मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली शिवानी मिश्रा ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो गरीबी और लगातार मिलने वाली नाकामी भी आपका रास्ता नहीं रोक सकती। पिछले पांच वर्षों के कड़े संघर्ष, गंभीर आर्थिक तंगी और बार-बार मिलने वाली असफलताओं के बाद शिवानी ने एक असाधारण मुकाम हासिल किया है। उन्होंने हाल ही में घोषित हुए नतीजों में मध्य प्रदेश पुलिस असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) परीक्षा 2026 और उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) परीक्षा 2025 दोनों में ही एक साथ सफलता प्राप्त कर दोहरी सरकारी नौकरी हासिल की है।
मड़वा गांव से शुरू हुई संघर्ष की दास्तान
शिवानी का यह सफर छतरपुर जिले की लवकुश नगर तहसील के अंतर्गत आने वाले मड़वा गांव से शुरू हुआ। उनका परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता दयाशंकर पहाड़ों की खदानों में मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, जबकि उनकी मां घर की देखभाल करती हैं। शिवानी अपने छह बहनों और दो छोटे भाइयों में सबसे बड़ी हैं, जिसके चलते पूरे परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकालने का सबसे बड़ा जिम्मा उनके कंधों पर था। उनके गांव में पढ़ाई की राह भी आसान नहीं थी, क्योंकि मड़वा गांव में केवल पांचवीं कक्षा तक ही स्कूल की सुविधा उपलब्ध थी। वहीं, उनकी ग्राम पंचायत में भी दसवीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए कोई स्कूल नहीं था। शिवानी को पढ़ने का बहुत अधिक शौक़ था, जिसे देखते हुए उनकी मां ने एक बड़ा फैसला लिया और उन्हें आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए उनकी मौसी के घर भेज दिया।
पुलिस विभाग में शामिल होने की शिवानी की प्रेरणा उनके जीवन के कुछ कड़वे अनुभवों से जुड़ी हुई है। उनके गांव में अक्सर छोटे-मोटे लड़ाई-झगड़े होते रहते थे। एक बार उनके खुद के घर में भी चोरी की वारदात हो गई थी। चोर कौन है, इस बारे में जानकारी होने के बावजूद डर के माहौल की वजह से उनका परिवार कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। इस बेबसी ने शिवानी के मन में पुलिस विभाग में जाने की इच्छा को और मजबूत कर दिया, ताकि वे अन्याय के खिलाफ खड़ी हो सकें।
असफलताओं की लंबी श्रृंखला और अटूट हौसला
शिवानी के लिए सरकारी नौकरी का सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। घर की माली हालत सुधारने के लिए उन्होंने वन डे एग्जाम देने शुरू किए। साल 2021 में उन्होंने एमपी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा दी थी, लेकिन उन्हें असफलता हाथ लगी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा दी, जहां उन्होंने लिखित परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन फिजिकल टेस्ट की दौड़ में वह बाहर हो गईं। साल 2023 में उन्होंने यूपी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा दी, लेकिन किस्मत ने वहां भी उनका साथ नहीं दिया और वह महज 13 सेकंड के अंतर से फिजिकल दौड़ से बाहर हो गईं। इसके बाद उन्होंने यूपी पुलिस एएसआई की परीक्षा दी, जिसमें वह फाइनल मेरिट लिस्ट में सिर्फ 0.2 अंकों से पिछड़ गईं। उन्होंने मध्य प्रदेश में फॉरेस्ट कांस्टेबल सहित कई अन्य परीक्षाएं भी दीं, लेकिन सफलता हर बार उनसे दूर ही रही। लगातार मिल रही असफलताओं के बाद भी शिवानी ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी तैयारी जारी रखी।
दोहरी सफलता और आगे का सपना
उनकी सालों की तपस्या और कड़ी मेहनत का फल तब मिला जब यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा 2025 और एमपी पुलिस एएसआई परीक्षा 2026 दोनों के परिणाम घोषित हुए। इन दोनों ही परीक्षाओं में शिवानी का अंतिम रूप से चयन हो गया। एक साथ दो प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियां मिलने पर शिवानी को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है और वे इसे अपने सपनों के सच होने जैसा मानती हैं। अपनी इस सफलता से उत्साहित होकर शिवानी अब और आगे बढ़ना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह भविष्य में उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा (UP PCS) परीक्षा की तैयारी करना चाहती हैं ताकि वह प्रशासनिक क्षेत्र में अपना करियर बना सकें।



















