पटना वेस्ट के एसपी और साल 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी संकेत कुमार इन दिनों अपने एक सख्त निर्देश को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह डाकबंगला चौराहे पर उग्र प्रदर्शन के दौरान अपनी पुलिस टीम को कड़े शब्दों में पीछे न हटने की चेतावनी दे रहे हैं। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हुए इस हंगामे के बीच जिस तरह से उन्होंने मोर्चे को संभाला, उसने लोगों का ध्यान खींचा है। लेकिन संकेत कुमार की पहचान सिर्फ एक सख्त पुलिस अधिकारी की नहीं है, बल्कि उनकी सफलता की कहानी, जिसमें इसरो के वैज्ञानिक से लेकर भारतीय पुलिस सेवा तक का उनका सफर शामिल है, युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है।
नीट विवाद और उग्र प्रदर्शन
यह पूरा वाकया 22 जुलाई का बताया जा रहा है। पटना के हृदय स्थल माने जाने वाले डाकबंगला चौराहे पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े छात्र नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले का विरोध कर रहे थे। ये छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे। धीरे-धीरे यह प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस तथा छात्रों के बीच भारी टकराव की स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शनकारियों की तरफ से जब पत्थरबाजी शुरू हुई, तो स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी
इसी गहमागहमी और तनावपूर्ण माहौल के बीच एसपी संकेत कुमार खुद अगली कतार में खड़े होकर अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे थे। जब हालात बिगड़ने लगे, तो उन्होंने अपने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें किसी भी सूरत में अपने कदम पीछे खींचने से मना किया। वायरल हो रहे वीडियो में वह पुलिसकर्मियों को स्पष्ट और सख्त चेतावनी देते हुए सुनाई दे रहे हैं, 'अगर पीछे हटे तो नौकरी के लायक नहीं छोड़ूंगा।' उनका यह रौद्र रूप और नेतृत्व क्षमता अब इंटरनेट पर बहस और प्रशंसा का विषय बन गया है।
दरभंगा से इसरो तक का सफर
एक कड़क अफसर के रूप में सामने आए संकेत कुमार का आईपीएस बनने तक का रास्ता काफी दिलचस्प रहा है। उनका जन्म और शुरुआती लालन-पालन बिहार के दरभंगा जिले में हुआ। अपनी स्कूली शिक्षा दरभंगा से ही पूरी करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना का रुख किया। वहां से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की। अपनी तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद उनकी प्रतिभा का एक और पहलू सामने आया, जब उनका चयन भारत के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष संस्थान, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में एक वैज्ञानिक के तौर पर हो गया।
यूपीएससी में कामयाबी का संघर्ष
विज्ञान के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करते हुए उन्होंने साल 2017 से लेकर 2018 तक श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र में अपनी सेवाएं दीं। एक सफल वैज्ञानिक होने के बावजूद उनका सपना प्रशासनिक सेवाओं में जाने का था। इसरो में अपनी चुनौतीपूर्ण नौकरी के साथ ही उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के लिए पढ़ाई शुरू कर दी। देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा को पास करना आसान नहीं था और शुरुआत में उन्हें निराशा का ही सामना करना पड़ा। लगातार तीन प्रयासों में असफलता हाथ लगने के बावजूद संकेत कुमार ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और दोगुनी मेहनत के साथ चौथा प्रयास किया।
बिहार कैडर और नई जिम्मेदारियां
आखिरकार साल 2021 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने पूरे भारत में 105वीं रैंक हासिल करके अपना सपना सच कर दिखाया। उन्हें अपने गृह राज्य का बिहार कैडर आवंटित किया गया और वह 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में पुलिस बल में शामिल हुए। पटना वेस्ट की कमान संभालने से पहले वह बिक्रमगंज और सारण में भी पुलिस अधिकारी के तौर पर अपनी अहम सेवाएं दे चुके हैं। जून 2026 में बिहार सरकार ने उन्हें पटना वेस्ट के पुलिस अधीक्षक के रूप में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जहां वह अब अपनी कार्यशैली का लोहा मनवा रहे हैं।




















