआत कितने सेटअप से हुई थी?
इस व्यवसाय की शुरुआत महज 2 हजार बटेर के चूजों और 20×20 फीट के एक छोटे कमरे से हुई थी।
वर्तमान में उनका फार्म कितने क्षेत्रफल में फैला है?
उनका वर्तमान फार्मिंग सेटअप लगभग 3 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है।
उनके फार्म से बटेर की सप्लाई कहां-कहां होती है?
उनके फार्म से बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पड़ोसी देश नेपाल तक सप्लाई की जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp