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डेटा सेंटरों के खिलाफ वैश्विक विरोध से अमेरिका को मिलने वाले जरूरी सबकतकनीक
25 अक्तू॰ 2026, 11:47 pm (19 मिनट पहले)· 0

डेटा सेंटरों के खिलाफ वैश्विक विरोध से अमेरिका को मिलने वाले जरूरी सबक

जनरेटिव एआई के प्रसार के साथ डेटा सेंटरों की पानी और बिजली की खपत पर दुनिया भर में विरोध बढ़ रहा है, जिससे अमेरिकी नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण सबक सामने आ रहे हैं।

प्रौद्योगिकी उद्योग द्वारा कंप्यूटिंग क्षमता हासिल करने की अंधी दौड़ और उसके जवाब में खड़े हो रहे सामाजिक प्रतिरोध पर लेखक पेरिस मार्क्स ने अपनी पुस्तक में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। अमेरिका में आगामी चुनावों के दौरान डेटा सेंटर एक प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनकर उभरे हैं। लेकिन वैश्विक स्तर पर इस बुनियादी ढांचे के खिलाफ जनसंघर्ष का एक लंबा इतिहास रहा है। वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य कंप्यूटरों के विरोध से लेकर आयरलैंड और चिली में हाल के वर्षों में हुए जनआंदोलनों तक, स्थानीय समुदायों ने टेक कंपनियों के इस विस्तार पर सवाल उठाए हैं। एआई बबल के संभावित रूप से फूटने और इसके पर्यावरण पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को लेकर दुनिया भर में बहस तेज हो गई है।

पानी और बिजली की भारी खपत: ओरेगन से डबलिन तक

डेटा सेंटरों की अनियंत्रित मांग का सिलसिला हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। नीदरलैंड और सिंगापुर जैसे देशों ने वर्ष 2019 में ही नए डेटा सेंटरों के निर्माण पर अस्थायी रोक यानी मोरेटोरियम लागू कर दिया था। वर्ष 2022 तक आयरलैंड में बिजली ग्रिड पर डेटा सेंटरों के अत्यधिक दबाव को लेकर चिंताएं गहराने लगी थीं, जहां ये केंद्र राष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा खपत करने लगे थे।

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इसी तरह का एक गंभीर मामला अमेरिका के ओरेगन स्थित द डालेस शहर में देखने को मिला। वहां गूगल ने अपनी पानी की खपत के आंकड़ों को सार्वजनिक होने से बचाने के लिए नगर परिषद तक का सहारा लिया और लगभग एक साल तक इन जानकारियों को गुप्त रखा। जब स्थानीय समुदाय के संघर्ष के बाद वास्तविक आंकड़े सामने आए, तो पता चला कि गूगल अकेले उस पूरे शहर के कुल पानी का 29 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद वर्ष 2022 के अंत में चैटजीपीटी के आने से जनरेटिव एआई का दौर शुरू हुआ, जिसने डेटा सेंटरों की मांग को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया।

आयरलैंड का अनुभव: निजी बिजली संयंत्र और ग्रिड के सवाल

आयरलैंड का उदाहरण यह स्पष्ट करता है कि जब सार्वजनिक ग्रिड की क्षमता समाप्त होती है तो टेक कंपनियां क्या रुख अपनाती हैं। डबलिन में वर्ष 2021 में वहां के बिजली ग्रिड ऑपरेटर ने नए डेटा सेंटरों के कनेक्शन पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि ग्रिड के पास अब अतिरिक्त क्षमता नहीं बची है। इसके जवाब में टेक कंपनियों ने डबलिन के बाहर आयरलैंड के अन्य हिस्सों में निर्माण शुरू कर दिया।

इतना ही नहीं, कंपनियों ने सार्वजनिक ग्रिड पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक गैस नेटवर्क से जुड़कर जनरेटर चलाने शुरू कर दिए। आखिरकार, उन्होंने अपने डेटा सेंटरों को चलाने के लिए खुद के समर्पित निजी गैस पावर प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया। आयरलैंड का बिजली ग्रिड पूरी तरह से सार्वजनिक है और केवल सरकारी उपयोगिता ही बिजली की लाइनें बिछा सकती है। लेकिन डेटा सेंटर कंपनियों ने लॉबिंग करके ऐसा कानून बनवा लिया जो निजी कंपनियों को अपनी निजी बिजली केबल बिछाने की अनुमति देता है। इससे सार्वजनिक प्रणालियों में समानता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पर्यावरणीय खतरे और एआई बबल का जोखिम

आयरलैंड की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी ने टेक कंपनियों को जीवाश्म ईंधन जलाने के लिए उत्सर्जन लाइसेंस जारी किए, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी कि इससे देश के राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना बेहद कठिन हो जाएगा। यही कहानी अब अमेरिका में बड़े पैमाने पर दोहराई जा रही है, जहां कंपनियां एआई की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े निजी गैस पावर प्लांट स्थापित कर रही हैं।

टेक उद्योग फिलहाल एक बड़े एआई बबल के दौर से गुजर रहा है। इन विशाल डेटा सेंटरों और गैस पावर प्लांटों के निर्माण के बीच टर्बाइन, चिप्स और अन्य तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति में भारी देरी हो रही है। अतीत में डॉट-कॉम बबल के समय भी डेटा सेंटर कंपनियां दिवालिया हुई थीं, जिन्हें बाद में इक्विनिक्स जैसी कंपनियों ने खरीद लिया था। लेकिन एआई डेटा सेंटरों के साथ समस्या यह है कि इनमें इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक चिप्स कुछ ही वर्षों में पुराने हो जाते हैं। अगर मांग में गिरावट आती है या बबल फूटता है, तो इन भारी भरकम ढांचों और गैस पावर प्लांटों का कोई उपयोगी इस्तेमाल नहीं रह जाएगा।

न्यूजीलैंड का वैकल्पिक मॉडल और नियमन की आवश्यकता

टेक उद्योग के इस शोषक मॉडल के विपरीत न्यूजीलैंड में एक अलग और सकारात्मक दिशा देखने को मिली है। वहां स्थानीय समुदाय के नेतृत्व में माओरी भाषा के लिए एक सटीक स्पीच रिकग्निशन मॉडल विकसित किया गया, जिसके डेटा को स्थानीय क्लाउड प्रदाताओं पर ही होस्ट किया गया। यह उदाहरण दिखाता है कि एआई और कंप्यूटिंग तकनीक का उपयोग स्थानीय संसाधनों और संस्कृति के संरक्षण के लिए भी किया जा सकता है।

सरकारों को केवल डेटा सेंटर निर्माण पर ही नहीं, बल्कि एआई उत्पादों पर भी कड़े नियम लागू करने की आवश्यकता है। वर्ष 2023 के प्रारंभ में सैम ऑल्टमैन जैसे टेक दिग्गजों ने जनरेटिव एआई को लेकर जो वादे किए थे, उनमें से कई अब तक अधूरे हैं, जबकि इसके सामाजिक और पर्यावरणीय दुष्प्रभाव खुलकर सामने आ रहे हैं। नीतियां बनाने वाले अधिकारियों को यह तय करना होगा कि सार्वजनिक संसाधनों की बलि देकर सिलिकॉन वैली के एआई प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देना किस हद तक तर्कसंगत है।

यूरोप, टेक्सास और फिनलैंड में बढ़ता जनआक्रोश

यूरोपीय संघ में भी एआई की बढ़ती मांग और सदस्य देशों के जलवायु लक्ष्यों के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। स्थानीय प्राथमिकताएं, आर्थिक विकास की आकांक्षाएं और जलवायु प्रतिबद्धताएं आपस में टकरा रही हैं। अमेरिका के टेक्सास राज्य में डेटा सेंटरों के अत्यधिक निर्माण से वायु प्रदूषण कम करने के वर्षों के प्रयासों पर पानी फिरने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, औद्योगिक निर्माण सामग्री जैसे ग्रे पेंट की मांग में भी अचानक भारी उछाल आया है।

फिनलैंड में गूगल को उस समय कड़े विरोध का सामना करना पड़ा जब उसने 1.3 करोड़ यूरो की डेटा सेंटर परियोजना के लिए आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति लिए बिना ही 800 एकड़ से अधिक जंगल साफ कर दिए। गूगल को इस कदम के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। यह घटना साबित करती है कि दुनिया भर में आम लोग और स्थानीय समुदाय अब टेक बुनियादी ढांचे के नाम पर अपने पर्यावरण और संसाधनों के नुकसान को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।

सवाल-जवाब

पेरिस मार्क्स की पुस्तक किस विषय पर केंद्रित है?
यह पुस्तक टेक उद्योग की ऊर्जा और कंप्यूटिंग क्षमता की मांग और उसके खिलाफ दुनिया भर में हो रहे जनविरोध के इतिहास पर आधारित है।
गूगल ने ओरेगन के द डालेस में कितना पानी इस्तेमाल किया था?
सामुदायिक दबाव के बाद उजागर हुए आंकड़ों के अनुसार, गूगल उस शहर के कुल जल संसाधनों का 29 प्रतिशत इस्तेमाल कर रहा था।
आयरलैंड के डबलिन में डेटा सेंटरों पर रोक क्यों लगाई गई थी?
वर्ष 2021 में आयरलैंड के बिजली ग्रिड ऑपरेटर ने चेतावनी दी थी कि ग्रिड के पास नए डेटा सेंटरों को बिजली देने की पर्याप्त क्षमता नहीं बची है।
फिनलैंड में गूगल पर क्या आरोप लगे हैं?
गूगल ने 1.3 करोड़ यूरो की डेटा सेंटर परियोजना के लिए आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति लिए बिना 800 एकड़ से अधिक जंगल साफ कर दिए थे।
न्यूजीलैंड में माओरी भाषा के लिए कौन सा अलग मॉडल अपनाया गया?
वहां समुदाय के नेतृत्व में स्थानीय क्लाउड प्रदाताओं का उपयोग करके माओरी भाषा के लिए एक सटीक स्पीच रिकग्निशन मॉडल तैयार किया गया।
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