CA परीक्षा में शानदार सफलता
कोटा की रहने वाली प्रतिभावान छात्रा Kanisha Dayani ने Chartered Accountancy (CA) फाइनल परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। Kanisha Dayani ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर CA के तीनों स्तरों यानी Foundation, Intermediate और Final को अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। इस शानदार सफलता के बाद से ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और पूरा परिवार बेहद खुश है।
एक अलग और सम्मानजनक करियर का चुनाव
अपनी इस यात्रा के बारे में बात करते हुए Kanisha Dayani ने बताया कि उन्होंने कक्षा 12वीं में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसी शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने यह तय कर लिया था कि उन्हें वित्तीय क्षेत्र में अपना करियर बनाना है और वह CA बनेंगी। उन्होंने परंपरागत करियर जैसे कि इंजीनियरिंग को छोड़कर CA का रास्ता चुना क्योंकि उनका मानना है कि यह क्षेत्र बहुत ही सम्मानजनक है। Kanisha Dayani के अनुसार, किसी भी बिजनेस या इंडस्ट्री में वित्तीय प्रबंधन और लेखांकन (अकाउंटिंग) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और बिना इसके कोई भी व्यवसाय सुचारू रूप से नहीं चल सकता।
ऑनलाइन पढ़ाई और 14 घंटे का कड़ा अभ्यास
Kanisha Dayani ने अपनी इस कठिन परीक्षा की पूरी तैयारी ऑनलाइन माध्यम से घर पर रहकर ही की। उनका कहना है कि CA की परीक्षा को पास करना आसान नहीं है और इसके लिए निरंतरता, धैर्य व कड़े अनुशासन की बेहद जरूरत होती है। अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में वह रोजाना केवल दो से तीन घंटे पढ़ाई करती थीं। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय बढ़ाकर सात से आठ घंटे कर दिया। इसके बाद जब परीक्षा का समय नजदीक आया, तो उन्होंने प्रतिदिन लगभग 14 घंटे तक लगातार और बेहद गंभीर होकर अध्ययन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह ऐतिहासिक सफलता मिली।
माता-पिता का मार्गदर्शन और टेबल टेनिस का तालमेल
Kanisha Dayani के पिता कोटा में ही एक हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं और उनकी माता एक गृहिणी हैं। Kanisha Dayani अपनी इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के असीम सहयोग, उनके द्वारा किए गए त्याग और सही मार्गदर्शन को देती हैं। पढ़ाई के साथ-साथ Kanisha Dayani खेलों में भी काफी सक्रिय रही हैं। वह जिला स्तर की टेबल टेनिस खिलाड़ी रह चुकी हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे मानसिक तनाव कम होता है और दिमाग तरोताजा रहता है, जिससे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।













