मणिपुर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध वसूली और नाकेबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायरजीकैश में पांच दिनों की लगातार तेजी के बाद 1,373 डॉलर की अहम रुकावट पर नजर, ईटीएफ प्रवाह और डेरिवेटिव्स बाजार से मिला सहाराव्हीलचेयर पर सिमटी जिंदगी को खेलों में दी उड़ान, फरीदाबाद के प्रणव सूरमा की प्रेरणादायक कहानीव्हीलचेयर पर सिमटी जिंदगी को खेलों में दी उड़ान, फरीदाबाद के प्रणव सूरमा ने रचा इतिहासबिहार के मधुबनी से दबोचा गया हमीरपुर हत्याकांड का दूसरा आरोपी, सिर्फ तीन हजार के विवाद में ली थी मिस्त्री की जाननूंह के मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में सुलह की कोशिश बेअसर, आगामी परीक्षाओं के बीच लगातार जारी रहा विद्यार्थियों का आंदोलनजस्टिन सन से जुड़े वॉलेट्स में 3% सप्लाई की चर्चा से उछला पेपे, क्या 0.00000521 डॉलर तक जाएगा भाव?भारतीय रेल के आधुनिकीकरण से चमकी तीन दिग्गज कंपनियों की किस्मत, ऑर्डर बुक और मुनाफे में भारी उछालअमिताभ बच्चन के क्विज शो में गूंजा पलामू टाइगर रिजर्व का नाम, जानिए 1932 की पहली बाघ गणना से जुड़ा इसका गौरवशाली इतिहासभरतपुर में गाय के गोबर और मिट्टी के दीयों से सजेगी दीपावली, महिलाओं ने शुरू किया पर्यावरण अनुकूल शिल्प
चीन का हाइपरसोनिक हथियार अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती, 6100 KMPH की रफ्तार से उड़ेगा आसमानी शिकारीतकनीक
25 अग॰ 2026, 11:12 am (64 दिन पहले)· 6

चीन का हाइपरसोनिक हथियार अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती, 6100 KMPH की रफ्तार से उड़ेगा आसमानी शिकारी

चीन ने ऐसे खतरनाक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल और मिसाइलें विकसित की हैं जो हजारों किलोमीटर दूर से अमेरिकी सैन्य विमानों को निशाना बना सकती हैं। इस नए हथियार से अमेरिका की चिंता बढ़ गई है क्योंकि इससे उसके महत्वपूर्ण सपोर्ट विमान और बेस खतरे में आ सकते हैं।

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जहां पूरी दुनिया में सीमित हथियारों को रखने पर जोर दिया जाने लगा था, वहीं हाल के वर्षों में वैश्विक सुरक्षा का पूरा परिदृश्य ही बदल चुका है। आज के समय में हर देश अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए अति-आधुनिक और घातक हथियारों के निर्माण में जुटा हुआ है ताकि वह रक्षा मामलों में किसी से पीछे न रहे। वर्तमान समय में अमेरिका और चीन के बीच यह हथियारों की होड़ सबसे अधिक तीव्र गति से चल रही है। इस बार चीन ने जिस सैन्य तकनीक को विकसित किया है, वह अमेरिकी प्रशासन की चिंता बढ़ाने के लिए पर्याप्त है क्योंकि इसकी जद में अमेरिकी सैन्य अड्डे आ रहे हैं।

लंबी दूरी के हमलों में सक्षम ग्लाइड व्हीकल

चीन ने ऐसे उन्नत हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल तैयार किए हैं जो हजारों किलोमीटर की दूरी पर स्थित महत्वपूर्ण विमानों को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से निशाना बना सकते हैं। यदि आने वाले समय में दोनों महाशक्तियों के बीच किसी प्रकार का सैन्य टकराव होता है, तो यह तकनीक अमेरिकी हवाई अभियानों के सामने एक विकट चुनौती खड़ी कर सकती है। इन हथियारों का उपयोग मुख्य लड़ाकू विमानों के स्थान पर उन विमानों को नेस्तनाबूद करने के लिए किया जा सकता है जो युद्ध क्षेत्र से दूर रहकर अन्य सैन्य अभियानों को आवश्यक सहायता प्रदान करते हैं। इन सहायक विमानों में हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर, हवाई निगरानी और कमांड विमान तथा आसमान में उड़ने वाले कमांड सेंटर शामिल हैं।

ये भी पढ़ें

आसमानी शिकारी की तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता

हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल एक ऐसा विशिष्ट हथियार है जिसे किसी शक्तिशाली मिसाइल के माध्यम से अत्यधिक ऊंचाई तक पहुंचाया जाता है और उसके बाद यह वायुमंडल में अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि यह अपनी उड़ान के दौरान ही अपना रास्ता और दिशा बदलने में पूरी तरह सक्षम होता है। इस खूबी के कारण दुश्मन देशों की रक्षा प्रणालियों के लिए इसे हवा में ही रोक पाना बेहद कठिन हो जाता है और इसकी प्रभावी मारक क्षमता भी कई गुना बढ़ जाती है।

चीन की डीएफ-17 मिसाइल से छोड़े जाने वाले हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन की मारक दूरी लगभग 2414 किलोमीटर तक आंकी गई है। यह दूरी मुख्य भूमि चीन से अमेरिकी क्षेत्र गुआम तक पहुंचने के लिए लगभग पर्याप्त है, जहां अमेरिका का एक बहुत बड़ा और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा स्थित है। इसके अलावा, डीएफ-27 मिसाइल की मारक क्षमता करीब 5000 मील तक बताई जाती है, जो हवाई क्षेत्र तक पहुंचने के लिहाज से पूरी तरह सक्षम है।

लंबी किल चेन और अमेरिकी संपत्तियों पर मंडराता खतरा

सैन्य विश्लेषणात्मक रिपोर्टों में इसे एक लंबी किल चेन के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसके तहत दूरस्थ सेंसर से मिलने वाली सटीक सूचना को तुरंत मिसाइल तक पहुंचाने की पूरी श्रृंखला काम करती है। हालांकि दुश्मन देश इस सूचना श्रृंखला को बीच में बाधित करने या तोड़ने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन तकनीकी जटिलताओं के कारण यह कार्य इतना आसान नहीं होगा।

अमेरिकी वायुसेना का ई-4बी नाइटवॉच भी इन संभावित और संवेदनशील लक्ष्यों की सूची में शामिल बताया गया है। इस प्रकार की तकनीक एडवांस्ड वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और उड़ने वाली कमांड पोस्ट जैसे विमानों को गंभीर खतरे में डाल सकती है। ये विमान आमतौर पर सीधे युद्ध के मैदान से सुरक्षित दूरी पर रहकर संपूर्ण सैन्य कार्रवाई और अभियानों को पीछे से मजबूत सपोर्ट प्रदान करते हैं।

अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से सामने आए अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2024 तक चीन के शस्त्रागार में कम से कम 3150 बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 300 जमीन से लॉन्च की जाने वाली क्रूज मिसाइलें मौजूद थीं। वर्ष 2015 की तुलना में चीन के कुल बैलिस्टिक मिसाइल भंडार में लगभग 147 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। केवल चीन ही नहीं, बल्कि अमेरिका भी इसी तर्ज पर लंबी दूरी तक मार करने वाली हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के विकास पर बहुत तेजी से काम कर रहा है। इन तमाम तथ्यों से यह स्पष्ट हो जाता है कि भविष्य के संभावित हवाई संघर्षों में लंबी दूरी के हथियार और दुश्मन के अहम सपोर्ट विमानों को नष्ट करने की क्षमता रणनीतिक रूप से सबसे अहम भूमिका निभाने वाली है।

सवाल-जवाब

चीन के नए हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल की मुख्य विशेषता क्या है?
यह हथियार उड़ान के दौरान अपनी दिशा बदलने में सक्षम है, जिससे इसे दुश्मन की रक्षा प्रणालियों द्वारा रोकना बेहद कठिन हो जाता है।
चीन की डीएफ-17 मिसाइल की मारक दूरी कितनी है?
चीन की डीएफ-17 मिसाइल से छोड़े जाने वाले हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन की रेंज लगभग 2414 किलोमीटर तक है।
इस तकनीक से किन अमेरिकी विमानों को सबसे बड़ा खतरा है?
इससे हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर, हवाई निगरानी विमान और उड़ते हुए कमांड सेंटर जैसे सपोर्ट विमानों को बड़ा खतरा है।
2024 तक चीन के पास कुल कितनी बैलिस्टिक मिसाइलें थीं?
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुमान के अनुसार 2024 तक चीन के पास कम से कम 3150 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp