अक्सर कहा जाता है कि जब हौसले बुलंद हों और कुछ अलग कर दिखाने की धुन सिर पर सवार हो, तो रास्ते की हर रुकावट खुद-ब-खुद छोटी पड़ने लगती है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी की युवा कारोबारी और फैशन डिजाइनर संस्कृति जैन इस बात को सच साबित करती हैं। अपनी कला, अथक परिश्रम और एक सरकारी योजना के सहारे उन्होंने फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में सिर्फ अपना कामयाब कारोबार ही नहीं खड़ा किया, बल्कि आज वे कई महिलाओं के लिए रोजी-रोटी और आत्मनिर्भरता का जरिया भी बन चुकी हैं।
चुनौतियों के बीच गढ़ी कामयाबी की राह
संस्कृति जैन का कहना है कि टेक्सटाइल और फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में बीते करीब पांच वर्षों का उनका सफर संघर्षों और मुश्किलों से भरा रहा। शुरुआती दौर में उन्हें कई दिक्कतों से जूझना पड़ा। फैशन इंडस्ट्री में काम करने का उनका तरीका और नजरिया औरों से काफी जुदा था, इसी वजह से अपनी अलग पहचान बनाने में उन्हें वक्त लगा। बावजूद इसके उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और निरंतर कोशिश करते हुए अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया।
PMEGP योजना से कारोबार को मिली नई रफ्तार
संस्कृति की मेहनत को उस वक्त नया आसमान मिला, जब उन्होंने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना के अंतर्गत ऋण हासिल किया। इस आर्थिक मदद ने उनके व्यवसाय को बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाई। योजना से मिले वित्तीय सहारे के बल पर उन्होंने अत्याधुनिक मशीनें और जरूरी संसाधन जुटाए और शिवपुरी में अपनी फैशन एवं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की नींव रखी।
महिलाओं को दे रहीं हुनर और रोजगार
संस्कृति जैन का यह उद्यम महज एक कारोबार भर नहीं रह गया है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल भी बन चुका है। उनके संस्थान में दर्जनों महिलाओं को काम मिला है। इसके साथ-साथ वे युवाओं और स्थानीय कारीगरों को फैशन डिजाइनिंग और आधुनिक तकनीकों की भी ट्रेनिंग दे रही हैं।
संस्कृति बताती हैं कि वे नए कारीगरों को निखार रही हैं और उन्हें एडवांस मशीनों व आधुनिक उपकरणों को चलाने का गुर सिखा रही हैं, ताकि वे बाजार की मांग के मुताबिक बेहतर काम कर सकें और अपने लिए रोजगार के नए दरवाजे खोल सकें।
नए प्रयोगों से बना रहीं अनूठी पहचान
फैशन और टेक्सटाइल की दुनिया में संस्कृति लगातार नए-नए प्रयोग कर रही हैं। वे नए डिजाइन, आधुनिक टेक्सचर और उम्दा गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने पर खास जोर देती हैं। उनकी इन्हीं कोशिशों की बदौलत शिवपुरी को फैशन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक नई पहचान मिल रही है। संस्कृति जैन मानती हैं कि उनका सफर तो अभी शुरुआती मोड़ पर है। वे आने वाले समय में अपने कारोबार को और फैलाना चाहती हैं और ज्यादा से ज्यादा युवाओं तथा महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने का लक्ष्य रखती हैं। उनकी यह कामयाबी इस बात की गवाह है कि सही योजना, मजबूत इरादे और लगातार मेहनत के दम पर छोटे शहरों से भी बड़े-बड़े ख्वाब पूरे किए जा सकते हैं।













