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मऊ की श्वेता विश्वकर्मा ने महाराजा सुहेलदेव यूनिवर्सिटी में लहराया परचम, मनोविज्ञान और आर्ट्स में जीते दो गोल्ड मेडलसक्सेस स्टोरी
17 अग॰ 2026, 9:26 am (3 घंटे पहले)· 1

मऊ की श्वेता विश्वकर्मा ने महाराजा सुहेलदेव यूनिवर्सिटी में लहराया परचम, मनोविज्ञान और आर्ट्स में जीते दो गोल्ड मेडल

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की रहने वाली श्वेता विश्वकर्मा ने महाराजा सुहेलदेव यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए मनोविज्ञान और आर्ट्स संकाय में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के अंतर्गत आने वाली मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत की निवासी श्वेता विश्वकर्मा ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाते हुए महाराजा सुहेलदेव यूनिवर्सिटी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने मनोविज्ञान और आर्ट्स विषयों में पूरे विश्वविद्यालय में टॉप करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सम्मानित किया है। यूनिवर्सिटी के तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान उन्हें यह दो गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जिससे उनके पूरे गृह नगर और जिले का नाम रोशन हुआ है।

कड़ी मेहनत और ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी

अपनी इस शानदार कामयाबी के सफर के बारे में बात करते हुए श्वेता ने स्पष्ट किया कि यह मुकाम हासिल करना किसी भी तरह से आसान नहीं था, लेकिन उनके भीतर कुछ बड़ा कर दिखाने की तीव्र इच्छा थी। इसी मजबूत जज्बे के चलते उन्होंने किसी भी परिस्थिति में हार नहीं मानी। विश्वविद्यालय स्तर पर पढ़ाई के दौरान उनका मुकाबला कई अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से था, लेकिन उन सभी को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। इस सफलता को हासिल करने के लिए उन्होंने कभी घड़ी की सूइयों पर ध्यान नहीं दिया और न ही सोशल मीडिया या अन्य बेकार की गतिविधियों में अपना कीमती समय बर्बाद किया। उनका पूरा ध्यान केवल और केवल अपने लक्ष्य और पढ़ाई पर केंद्रित रहता था।

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भाई-बहनों की प्रेरणा और परिवार का साथ

श्वेता का कहना है कि इस गौरवशाली पल को शब्दों में बयां करना उनके लिए बेहद कठिन है क्योंकि यह मुकाम उन्हें लंबे संघर्ष के बाद हासिल हुआ है। उनके परिवार में पहले से ही शैक्षणिक सफलता की एक मिसाल मौजूद थी क्योंकि उनके बड़े भाई और बड़ी बहन को भी पहले स्वर्ण पदक मिल चुके हैं। उन्हें देखकर ही श्वेता के मन में भी भाई-बहनों की तरह गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल इच्छा जागी थी। इस पूरे सफर में उनके माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सभी सदस्यों का भरपूर सहयोग मिला। उनकी सफलता का मुख्य सूत्र यह रहा कि वह कभी घंटों के हिसाब से पढ़ाई नहीं करती थीं, बल्कि थोड़ा-थोड़ा करके हर समय अध्ययन में जुटी रहती थीं।

अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को देते हुए उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने घर का ऐसा अनुकूल माहौल तैयार किया जिससे उनका मन और दिमाग हमेशा शांत रहे। इसके अलावा उनके प्रोफेसरों का योगदान भी बेहद अहम रहा, जिन्होंने पढ़ाई के दौरान आने वाली हर मुश्किल घड़ी में उनका मार्गदर्शन किया और सही रास्ता दिखाया।

मनोविज्ञान विषय चुनने की खास वजह

आर्ट्स के साथ मनोविज्ञान विषय को अपने अध्ययन का केंद्र बनाने के पीछे उनका एक खास उद्देश्य था। आज के दौर में लोगों के बीच मानसिक तनाव और चिंताएं तेजी से बढ़ रही हैं, और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां और रूढ़िवादी विचार फैले हुए हैं। लोग मानसिक समस्याओं के प्रति अलग तरह का दृष्टिकोण रखते हैं और पीड़ित व्यक्ति का व्यवहार भी प्रभावित होता है। समाज की इन पुरानी और नकारात्मक धारणाओं को तोड़ने तथा इस विषय में गहरी समझ विकसित करने के लिए ही उन्होंने मनोविज्ञान को चुना। उनका उद्देश्य यह समझना था कि मानसिक स्वास्थ्य में असल में क्या होता है और पीड़ित लोगों को किस तरह से सही दिशा दिखाकर उनकी मदद की जा सकती है।

नगर में हुआ भव्य स्वागत और सम्मान

विश्वविद्यालय से दो स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब श्वेता विश्वकर्मा अपने घर लौटीं तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। चेयरमैन प्रतिनिधि दीपक गुप्ता डायमंड ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें गुलदस्ता भेंट किया, मिठाई खिलाई और मेडल पहनाकर उनका शानदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर बातचीत करते हुए दीपक गुप्ता ने कहा कि श्वेता ने न केवल अपने नगर बल्कि पूरे जनपद का मान बढ़ाया है। महाराजा सुहेलदेव यूनिवर्सिटी आजमगढ़ के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा श्वेता को मनोविज्ञान और आर्ट्स में दो गोल्ड मेडल मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों का हमेशा उत्साहवर्धन किया जाना चाहिए और इसी सोच के तहत आज उनका अभिनंदन किया गया है।

सवाल-जवाब

श्वेता विश्वकर्मा ने किस यूनिवर्सिटी से टॉप किया है?
उन्होंने महाराजा सुहेलदेव यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान और आर्ट्स विषय में टॉप किया है।
श्वेता को कितने गोल्ड मेडल मिले हैं?
उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से दो गोल्ड मेडल प्रदान किए गए हैं।
श्वेता को किसने सम्मानित किया है?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें तृतीय दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया है।
श्वेता ने मुख्य रूप से कौन सा विषय चुना था?
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और रूढ़िवादिता को दूर करने के लिए मनोविज्ञान विषय चुना।
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