कुआलालंपुर से सऊदी अरब के जेद्दा के लिए रवाना हुई मलेशिया एयरलाइंस की एक उड़ान को हवा में अचानक तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। इस गंभीर स्थिति के बाद सोमवार को विमान को चेन्नई एयरपोर्ट पर आपातकालीन स्थिति में उतारना पड़ा। विमान में कुल 186 यात्री अपनी यात्रा पर सवार थे। इस डरावनी घटना के बावजूद राहत की बात यह रही कि विमान आखिरकार सुरक्षित रनवे पर आ गया और किसी भी यात्री के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
अचानक इंजन में आई तकनीकी बाधा
मलेशिया एयरलाइंस की यह फ्लाइट संख्या MH156 कुआलालंपुर से उड़ान भरकर जेद्दा की ओर बढ़ रही थी। यात्रा के दौरान ही उड़ान भर रहे विमान के नंबर-2 इंजन में कुछ तकनीकी गड़बड़ी के संकेत मिलने लगे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पायलट ने बिना किसी देरी के एहतियात बरतने का फैसला किया और तुरंत चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क स्थापित किया। पायलट ने ग्राउंड स्टाफ को स्थिति से अवगत कराते हुए विमान की आपातकालीन लैंडिंग कराने की औपचारिक अनुमति मांगी, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया।
चेन्नई एयरपोर्ट पर लागू की गई फुल इमरजेंसी
पायलट की तरफ से मिले आपातकालीन संदेश के तुरंत बाद चेन्नई एयरपोर्ट प्रशासन ने पूरी तरह सतर्क होते हुए फुल इमरजेंसी घोषित कर दी। किसी भी अनहोनी या संभावित दुर्घटना से निपटने के लिए हवाई अड्डे पर पहले से ही एंबुलेंस, दमकल की कई गाड़ियां और CISF के जवानों को पूरी तरह अलर्ट मोड में तैनात कर दिया गया था। जमीन पर सभी सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के बाद विमान ने सफलतापूर्वक चेन्नई एयरपोर्ट पर अपनी सुरक्षित लैंडिंग पूरी की। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार विमान में सफर कर रहे सभी 186 यात्रियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया और उनका सारा सामान भी सुरक्षित तरीके से उतार लिया गया है।
विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है तकनीकी जांच
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस डरावनी घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को खरोंच तक नहीं आई है। विमान के नंबर-2 इंजन में पैदा हुई तकनीकी समस्या और खराबी के मूल कारणों का पता लगाने के लिए अब एयरलाइन कंपनी और तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गहन जांच में जुट गई है। इस बड़ी घटना के बावजूद अच्छी बात यह रही कि चेन्नई एयरपोर्ट का सामान्य कामकाज बिल्कुल प्रभावित नहीं हुआ और अन्य सभी निर्धारित उड़ानों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य रूप से जारी रखी गई।
विमानन क्षेत्र में हालिया तकनीकी घटनाओं का सिलसिला
यह हालिया घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब पिछले कुछ दिनों के दौरान दुनिया भर में विमानों के इंजनों और अन्य तकनीकी समस्याओं की वजह से कई उड़ानों को एहतियाती लैंडिंग या अपने मार्ग में परिवर्तन करना पड़ा है। हाल ही में गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट को भी उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद इंजन संबंधी तकनीकी समस्या के कारण वापस लौटना पड़ गया था। उस विमान संख्या 6E 2102 ने सुबह 9.16 बजे अपनी उड़ान भरी थी, लेकिन तकनीकी बाधा सामने आते ही विमान को सुरक्षित वापस गोवा एयरपोर्ट पर लाने का बड़ा फैसला लिया गया।
सजगता और सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
उस घटना के दौरान भी एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान की वापसी पर फुल इमरजेंसी घोषित की थी और वह विमान सुबह 9.51 बजे रनवे-28 पर पूरी तरह सुरक्षित उतरा था, जिसके बाद उसे स्टैंड-6 पर सुरक्षित पार्क किया गया। उन सभी यात्रियों को भी सकुशल बाहर निकालकर बोर्डिंग एरिया में भेज दिया गया था। एक के बाद एक लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने विमानन क्षेत्र में तकनीकी निगरानी और उड़ान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि दोनों ही मामलों में पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की असाधारण सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते बड़े हादसों को टालने में सफलता मिली और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।





















