फ्रांस में भारी विरोध प्रदर्शनों की नई लहर की तैयारी, सरकार ने तैनात किए 70,000 पुलिसकर्मीनेहा बोरा का बड़ा ऐलान, दिल्ली पुलिस के पीस बॉन्ड पर नहीं करेंगे हस्ताक्षरराजस्थान में अनोखा चुनावी रंग, कहीं केतली तो कहीं कटहल के सहारे सरपंच पद की जंगजगदलपुर में भारी भूस्खलन से धंसी पटरी हुई दुरुस्त, मालगाड़ियों का संचालन शुरूगन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर में 30 अक्टूबर को बांटेगा बीजों की मिनी किट, 30 हजार किसानों को मिलेगा नई किस्मों का लाभबर्लिन में बोले पीयूष गोयल, प्रतिभा वापसी की नीतियों पर आलोचना और दुरुपयोग का रहता है खतराप्रेमिका से मिलने पहुंचा आशिक, स्कूटी लेकर दोस्त संग हुआ फरार तो गर्लफ्रेंड ने थाने में दी शिकायतअजरबैजान की राजधानी बाकू में एस जयशंकर ने किए प्राचीन मंदिर के दर्शन, भारत के साथ हैं गहरी सांस्कृतिक कड़ियांग्वालियर में नर्सिंग छात्रा पर जानलेवा हमला, धर्म बदलने का दबाव बनाने पर बॉयफ्रेंड अदनान ने किया चाकू से वारसोनिया गांधी ने X पर की शुरुआत, राजीव गांधी से कैम्ब्रिज में हुई पहली मुलाकात की सुनाई अनोखी कहानी
केरल की पारंपरिक चीजों से रांची में खड़ा किया नया बिजनेस, प्रीति के प्रॉडक्ट्स की दिल्ली तक बढ़ी मांगसक्सेस स्टोरी
20 अग॰ 2026, 8:02 am (65 दिन पहले)· 5

केरल की पारंपरिक चीजों से रांची में खड़ा किया नया बिजनेस, प्रीति के प्रॉडक्ट्स की दिल्ली तक बढ़ी मांग

केरल से रांची आईं प्रीति ने घर से नारियल तेल, चिप्स और साड़ियों का कारोबार शुरू किया है, जिसकी मांग अब दिल्ली और मुंबई तक पहुंच गई है।

झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली प्रीति ने घर पर रहने के बजाय अपनी सांस्कृतिक जड़ों और घरेलू संसाधनों का सही इस्तेमाल करके एक सफल व्यवसाय की नींव रखी है। मूल रूप से केरल से संबंध रखने वाली प्रीति शादी के बाद रांची आकर बस गई थीं। उनके पति नौकरीपेशा हैं, जिसके बाद उन्होंने खाली समय बिताने के स्थान पर स्वदेशी प्रॉडक्ट्स का कारोबार शुरू करने का फैसला लिया। आज उनके बनाए केरल के पारंपरिक सामानों की मांग न केवल स्थानीय स्तर पर है, बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे देश के बड़े शहरों तक पहुंच चुकी है।

होम फार्म से बिजनेस की शुरुआत और मुख्य प्रॉडक्ट्स

प्रीति ने अपने इस व्यावसायिक सफर की शुरुआत बहुत ही सीमित संसाधनों के साथ अपने घर से की थी। वह अपने खेत में उगाए जाने वाले नारियल और केलों का इस्तेमाल करके प्राकृतिक चिप्स तैयार करती हैं। इसके अलावा वह पूरी तरह शुद्ध नारियल तेल भी बनाती हैं। केरल की समृद्ध परंपरा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने घर पर ही विशेष मसाले तैयार करने और पारंपरिक साड़ियों का काम भी शुरू किया। शुरुआत में छोटे स्तर पर किया गया यह प्रयास धीरे-धीरे एक मजबूत ब्रांड का रूप ले चुका है।

ये भी पढ़ें

नारियल तेल, स्पेशल साड़ियां और मसालों की मांग

उनके पूरे कारोबार में 100 प्रतिशत शुद्ध नारियल तेल उनकी सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। इस तेल की बहु उपयोगिता ही इसकी मुख्य खासियत है, क्योंकि इसका इस्तेमाल खाना पकाने, त्वचा की देखभाल और बालों की मालिश जैसे कई कार्यों में किया जा सकता है। आधा लीटर नारियल तेल की कीमत 500 रुपये रखी गई है, और इसकी मांग इतनी अधिक है कि यह प्रॉडक्ट अक्सर आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है। इसके साथ ही प्रीति सुनहरे रंग की केरल स्पेशल साड़ियां भी उपलब्ध कराती हैं, जो पूरी तरह हाथ से बनी होती हैं और जिन पर बारीक कढ़ाई का काम होता है। इन साड़ियों की कीमत 700 रुपये से लेकर 1800 रुपये के बीच है। उन्होंने अपने साथ 4-5 कारीगरों को भी जोड़ा है जो इन सामानों को तैयार करने में मदद करते हैं।

स्थानीय पहचान और कमाई का 30 फीसदी शिक्षा पर खर्च

कारोबार में सफलता हासिल करने के साथ ही प्रीति सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही हैं। वह अपने व्यवसाय से होने वाले कुल मुनाफे या कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा गरीब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को प्रायोजित करने में खर्च करती हैं। रांची में स्थानीय निवासी उन्हें बेहद प्यार और सम्मान के साथ 'केरल वाली आंटी' कहकर पुकारते हैं। असली साउथ इंडियन स्वाद या ताजे बनाना चिप्स की चाहत रखने वाले लोग अक्सर सीधे उनके घर ही पहुंच जाते हैं।

सवाल-जवाब

प्रीति रांची में किस तरह का बिजनेस चलाती हैं?
प्रीति अपने घर से केरल के पारंपरिक उत्पाद जैसे शुद्ध नारियल तेल, बनाना और कोकोनट चिप्स, केरल मसाले और हस्तनिर्मित साड़ियां बेचती हैं।
प्रीति के शुद्ध नारियल तेल की कीमत क्या है?
आधा लीटर शुद्ध नारियल तेल की कीमत 500 रुपये है, जो अत्यधिक मांग के कारण अक्सर आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है।
केरल की साड़ियों की कीमत क्या है और वे कैसे बनाई जाती हैं?
ये सुनहरे रंग की साड़ियां हाथ से बनी और कढ़ाई की हुई होती हैं, जिनकी कीमत 700 रुपये से 1800 रुपये के बीच है।
प्रीति अपने बिजनेस से सामाजिक कार्य किस तरह करती हैं?
वह अपनी बिजनेस कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा गरीब बच्चों की शिक्षा को प्रायोजित करने के लिए उपयोग करती हैं।
रांची में प्रीति को लोग किस नाम से जानते हैं?
स्थानीय लोग उन्हें प्यार से 'केरल वाली आंटी' कहते हैं और साउथ इंडियन खाद्य पदार्थों के लिए सीधे उनके घर जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp