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टिकट कटने से खफा अवधेश नायक अब जीतू पटवारी के साथ कांग्रेस के लिए प्रचार में उतरेराजनीति
19 जुल॰ 2026, 4:44 am (46 दिन पहले)· 1

टिकट कटने से खफा अवधेश नायक अब जीतू पटवारी के साथ कांग्रेस के लिए प्रचार में उतरे

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस टिकट न मिलने से नाराज चल रहे अवधेश नायक बीजेपी नेताओं की मुलाकातों के बीच आखिरकार कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने उतरे और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ मंच साझा किया।

दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने कांग्रेस खेमे को राहत दी है। पार्टी से टिकट न मिलने पर नाराज बताए जा रहे नेता अवधेश नायक अब खुलकर कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे हैं।

नामांकन के बाद बदला सियासी माहौल

दतिया सीट पर बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को और कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेता पहले ही अपने-अपने नामांकन पत्र भर चुके हैं। इसी बीच सबकी नजरें अवधेश नायक पर टिकी थीं, जो कभी बीजेपी में सक्रिय रहे और साल 2023 में कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इस बार दतिया से कांग्रेस टिकट की दौड़ में उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने आखिरी वक्त पर किसी और पर भरोसा जताया। टिकट कटने के बाद अवधेश नायक की नाराजगी की चर्चाएं तेज हो गई थीं और नामांकन के बाद खुद बीजेपी नेता आशुतोष तिवारी उनसे मिलने पहुंच गए, जिससे उनकी घर वापसी की अटकलें लगने लगीं। हालांकि इसके जवाब में कांग्रेस के कई नेता भी लगातार उन्हें समझाने-मनाने में जुटे रहे और आखिरकार यह कोशिश कामयाब होती दिखी।

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जीतू पटवारी के साथ मंच पर दिखे अवधेश नायक

शहर में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मौजूद रहे और अवधेश नायक उनके साथ मंच पर खड़े नजर आए, जो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में उनकी सक्रियता को साफ दिखाता है। सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी यहां पर 25000 वोट से जीतेगी।" उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किसानों और दलितों के साथ छल हुआ है और ओबीसी वर्ग को आरक्षण का हक अब तक नहीं मिल पाया है। मंच से दतिया में विकास कार्यों की कमी और भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए।

जमीनी पकड़ वाले नेता का साथ, कांग्रेस के लिए कितना अहम

अवधेश नायक कोई नया चेहरा नहीं हैं, वह पहले भी दतिया विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर चुके हैं और क्षेत्र में उनकी अपनी अलग पहचान है। दतिया नगर पालिका में पार्षद रह चुके नायक को स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाला जमीनी नेता माना जाता है। यही वजह है कि उनका प्रचार में उतरना कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा माना जा रहा है, क्योंकि उनके समर्थन से पार्टी के पक्ष में कुछ अतिरिक्त वोट जुड़ सकते हैं। खुद अवधेश नायक ने भी साफ कर दिया कि वह हर हाल में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी को लेकर कहा कि उनसे मुलाकात सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि वह उन्हें छोटे भाई जैसा मानते हैं, लेकिन इस समय उनका पूरा समर्थन कांग्रेस के साथ है। इस दौरान मंच पर राजेंद्र भारती भी मौजूद रहे और उनके समर्थक भी सभा स्थल पर दिखे।

दोनों दलों में टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष

दतिया सीट पर टिकट बंटवारे को लेकर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बीजेपी में भी असंतोष देखने को मिला। पार्टी ने दतिया के मजबूत चेहरे रहे नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया, जबकि वह लगातार तीन बार यहां से विधायक चुने जा चुके थे। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था। हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा खुद आशुतोष तिवारी की नामांकन प्रक्रिया में मदद करने पहुंचे और पार्टी के साथ खड़े नजर आए। वहीं कांग्रेस के भीतर भी राजेंद्र भारती के परिजन को टिकट न मिलने पर नाराजगी की चर्चा रही। अब जबकि दोनों प्रमुख दलों की चुनावी टीमें मैदान में पूरी ताकत झोंक चुकी हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि दतिया की जनता आखिर किसके पक्ष में फैसला सुनाती है।

सवाल-जवाब

अवधेश नायक कौन हैं और वह चर्चा में क्यों हैं?
वह पहले बीजेपी में थे, साल 2023 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और इस बार दतिया से कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन टिकट न मिलने से नाराज होने के बाद अब वह कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे हैं।
दतिया उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवार कौन हैं?
बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को और कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।
जीतू पटवारी ने चुनावी सभा में क्या कहा?
जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दतिया में 25000 वोट से जीतेगी और सरकार पर किसानों, दलितों तथा ओबीसी आरक्षण को लेकर धोखा देने का आरोप लगाया।
बीजेपी में टिकट को लेकर नाराजगी किसे है?
बीजेपी ने कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया, जो लगातार तीन बार दतिया से विधायक रह चुके हैं, जिससे उनके समर्थकों ने नाराजगी जताई थी।
कांग्रेस में और कौन नाराज बताया जा रहा है?
कांग्रेस ने राजेंद्र भारती के परिवार से किसी को टिकट नहीं दिया, जिसके चलते वह भी नाराज बताए जा रहे हैं, हालांकि वह अवधेश नायक की सभा में मौजूद रहे।
अवधेश नायक की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
वह दतिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं और दतिया नगर पालिका में पार्षद भी रह चुके हैं, जिससे क्षेत्र में उनकी मजबूत जमीनी पकड़ मानी जाती है।
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