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जयपुर के एक घरेलू विचार से खड़ा हुआ ₹196 करोड़ का फूड साम्राज्य, अमेरिकी छात्र बर्ट म्यूलर की अनोखी कहानीसक्सेस स्टोरी
21 जून 2026, 10:50 am (44 दिन पहले)· 6

जयपुर के एक घरेलू विचार से खड़ा हुआ ₹196 करोड़ का फूड साम्राज्य, अमेरिकी छात्र बर्ट म्यूलर की अनोखी कहानी

जयपुर में पढ़ाई के दौरान मिले एक छोटे से विचार को अमेरिकी छात्र बर्ट म्यूलर ने ₹196 करोड़ के विशाल मैक्सिकन फूड बिजनेस 'कैलिफोर्निया बुरिटो' में बदल दिया।

व्यापार की दुनिया में सफलता की हर कहानी पहले से तैयार योजनाओं और कागजी रणनीतियों से नहीं लिखी जाती। कुछ बड़े ब्रांड्स महज एक इत्तेफाक से जन्म लेते हैं। अमेरिकी उद्यमी बर्ट म्यूलर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वे भारत में कोई व्यापार शुरू करने की मंशा से नहीं, बल्कि केवल एक छात्र के रूप में पढ़ाई करने आए थे। लेकिन यहां मिले एक छोटे से अनुभव ने उनके पूरे जीवन की दिशा बदल दी। आज वे भारत के सबसे तेजी से बढ़ते मैक्सिकन-इंस्पायर्ड फूड चेंस में से एक, कैलिफोर्निया बुरिटो के संस्थापक हैं, जिसका सालाना रेवेन्यू ₹196 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है।

साल 2010 में बर्ट म्यूलर एक स्टडी-अब्रॉड प्रोग्राम के तहत राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचे थे। उस समय वे अमेरिका के द कॉलेज ऑफ विलियम एंड मैरी में संगीत और पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई कर रहे थे, जिसका फूड और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। कहानी में नया मोड़ तब आया जब हॉस्ट फैमिली के साथ रहने वाले विदेशी छात्रों के लिए एक सांस्कृतिक मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहां छात्रों को अपने-अपने देश का खाना पकाने के लिए कहा गया था। बर्ट ने अमेरिकी खाना बनाया, जो वहां के लोगों को खास पसंद नहीं आया। लेकिन उनके एक मैक्सिकन मूल के सहपाठी ने टॉर्टिला, बीन्स, साल्सा और अन्य मैक्सिकन व्यंजन तैयार किए, जिन्हें भारतीय परिवारों ने बेहद चाव से खाया।

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इस एक शाम ने बर्ट के दिमाग में एक नया विचार जगाया। उन्होंने गौर किया कि मैक्सिकन और भारतीय खानपान में काफी गहरा संबंध है। दोनों ही संस्कृतियों में चावल, मसाले, बीन्स, तीखे फ्लेवर और विविध स्वादों का भरपूर इस्तेमाल होता है। बर्ट को समझ आ गया कि भारतीय ग्राहकों को मैक्सिकन स्वाद अपनाने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी। उस समय भारत के फास्ट-फूड बाजार में बर्गर, पिज्जा और फ्राइड चिकन का दबदबा था, लेकिन मैक्सिकन कैटेगरी पूरी तरह खाली थी।

सुरक्षित नौकरी छोड़कर भारत में लगाया दांव

साल 2011 में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद बर्ट के सामने एक सुरक्षित और तय सैलरी वाली नौकरी का विकल्प था, लेकिन उन्होंने अपने इस विचार पर जोखिम उठाने का फैसला किया। वे वापस भारत लौटे और अपने दो बचपन के दोस्तों, धरम खालसा और गैलन कॉनेल, के साथ-साथ सैन फ्रांसिस्को के एक प्रोफेशनल शेफ को भी अपने साथ जोड़ा। साल 2012 में उन्होंने बेंगलुरु के प्रसिद्ध एम्बेसी गोल्फ लिंक्स टेक पार्क में कैलिफोर्निया बुरिटो का पहला आउटलेट शुरू किया। हालांकि, उनके दोनों साथी बाद में अमेरिका लौट गए, लेकिन बर्ट भारत में ही डटे रहे और बिजनेस को खुद आगे बढ़ाया।

बिजनेस की शुरुआत के लिए बेंगलुरु को चुनने का फैसला बेहद रणनीतिक था। यह देश का प्रमुख टेक हब है, जहां ऐसे कामकाजी लोग रहते हैं जो अक्सर विदेशों की यात्रा करते रहते हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों के स्वाद से अच्छी तरह परिचित हैं। बर्ट ने अनुमान लगाया था कि पहला आउटलेट खोलने के लिए करीब $100,000 की जरूरत होगी, लेकिन उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से परिवार और दोस्तों से $250,000 का फंड जुटाया। उनका यह दांव पूरी तरह सफल रहा। पहले ही साल में इस आउटलेट ने लगभग $500,000 का रेवेन्यू हासिल कर लिया और पहले ही दिन वहां 600 से अधिक ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। इस शुरुआती फंड और मुनाफे की बदौलत उन्होंने बिना किसी बाहरी निवेशक के दो नए आउटलेट खोल लिए।

मुश्किलें और आंतरिक धोखे का सामना

कैलिफोर्निया बुरिटो का यह सफर जितना शानदार दिखता है, उसके पीछे उतनी ही कठिन चुनौतियां रही हैं। ट्रेंडकिया (TrendKia) की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती सालों में कंपनी को अपने ही एक वरिष्ठ कर्मचारी की वजह से बड़ा झटका लगा था। ऑपरेशन्स संभालने के लिए नियुक्त किए गए उस कर्मचारी को सप्लायर्स के साथ हेराफेरी करते और खुद का एक नया प्रतिस्पर्धी ब्रांड शुरू करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। बर्ट बताते हैं कि इस घटना ने उन्हें सिखाया कि टीम के लोगों पर नजर रखना और सिस्टम को सुरक्षित रखना कितना जरूरी है।

इसके अलावा, कंपनी शुरुआत में मार्केटिंग पर ध्यान न देने की गलती कर बैठी। COVID महामारी के आने तक वे ब्रांडिंग पर बहुत कम खर्च करते थे। लेकिन हाल ही में बेंगलुरु में ब्रांड के 100वें स्टोर के जश्न के दौरान, जब उन्होंने सभी व्यंजनों की कीमत मात्र ₹100 रख दी, तो वह प्रमोशनल कैंपेन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उस दिन सामान्य से आठ गुना अधिक बिक्री दर्ज की गई। बर्ट स्वीकार करते हैं कि उन्हें मार्केटिंग की शुरुआत बहुत पहले ही कर देनी चाहिए थी।

इसके साथ ही, ताजी सामग्री के लिए बर्ट ने कृषि क्षेत्र में भी हाथ आजमाया और स्थानीय किसानों के साथ मिलकर एवोकाडो के सैकड़ों पेड़ लगवाए। लेकिन भारी मानसूनी बारिश के कारण फसलें तबाह होने और हाथियों के झुंड द्वारा खेतों को नुकसान पहुंचाए जाने जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने सप्लाई चेन के मोर्चे पर कई कठिन सबक सिखाए।

100 से अधिक आउटलेट्स और करोड़ों का साम्राज्य

बेंगलुरु के एक छोटे से आउटलेट से शुरू हुई यह कंपनी आज चेन्नई, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख शहरों में अपनी पैठ मजबूत कर चुकी है। फरवरी 2025 में कैलिफोर्निया बुरिटो ने बेंगलुरु में अपने 100वें स्टोर की शुरुआत की। वर्तमान में यह ब्रांड 100 से अधिक आउटलेट्स का संचालन कर रहा है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी मैक्सिकन-इंस्पायर्ड क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट चेन बन गई है।

वित्तीय वर्ष FY24 के आंकड़ों के अनुसार, कैलिफोर्निया बुरिटो ने लगभग $23 मिलियन (यानी करीब ₹196 करोड़) का सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है। बर्ट, जो शुरुआत में केवल पांच साल के लिए भारत आए थे, अब एक दशक से अधिक समय से यहीं हैं और वे भारत को ही अपना स्थायी घर मान चुके हैं।

सवाल-जवाब

बर्ट म्यूलर कौन हैं और उनका भारत से क्या संबंध है?
बर्ट म्यूलर एक अमेरिकी उद्यमी हैं जो साल 2010 में जयपुर में एक छात्र के रूप में आए थे और बाद में उन्होंने भारत में प्रसिद्ध मैक्सिकन फूड चेन 'कैलिफोर्निया बुरिटो' की स्थापना की।
कैलिफोर्निया बुरिटो का पहला आउटलेट कब और कहाँ शुरू हुआ था?
इस ब्रांड का पहला आउटलेट साल 2012 में बेंगलुरु के एम्बेसी गोल्फ लिंक्स टेक पार्क में खोला गया था।
बर्ट को भारत में मैक्सिकन फूड चेन शुरू करने का विचार कैसे आया?
जयपुर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बर्ट ने देखा कि भारतीय परिवारों को मैक्सिकन खाना बेहद पसंद आया, और दोनों व्यंजनों में मसालों, चावल और बीन्स की काफी समानताएं हैं।
वित्त वर्ष FY24 में कैलिफोर्निया बुरिटो का कुल रेवेन्यू कितना रहा?
वित्त वर्ष FY24 में कैलिफोर्निया बुरिटो ने करीब $23 मिलियन (लगभग ₹196 करोड़) का शानदार सालाना रेवेन्यू हासिल किया है।
कंपनी के 100वें स्टोर की शुरुआत कब और कहाँ हुई?
फरवरी 2025 में कैलिफोर्निया बुरिटो ने बेंगलुरु शहर में अपने 100वें आउटलेट की शुरुआत की।
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