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फेसटाइम कॉल पर एप्पल सपोर्ट बनकर ठगी करने की नई तरकीब सामने आईतकनीक
19 जुल॰ 2026, 2:16 am (101 दिन पहले)· 1

फेसटाइम कॉल पर एप्पल सपोर्ट बनकर ठगी करने की नई तरकीब सामने आई

ठग अब फेसटाइम कॉल पर खुद को एप्पल सपोर्ट बताकर भरोसा जीतते हैं और फिर पीड़ित को स्क्रीन शेयर करने के लिए राजी कर उनकी वित्तीय जानकारी चुरा लेते हैं।

ठग अब आम फोन कॉल्स की जगह एप्पल के अपने फेसटाइम फीचर का सहारा लेकर लोगों को ठगने की नई तरकीब अपना रहे हैं। वे अपनी कॉल को कुछ इस तरह दिखाते हैं जैसे वह सीधे एप्पल सपोर्ट की तरफ से आ रही हो, ताकि पीड़ितों का भरोसा जीता जा सके और उनकी वित्तीय व निजी जानकारी चुराई जा सके।

ठग फेसटाइम की ओर क्यों मुड़ रहे हैं

आम रोबोकॉल्स और फोन स्कैम इतने बढ़ चुके हैं कि बहुत से लोग अनजान नंबरों की कॉल उठाना ही बंद कर चुके हैं और हर अनजान कॉलर को शक की नजर से देखते हैं। फेसटाइम इससे बिल्कुल अलग है, और यही फर्क इसे खतरनाक बनाता है। आम फोन कॉल किसी भी डिवाइस से आपके नंबर पर डायल करके की जा सकती है, लेकिन फेसटाइम वीडियो या ऑडियो कॉल तभी शुरू हो सकती है जब सामने वाले के पास खुद एप्पल डिवाइस हो और उसे आपकी फेसटाइम डिटेल्स, यानी आपका फोन नंबर या ईमेल पता, पहले से पता हो। यही अतिरिक्त शर्त फेसटाइम कॉल को आम फोन कॉल के मुकाबले कहीं ज्यादा निजी और भरोसेमंद बना देती है, और ठग इसी झूठे भरोसे का फायदा उठाना चाहते हैं, खासकर तब जब कॉल करने वाला खुद को एप्पल सपोर्ट का बताए, जिस पहचान पर आमतौर पर कोई शक नहीं करता।

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ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाली कहानियां

कॉल उठते ही ठग पीड़ित को देखकर उसी हिसाब से कई तरह की कहानियां गढ़ते हैं। कोई कहता है कि पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी हुई है और तुरंत सत्यापन जरूरी है, कोई डिवाइस में गड़बड़ी बताकर खुद को ही उसे ठीक करने वाला बताता है, तो कोई किसी अकाउंट के लिए ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट भेजने का बहाना बनाता है। कुछ मामलों में रिफंड का लालच दिया जाता है या फिर सीमित समय के किसी ऑफर का दावा करके तुरंत फैसला लेने का दबाव बनाया जाता है। कहानी चाहे जो भी हो, लगभग हर बार मकसद एक ही रहता है, पीड़ित पर इतनी जल्दबाजी थोप देना कि वह सोच समझकर फैसला ही न ले पाए और कॉल में कुछ गड़बड़ होने का शक तक न कर पाए।

स्क्रीन शेयरिंग से कैसे खाली होता है बैंक खाता

इस स्कैम का असली खतरा तब सामने आता है जब ठग पीड़ित का भरोसा पूरी तरह जीत चुका होता है। ज्यादातर मामलों में शुरुआत एक साधारण फेसटाइम ऑडियो कॉल से होती है, फिर ठग वीडियो कॉल पर आने को कहता है और धीरे धीरे पीड़ित को स्क्रीन शेयर करने के लिए राजी कर लेता है। ठग खासतौर पर वीडियो या स्क्रीन शेयरिंग फीचर का इस्तेमाल इसलिए करते हैं क्योंकि इससे वे पीड़ित को उसी के डिवाइस पर कदम दर कदम निर्देश देकर हर हरकत को असल समय में देख सकते हैं। जहां मिलते जुलते ज्यादातर स्कैम में ठग को पीड़ित से अलग से कोई रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराना पड़ता है, वहीं फेसटाइम में पहले से ही एक ऐसा विकल्प मौजूद है जिससे कोई भी कॉलर सीधे दूसरे की स्क्रीन को रिमोटली कंट्रोल करने का अनुरोध भेज सकता है, यानी ठग को डिवाइस पर कब्जा करने के लिए कुछ अलग से इंस्टॉल कराने की जरूरत ही नहीं पड़ती। मालवेयरबाइट्स के मुताबिक इसी तरीके का इस्तेमाल कर ठग पीड़ितों के बैंक खाते पूरी तरह खाली कर चुके हैं, और एक दोस्ताना दिखने वाली वीडियो कॉल आखिर में पूरा आर्थिक नुकसान बनकर सामने आती है।

एप्पल की चेतावनी और बचाव के तरीके

एप्पल ने अब खुद ऐसी संदिग्ध फेसटाइम कॉल्स को लेकर यूजर्स को चेताना शुरू कर दिया है, जो बताता है कि कंपनी इस स्कैम को कितनी गंभीरता से ले रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे कारगर बचाव यही है कि अपने सेव कॉन्टैक्ट्स के अलावा आने वाली हर कॉल, चाहे वह फेसटाइम पर ही क्यों न हो, को शुरू से ही शक की नजर से देखा जाए, भले ही कॉलर खुद को एप्पल जैसी किसी बड़ी कंपनी का बताए, क्योंकि असली कंपनियां शायद ही कभी इस तरह ग्राहकों से संपर्क करती हैं। ऐसी किसी भी कॉल के दौरान कभी भी जोर से अपनी निजी जानकारी न बताएं, खासकर वह जानकारी जिससे आपके वित्तीय खातों या पासवर्ड तक पहुंचा जा सके। किसी भी अनजान कॉलर को अपनी स्क्रीन शेयर करने या उसका कंट्रोल देने के लिए कभी राजी न हों, चाहे कहानी कितनी भी भरोसेमंद या जल्दबाजी वाली क्यों न लगे। इसके साथ ही डिवाइस को हमेशा नवीनतम सिक्योरिटी पैच के साथ अपडेट रखना भी जरूरी है। भले ही फेसटाइम स्कैम आमतौर पर किसी सॉफ्टवेयर खामी के बजाय भरोसे पर वार करते हों, अपडेट्स को अप टू डेट रखने से उसी डिवाइस पर हमला करने के बाकी संभावित रास्ते भी बंद हो जाते हैं।

सवाल-जवाब

यह नया फेसटाइम स्कैम क्या है?
ठग फेसटाइम कॉल करते हैं और खुद को एप्पल सपोर्ट बताकर पीड़ितों से वित्तीय और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
फेसटाइम कॉल आम फोन कॉल से ज्यादा भरोसेमंद क्यों लगती है?
फेसटाइम कॉल तभी हो सकती है जब कॉलर के पास एप्पल डिवाइस हो और उसे आपका फोन नंबर या ईमेल पहले से पता हो, जबकि आम कॉल किसी भी डिवाइस से आ सकती है।
ठग किन बहानों से कॉल करते हैं?
वे क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, डिवाइस में गड़बड़ी, अकाउंट ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट, रिफंड ऑफर या सीमित समय के डील जैसे बहाने बनाते हैं।
ठग पीड़ित के डिवाइस पर कब्जा कैसे करते हैं?
वे फेसटाइम ऑडियो कॉल से शुरू करके वीडियो कॉल पर आते हैं और फिर फेसटाइम के बिल्ट-इन फीचर से पीड़ित की स्क्रीन शेयर या कंट्रोल करा लेते हैं।
क्या इस स्कैम से किसी का नुकसान हुआ है?
हां, मालवेयरबाइट्स के मुताबिक ठग इस तरीके से पीड़ितों के बैंक खाते पूरी तरह खाली कर चुके हैं।
एप्पल ने इस बारे में क्या कहा है?
एप्पल ने यूजर्स को संदिग्ध फेसटाइम कॉल्स को लेकर चेताना शुरू कर दिया है।
इस स्कैम से खुद को कैसे बचाएं?
अनजान कॉन्टैक्ट की किसी भी कॉल को शक की नजर से देखें, कभी निजी या वित्तीय जानकारी न बताएं और डिवाइस को नवीनतम सिक्योरिटी पैच से अपडेट रखें।
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