नया मोबाइल फोन खरीदते समय ज्यादातर ग्राहक कैमरा की क्वालिटी, प्रोसेसर की स्पीड, डिस्प्ले और बैटरी क्षमता पर ही ध्यान देते हैं। हालांकि, एक महत्वपूर्ण फीचर जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, वह है डिवाइस की IP रेटिंग। यह विशेष रेटिंग यह तय करती है कि आपका महंगा स्मार्टफोन धूल और पानी के संपर्क में आने पर कितना सुरक्षित रहेगा। आजकल बाज़ार में मिलने वाले प्रीमियम और मिड-रेंज स्मार्टफोन्स में IP68 या IP69 रेटिंग देखने को मिलती है। यदि आप बारिश में फोन का इस्तेमाल करते हैं, स्विमिंग पूल के पास रहते हैं या धूल भरी परिस्थितियों में काम करते हैं, तो खरीदारी से पहले इन दोनों रेटिंग्स के बीच का बुनियादी अंतर समझना आपके लिए बेहद जरूरी हो जाता है।
इनग्रेस प्रोटेक्शन का क्या अर्थ है?
IP का पूरा नाम इनग्रेस प्रोटेक्शन (Ingress Protection) होता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में धूल, गंदगी और तरल पदार्थों की रोकथाम करने की क्षमता को मापता है। जब आप किसी स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशन में IP68 या IP69 लिखा देखते हैं, तो इसमें IP के बाद दो अलग-अलग अंक मौजूद होते हैं। पहला अंक ठोस कणों जैसे धूल और मिट्टी से सुरक्षा के स्तर को दर्शाता है, जबकि दूसरा अंक पानी और नमी से बचाव की क्षमता का संकेत देता है।
IP68 और IP69 दोनों ही रेटिंग्स में पहला अंक 6 होता है। इस श्रेणी का अंक 6 इस बात की गारंटी देता है कि आपका डिवाइस पूरी तरह से धूल-रोधी (Dust Tight) है। इसका मतलब है कि सूक्ष्म से सूक्ष्म धूल के कण भी फोन के आंतरिक हिस्सों तक नहीं पहुंच सकते हैं, जिससे डिवाइस का अंदरूनी सर्किट और कंपोनेंट्स धूल से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
IP68 रेटिंग का मतलब और इसकी सीमाएं
असली अंतर IP रेटिंग के दूसरे अंक में छुपा होता है। IP68 रेटिंग वाले स्मार्टफोन्स में दूसरा अंक 8 होता है, जो पानी में डुबोए जाने (Submersion) पर मिलने वाली सुरक्षा को दर्शाता है। सामान्य तौर पर, IP68 सर्टिफाइड फोन 1.5 मीटर तक गहरे पानी में लगभग 30 मिनट तक रहने पर भी खराब नहीं होता है। हालांकि, अलग-अलग स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां अपनी टेस्ट कंडीशंस के आधार पर इस सीमा को अलग तरीके से तय कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ कंपनियां अपने फोन को 1 मीटर की गहराई तक सुरक्षित मानती हैं, जबकि कुछ अन्य ब्रांड्स 2 मीटर की गहराई तक पानी का सामना करने का दावा करते हैं।
दैनिक जीवन में होने वाली आम दुर्घटनाओं से निपटने के लिए IP68 रेटिंग पूरी तरह से पर्याप्त मानी जाती है। यदि अचानक बारिश शुरू हो जाए, हाथ धोते समय फोन पर पानी के छींटे पड़ जाएं, या गलती से मोबाइल फोन पानी से भरी बाल्टी या टब में गिर जाए, तो IP68 प्रोटेक्शन डिवाइस को अंदरूनी नुकसान से बचा लेता है।
IP69 रेटिंग: तेज दबाव और गर्म पानी से सुरक्षा
IP69 रेटिंग IP68 से एक कदम आगे बढ़कर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें दिया गया दूसरा अंक 9 यह दर्शाता है कि यह डिवाइस अत्यधिक पानी के दबाव (High Pressure Water Jets) और ऊंचे तापमान वाले पानी के सीधे प्रहार को सहन करने में सक्षम है। यानी अगर फोन पर बहुत तेज गति से पानी की धार छोड़ी जाए या गर्म पानी का छिड़काव हो, तब भी इसके आंतरिक हिस्सों में नमी प्रवेश नहीं कर सकती।
यह उच्च स्तरीय रेटिंग आमतौर पर उन औद्योगिक और चुनौतीपूर्ण माहौल में काफी उपयोगी साबित होती है जहां मशीनों या उपकरणों को तेज दबाव वाले गर्म पानी से धोया जाता है। बाज़ार में कुछ ऐसे एडवांस स्मार्टफोन भी मौजूद हैं जिन्हें IP68 और IP69 दोनों ही रेटिंग्स के साथ प्रमाणित किया जाता है।
फोन में IP रेटिंग होना क्यों आवश्यक है?
धूल और पानी किसी भी इलेक्ट्रॉनिक स्मार्टफोन के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। अगर स्मार्टफोन में उचित सुरक्षा सील नहीं है, तो पानी अंदर जाकर सीधे मदरबोर्ड को नुकसान पहुंचा सकता है। मदरबोर्ड खराब होने का मतलब है भारी-भरकम रिपेयरिंग खर्च, जो अक्सर नया फोन खरीदने जितना महंगा पड़ सकता है। इसके अलावा, चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल में धूल जमा होने से आवाज का धीमा होना और चार्जिंग में रुकावट आने जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
अच्छी IP रेटिंग होने से स्मार्टफोन की शेल्फ लाइफ काफी बढ़ जाती है। निर्माता कंपनियां भी पानी से होने वाले नुकसान को वारंटी के तहत एक सीमित सीमा तक तभी कवर करती हैं जब डिवाइस में उचित सर्टिफिकेशन हो। हालांकि, उपयोगकर्ताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि IP रेटिंग सिर्फ आपातकालीन सुरक्षा के लिए बनाई गई है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप स्मार्टफोन को जानबूझकर पानी में डुबोकर फोटोग्राफी करें या तैरने जाएं। समय के साथ फोन की रबर सीलिंग कमजोर हो सकती है, इसलिए पानी संपर्क में आने के तुरंत बाद फोन को अच्छे से सुखा लेना चाहिए।



















