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तमिलनाडु के शहरों का कायाकल्प करने के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का महाप्लान मंजूरतमिलनाडु
1 नव॰ 2026, 12:59 pm (2 घंटे पहले)· 0

तमिलनाडु के शहरों का कायाकल्प करने के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का महाप्लान मंजूर

तमिलनाडु प्रशासन ने शहरी बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय स्तर पर उन्नत करने के उद्देश्य से एक विशाल पांच वर्षीय विकास कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत सड़कों, सीवरेज नेटवर्क, स्वच्छ पेयजल और पर्यावरण सुधार पर भारी निवेश किया जाएगा।

तमिलनाडु प्रशासन ने राज्य भर के शहरी क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के इरादे से एक व्यापक पांच साल का विकास खाका तैयार किया है। इस विशाल परियोजना के क्रियान्वयन के लिए औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिस पर कुल 1.50 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि व्यय की जाएगी। इस पहल का मुख्य मकसद कस्बों और बड़े नगरों में रहने वाले नागरिकों को आधुनिक जीवनशैली और विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। तय बजट में से सबसे बड़ा भाग आवागमन के मार्गों, भूमिगत जल निकासी प्रणाली तथा स्वच्छ नल जल के नेटवर्क को चाक-चौबंद करने के लिए तय किया गया है।

परिवहन और सीवरेज नेटवर्क पर केंद्रित सबसे बड़ा बजट

बजट घोषणा के तहत तैयार इस विशेष अभियान को ‘प्रधानमंत्री एकीकृत शहरी विकास योजना’ नाम दिया गया है। इसके माध्यम से राज्य की सभी शहरी स्थानीय संस्थाओं में आवश्यक ढांचागत सुधारों को एक छतरी के नीचे लाया गया है। योजना की वित्तीय रूपरेखा के मुताबिक, सड़कों को चौड़ा करने, नई संपर्क सड़कें बनाने और परिवहन सुधारों के लिए अकेले 60,000 करोड़ रुपये सुरक्षित रखे गए हैं। गंदे पानी की निकासी और भूमिगत सीवरेज तंत्र के आधुनिकीकरण के लिए 50,000 करोड़ रुपये का आवंटन तय हुआ है। इसके अतिरिक्त, शुद्ध पेयजल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु 30,350 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।

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कचरा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता

शहरी स्वच्छता और पारिस्थितिकी संतुलन साधने के लिए भी अलग से वित्तीय बंदोबस्त किए गए हैं। ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और प्रसंस्करण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। पुराने जलस्रोतों के संरक्षण और सामाजिक सुविधाओं के विस्तार के लिए 2,000-2,000 करोड़ रुपये की अलग-अलग निधियां निर्धारित हुई हैं। इसके साथ ही हरियाली के दायरे को बढ़ाने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य के संवर्धन के वास्ते 1,500-1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बहुआयामी दृष्टिकोण से पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार लाने की तैयारी है।

हर घर नल से जल और 24 घंटे आपूर्ति का लक्ष्य

नागरिकों की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक आवासीय इकाई तक नियमित पेयजल कनेक्शन सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। बड़े नगर निगमों के अधिकार क्षेत्र में पूरे दिन यानी 24 घंटे अनवरत जलापूर्ति देने का रोडमैप तैयार किया गया है। इसके विपरीत, सामान्य नगरपालिका क्षेत्रों के रहवासियों को प्रतिदिन न्यूनतम तीन घंटे स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इन लक्ष्यों को पाने के लिए जल शोधन संयंत्रों और वितरण पाइपलाइनों को नए सिरे से सुदृढ़ किया जा रहा है। भूमिगत सीवर लाइनों का जाल हर शहरी हिस्से तक पहुंचाकर गंदगी से मुक्ति दिलाने की रणनीति भी बनाई गई है।

नदियों की सफाई, पांच करोड़ पौधे और स्मार्ट निगरानी

पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करने के लिए व्यापक स्तर पर 5 करोड़ नए पौधे रोपे जाएंगे। चेन्नई की प्रमुख जलधाराओं अड्यार और कूवम नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाकर उनका प्राकृतिक स्वरूप लौटाने का कार्य इस परियोजना का अभिन्न हिस्सा है। आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए नसबंदी केंद्र स्थापित होंगे, वहीं चौराहों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। संपूर्ण वित्तीय नियंत्रण और कार्य की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तमिलनाडु शहरी वित्त एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (ट्यूफिडको) को सौंपी गई है।

सवाल-जवाब

तमिलनाडु सरकार ने शहरी विकास योजना के लिए कितना बजट तय किया है?
इस पांच वर्षीय व्यापक कार्यक्रम के लिए कुल 1.50 लाख करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
इस योजना के तहत किस क्षेत्र को सबसे ज्यादा फंड मिला है?
सड़कों और शहरी परिवहन परियोजनाओं के लिए सर्वाधिक 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
शहरी नागरिकों को पीने का पानी किस तरह उपलब्ध कराया जाएगा?
नगर निगम क्षेत्रों में 24 घंटे और नगरपालिका क्षेत्रों में रोजाना कम से कम तीन घंटे पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
पर्यावरण सुधार के लिए क्या प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं?
राज्य में पांच करोड़ पौधे लगाए जाएंगे और अड्यार व कूवम नदियों का पुनर्जीवन किया जाएगा।
परियोजना के वित्तीय प्रबंधन और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी किसे दी गई है?
तमिलनाडु शहरी वित्त एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (ट्यूफिडको) इस कार्यक्रम की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·45 मिनट पहले

चेन्नई में जब पिछली बार जलभराव हुआ था, तो हालात देखकर डर सा लग गया था। सीवर और पानी की लाइनें ठीक होने से कम से कम वो गंदा पानी गलियों में नहीं भरेगा। 1.5 लाख करोड़ का यह प्लान अगर ठीक से ज़मीन पर उतरा, तो शहरों में सांस लेना आसान हो जाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

60,000 करोड़ रुपये सिर्फ़ सड़कों पर लगना वाकई बड़ा कदम है, अगर सच में गड्ढे भर जाएं और जाम से राहत मिले तो मज़ा आ जाए।

Rohan Gupta@rohan-gupta·1 घंटे पहले

रवि भाई, बात तो सही है पर इतनी बड़ी रकम लगने के बाद क्या ये सड़कें अगली बारिश तक टिक पाएँगी या फिर से वही हाल होगा?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

डेढ़ लाख करोड़ का बजट सुनकर तो आंखें चौंधिया गईं, तमिलनाडु सरकार ने प्लान तो तगड़ा बनाया है। पर सवाल ये है कि पांच साल में वाकई ज़मीन पर उतरेगा या फिर चुनावों से पहले बस कागजों पर ही बड़ी-बड़ी घोषणाएं बनकर रह जाएंगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, डेढ़ लाख करोड़ में से सिर्फ तीन हजार करोड़ कचरा निस्तारण के लिए रखे हैं, बाकी साठ हजार सड़कें और पचास हजार सीवर पर। कूड़ा तो वैसे ही रह जाएगा!

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