दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने कांग्रेस खेमे को राहत दी है। पार्टी से टिकट न मिलने पर नाराज बताए जा रहे नेता अवधेश नायक अब खुलकर कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे हैं।
नामांकन के बाद बदला सियासी माहौल
दतिया सीट पर बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को और कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेता पहले ही अपने-अपने नामांकन पत्र भर चुके हैं। इसी बीच सबकी नजरें अवधेश नायक पर टिकी थीं, जो कभी बीजेपी में सक्रिय रहे और साल 2023 में कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इस बार दतिया से कांग्रेस टिकट की दौड़ में उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने आखिरी वक्त पर किसी और पर भरोसा जताया। टिकट कटने के बाद अवधेश नायक की नाराजगी की चर्चाएं तेज हो गई थीं और नामांकन के बाद खुद बीजेपी नेता आशुतोष तिवारी उनसे मिलने पहुंच गए, जिससे उनकी घर वापसी की अटकलें लगने लगीं। हालांकि इसके जवाब में कांग्रेस के कई नेता भी लगातार उन्हें समझाने-मनाने में जुटे रहे और आखिरकार यह कोशिश कामयाब होती दिखी।
जीतू पटवारी के साथ मंच पर दिखे अवधेश नायक
शहर में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मौजूद रहे और अवधेश नायक उनके साथ मंच पर खड़े नजर आए, जो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में उनकी सक्रियता को साफ दिखाता है। सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी यहां पर 25000 वोट से जीतेगी।" उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किसानों और दलितों के साथ छल हुआ है और ओबीसी वर्ग को आरक्षण का हक अब तक नहीं मिल पाया है। मंच से दतिया में विकास कार्यों की कमी और भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए।
जमीनी पकड़ वाले नेता का साथ, कांग्रेस के लिए कितना अहम
अवधेश नायक कोई नया चेहरा नहीं हैं, वह पहले भी दतिया विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर चुके हैं और क्षेत्र में उनकी अपनी अलग पहचान है। दतिया नगर पालिका में पार्षद रह चुके नायक को स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाला जमीनी नेता माना जाता है। यही वजह है कि उनका प्रचार में उतरना कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा माना जा रहा है, क्योंकि उनके समर्थन से पार्टी के पक्ष में कुछ अतिरिक्त वोट जुड़ सकते हैं। खुद अवधेश नायक ने भी साफ कर दिया कि वह हर हाल में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी को लेकर कहा कि उनसे मुलाकात सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि वह उन्हें छोटे भाई जैसा मानते हैं, लेकिन इस समय उनका पूरा समर्थन कांग्रेस के साथ है। इस दौरान मंच पर राजेंद्र भारती भी मौजूद रहे और उनके समर्थक भी सभा स्थल पर दिखे।
दोनों दलों में टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष
दतिया सीट पर टिकट बंटवारे को लेकर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बीजेपी में भी असंतोष देखने को मिला। पार्टी ने दतिया के मजबूत चेहरे रहे नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया, जबकि वह लगातार तीन बार यहां से विधायक चुने जा चुके थे। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था। हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा खुद आशुतोष तिवारी की नामांकन प्रक्रिया में मदद करने पहुंचे और पार्टी के साथ खड़े नजर आए। वहीं कांग्रेस के भीतर भी राजेंद्र भारती के परिजन को टिकट न मिलने पर नाराजगी की चर्चा रही। अब जबकि दोनों प्रमुख दलों की चुनावी टीमें मैदान में पूरी ताकत झोंक चुकी हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि दतिया की जनता आखिर किसके पक्ष में फैसला सुनाती है।




















